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JEE: जेईई एडवांस की शुचिता पर उठे सवाल, कुछ छात्रों को एक पेपर में 10 से कम तो दूसरे में 100 से अधिक अंक मिले
सीमा शर्मा, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 10 Jun 2026 06:18 AM IST
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सार
नीट यूजी पेपर लीक की चर्चाओं के बीच देश में इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी परीक्षा जेईई को लेकर भी शुचिता संबंधी सवाल उठ गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर चीटिंग हुई।
जेईई की परीक्षा देने जाते छात्र (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीट-यूजी पेपर लीक, सीबीएसई ओएसएम गड़गड़ी के बीच अब आईआईटी में दाखिले के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा-एडवांस (जेईई-एडवांस) 2026 में नकल के दाग लगे हैं। कुछ छात्रों ने इस परीक्षा में बड़े स्तर पर नकल होने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर अंकपत्रों का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए इन छात्रों ने कहा है कि मेरिट में जगह बनाने वाले कुछ परीक्षार्थियों को एक पेपर में 10 से कम तो दूसरे में 100 से अधिक अंक मिले हैं।
आरोप लगाने वाले छात्रों का कहना है कि अंकों में यह अंतर साफ तौर पर परीक्षा में धांधली की तरफ इशारा करता है। उनका कहना है कि किसी छात्र ने अगर एक पेपर में अच्छा प्रदर्शन किया है तो दूसरे में इतना कमजोर प्रदर्शन नहीं कर सकता। छात्रों के इन आरोपों पर जेईई एडवांस का आयोजन करने वाले आईआईटी रुड़की ने पूरे मामले की समीक्षा करने की बात कही है। संस्थान ने कहा है कि जेईई एडवांस 2026 मेरिट में से टॉप 10 हजार रैंक की समीक्षा की गई है। इसमें पाया कि दो मामले ऐसे हैं, जिनके एक पेपर में 100 से अधिक तो दूसरे में 10 से कम अंक आए हैं। संस्थान ने यह भी कहा कि पूरे नतीजों की समीक्षा करने के बाद सच सामने आएगा।
जेईई एडवांस का आयोजन 17 मई को किया गया था और 1 जून को नतीजे आए थे। जेईई मेन 2026 की मेरिट से टॉप ढाई लाख उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस 2026 के लिए क्वालिफाई किया था, जिसमें से 1,87,389 ने पंजीकरण तो 1,79,694 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 56,880 सफल रहे हैं, जिसमें से 10,107 बेटियां हैं। आठ साल के बाद पास फीसदी में बढ़ोतरी हुई थी।
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गड़बड़ी को बयां करते अंक
छात्रों ने सोशल मीडिया पर अंक के स्क्रीन शॉट साझा करते हुए लिखा है कि पेपर 2 निश्चित रूप से पेपर 1 से कठिन था, लेकिन न जाने किस कारण से कटऑफ अकल्पनीय रूप से अधिक था। कितने योग्य उम्मीदवारों ने अपनी सीटें खो दीं, और उनकी वर्षों की मेहनत व्यर्थ हो गई। सात छात्रों के अंक साझा किए गए हैं। पहले छात्र को पहले पेपर में 16 और दूसरे में 142 अंक मिले हैं। इसी तरह दूसरे छात्र को पहले पेपर में 3, दूसरे में 104, तीसरे छात्र को पहले पेपर में 3, दूसरे में 116, चौथे को पहले में 113, दूसरे में 6, पांचवें को पहले में 5, दूसरे में 111, छठे को पहले में मात्र दो, दूसरे में 107 और सातवें छात्र को पहले पेपर में 102 और दूसरे पेपर में मात्र 1 अंक मिले हैं।
नकल की संभावना से इन्कार नहीं
आईआईटी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जेईई एडवांस बेहद फूलप्रूफ परीक्षा होती है। इसमें आईआईटी के ही शिक्षक तैनात होते हैं। नकल की संभावना से कोई भी 100 फीसदी इन्कार नहीं कर सकता है। लेकिन, एडवांस की परीक्षा में यह संभव भी नहीं है। लेकिन छात्रों का भरोसा सर्वोपरि है, इसका रिव्यू कर रहे हैं।
आरोप लगाने वाले छात्रों का कहना है कि अंकों में यह अंतर साफ तौर पर परीक्षा में धांधली की तरफ इशारा करता है। उनका कहना है कि किसी छात्र ने अगर एक पेपर में अच्छा प्रदर्शन किया है तो दूसरे में इतना कमजोर प्रदर्शन नहीं कर सकता। छात्रों के इन आरोपों पर जेईई एडवांस का आयोजन करने वाले आईआईटी रुड़की ने पूरे मामले की समीक्षा करने की बात कही है। संस्थान ने कहा है कि जेईई एडवांस 2026 मेरिट में से टॉप 10 हजार रैंक की समीक्षा की गई है। इसमें पाया कि दो मामले ऐसे हैं, जिनके एक पेपर में 100 से अधिक तो दूसरे में 10 से कम अंक आए हैं। संस्थान ने यह भी कहा कि पूरे नतीजों की समीक्षा करने के बाद सच सामने आएगा।
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जेईई एडवांस का आयोजन 17 मई को किया गया था और 1 जून को नतीजे आए थे। जेईई मेन 2026 की मेरिट से टॉप ढाई लाख उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस 2026 के लिए क्वालिफाई किया था, जिसमें से 1,87,389 ने पंजीकरण तो 1,79,694 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 56,880 सफल रहे हैं, जिसमें से 10,107 बेटियां हैं। आठ साल के बाद पास फीसदी में बढ़ोतरी हुई थी।
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छात्रों ने सोशल मीडिया पर अंक के स्क्रीन शॉट साझा करते हुए लिखा है कि पेपर 2 निश्चित रूप से पेपर 1 से कठिन था, लेकिन न जाने किस कारण से कटऑफ अकल्पनीय रूप से अधिक था। कितने योग्य उम्मीदवारों ने अपनी सीटें खो दीं, और उनकी वर्षों की मेहनत व्यर्थ हो गई। सात छात्रों के अंक साझा किए गए हैं। पहले छात्र को पहले पेपर में 16 और दूसरे में 142 अंक मिले हैं। इसी तरह दूसरे छात्र को पहले पेपर में 3, दूसरे में 104, तीसरे छात्र को पहले पेपर में 3, दूसरे में 116, चौथे को पहले में 113, दूसरे में 6, पांचवें को पहले में 5, दूसरे में 111, छठे को पहले में मात्र दो, दूसरे में 107 और सातवें छात्र को पहले पेपर में 102 और दूसरे पेपर में मात्र 1 अंक मिले हैं।
नकल की संभावना से इन्कार नहीं
आईआईटी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जेईई एडवांस बेहद फूलप्रूफ परीक्षा होती है। इसमें आईआईटी के ही शिक्षक तैनात होते हैं। नकल की संभावना से कोई भी 100 फीसदी इन्कार नहीं कर सकता है। लेकिन, एडवांस की परीक्षा में यह संभव भी नहीं है। लेकिन छात्रों का भरोसा सर्वोपरि है, इसका रिव्यू कर रहे हैं।