Sanae Takaichi: जापानी पीएम दो तीन दिन के अमेरिका के लिए रवाना, पश्चिम एशिया में संघर्ष पर ट्रंप से करेंगी बां
जापानी पीएम सनाए ताकाइची ट्रंप से मिलने वॉशिंगटन पहुंचीं। पश्चिम एशिया तनाव, ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य चिंता का कारण हैं। जापान तेल कीमत बढ़ोतरी से निपटने को भंडार और सब्सिडी पर विचार कर रहा।
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जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वॉशिंगटन पहुंची। वह ऐसे समय में अमेरिका पहुंची है जब ट्रंप ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अपना ध्यान पश्चिम एशिया पर केंद्रित कर रहे हैं। वह तीन दिन के लिए अमेरिका के दौरे पर पहुंची हैं।
अपने दौरे से पहले ताकाइची ने टोक्यो में पत्रकारों से कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता खतरे में है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज की सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा भी शामिल है। क्योदो न्यूज़ ने बताया अगर मौजूदा अस्थिर स्थिति बनी रहती है, तो जापान और अमेरिका, साथ ही बाकी दुनिया के लिए हालात और भी मुश्किल हो जाएंगे।
ताकाइची के अक्टूबर 2025 में पद संभालने के बाद यह उनका पहला वॉशिंगटन दौरा है। जापान की पहली महिला पीएम बनने के बाद, उन्होंने टोक्यो में ट्रंप के साथ अपनी पहली शिखर बैठक की थी।
क्योदो न्यूज़ ने बताया कि ट्रंप पहले पीएम से व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद करेंगे। उसके बाद एक वर्किंग लंच और एक डिनर का आयोजन करेंगे। अब तक जापान ने यूएस और इस्राइल की कार्रवाइयों पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन टोक्यो ने पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर हमलों के लिए तेहरान की निंदा की है, जिससे आम नागरिकों की जान गई है।
जापान एक ऐसा देश है जो तेल के आयात पर बहुत ज़्यादा निर्भर है। होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की वजह से जापानी कंपनियों को पहले से ही तेल उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई में कमी का सामना करना पड़ रहा है। वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जापानी सरकार ने अपने रणनीतिक भंडारों से तेल निकालना शुरू कर दिया है और तेल की कीमतों में अचानक आई तेज़ी की भरपाई में मदद के लिए सब्सिडी देने की योजना बना रही है।