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11 छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोप: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम दिल्ली रवाना, बोले- न्याय होकर रहेगा
Thu, 15 Oct 2026 03:34 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, इंफाल।
एएनआई, इंफाल।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 15 Oct 2026 03:34 PM IST
सार
जेएनयू की 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम पुलिस के समन पर इंफाल से दिल्ली रवाना हुए हैं। जेएनयू ने 9 अक्तूबर को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था और दिल्ली पुलिस ने 11 अक्तूबर को एफआईआर दर्ज की थी। अकोइजम ने कहा है कि वह अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे। वहीं, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेतृत्व पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम गुरुवार, 15 अक्तूबर को मणिपुर के इंफाल से दिल्ली के लिए रवाना हुए। उन्हें जेएनयू में यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में पुलिस ने समन भेजा है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को उनके आवास के बाहर नोटिस भी चस्पा किया था। दिल्ली रवाना होने से पहले अकोइजम ने कहा कि वह अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और न्याय होकर रहेगा। उन्होंने अपनी लड़ाई को सिर्फ अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों तक सीमित नहीं बताया, बल्कि अपने समुदाय के दशकों के दुख और अन्याय का मुद्दा भी उठाया।
दिल्ली रवाना होने से पहले कांग्रेस सांसद ने क्या कहा?
अकोइजम ने कहा, 'मैं पुलिस के समन की वजह से वहां जा रहा हूं। चिंता मत कीजिए, न्याय होकर रहेगा। यह उन सभी अन्यायों को दूर करने की शुरुआत है, जिनका सामना मेरे लोगों ने दशकों से किया है। अन्याय के खिलाफ लड़ने की यह शुरुआत है और न्याय होकर रहेगा।'
उन्होंने आगे कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ नहीं है। वह उन दशकों के दुख और परेशानियों के लिए भी लड़ेंगे, जिन्हें उनके समुदाय ने झेला है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि आज 15 अक्तूबर है।
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जेएनयू ने अकोइजम के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आरोपों की जांच के बाद 9 अक्तूबर को अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वह विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र से जुड़े हुए थे। विश्वविद्यालय के आदेश में कहा गया कि उसकी आंतरिक समिति ने जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। अकोइजम पर विश्वविद्यालय की 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
यह भी पढ़ें: इलिनॉय मंदिर पर हमले की साजिश: विदेश मंत्रालय ने जताई चिंता, कहा- यूएस में बढ़ रही नस्लीय और भारत विरोधी नफरत
दिल्ली पुलिस ने किस आधार पर दर्ज की एफआईआर?
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। यह एफआईआर 11 अक्तूबर 2026 को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में दर्ज की गई थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 लगाई गई हैं। इससे पहले पुलिस ने अकोइजम के आवास के बाहर समन से जुड़ा नोटिस चस्पा किया था। अब वह पुलिस के समन पर दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मणिपुर के इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अकोइजम के खिलाफ लगे आरोपों के मामले में कार्रवाई की मांग की गई।
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दिल्ली रवाना होने से पहले कांग्रेस सांसद ने क्या कहा?
अकोइजम ने कहा, 'मैं पुलिस के समन की वजह से वहां जा रहा हूं। चिंता मत कीजिए, न्याय होकर रहेगा। यह उन सभी अन्यायों को दूर करने की शुरुआत है, जिनका सामना मेरे लोगों ने दशकों से किया है। अन्याय के खिलाफ लड़ने की यह शुरुआत है और न्याय होकर रहेगा।'
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उन्होंने आगे कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ नहीं है। वह उन दशकों के दुख और परेशानियों के लिए भी लड़ेंगे, जिन्हें उनके समुदाय ने झेला है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि आज 15 अक्तूबर है।
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जेएनयू ने अकोइजम के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने आरोपों की जांच के बाद 9 अक्तूबर को अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया था। वह विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र से जुड़े हुए थे। विश्वविद्यालय के आदेश में कहा गया कि उसकी आंतरिक समिति ने जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। अकोइजम पर विश्वविद्यालय की 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
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दिल्ली पुलिस ने किस आधार पर दर्ज की एफआईआर?
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। यह एफआईआर 11 अक्तूबर 2026 को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में दर्ज की गई थी। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 लगाई गई हैं। इससे पहले पुलिस ने अकोइजम के आवास के बाहर समन से जुड़ा नोटिस चस्पा किया था। अब वह पुलिस के समन पर दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मणिपुर के इनर मणिपुर से कांग्रेस सांसद अकोइजम के खिलाफ लगे आरोपों के मामले में कार्रवाई की मांग की गई।