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Karnataka: डीके शिवकुमार का प्रशासनिक सुधार प्लान, अधिकारियों को 15 दिन में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश
पीटीआई, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 04 Jun 2026 04:40 PM IST
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सार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रशासन को सुधारने के लिए 15 दिनों का एक्शन प्लान तैयार करने का आदेश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता बरतने, शिक्षा पर ध्यान देने और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, हर तालुका में विशेष पुलिस दस्ते बनाने के निर्देश दिए।
डीके शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री कर्नाटक
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को राज्य के प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए एक नया रोडमैप पेश किया। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक नजरिया अपनाने और तय समय के भीतर सरकारी प्राथमिकताओं को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ाव को जरूरी बताया।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार किसी भी धर्म, जाति, प्रभाव या ऐसी किसी भी चीज के आधार पर पक्षपात में विश्वास नहीं रखती। हम पूरी तरह पारदर्शी रहेंगे, जो भी अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान करेगा, हम उसका साथ देंगे। उन्होंने सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का आदेश दिया। साथ ही, इसके कार्यान्वयन में सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने सचिवों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से जिलों और तालुकों का दौरा करें। वे वहां फील्ड मीटिंग करें और सरकारी योजनाओं की प्रगति की सीधे निगरानी करें।
मुख्यमंत्री ने मतदाता अधिकारों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का वोट देने का अधिकार नहीं छिनना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची की गणना से जुड़ी प्रक्रियाओं पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस संबंध में उचित जागरूकता और दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करें। जनता की शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों को सुनने के लिए प्रशासन में एक अलग व्यवस्था बनाई जाएगी। यह तंत्र शिकायतों की कानूनी वैधता की जांच व्यवस्थित तरीके से करेगा।
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वित्तीय प्रबंधन को लेकर उन्होंने बताया कि लगभग 8,000 से 8,500 करोड़ रुपये के सीएसआर फंड का सही हिसाब रखना और इस्तेमाल करना जरूरी है। सरकार की प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को सुधारना है। उन्होंने नए स्कूल बनाने और शिक्षा के लिए बंगलूरू की ओर होने वाले पलायन को रोकने पर जोर दिया। कैबिनेट ने सीएसआर नीति को मंजूरी दे दी है और इसके दिशा-निर्देश जल्द जारी होंगे।
ये भी पढ़ें: West Bengal: किसी को पुलिस ने पकड़ा तो कोई जनता के डर से बिस्तर से नीचे छिपा, हार के बाद TMC नेताओं पर आफत
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को किसी भी बाहरी दबाव में न आने की सलाह दी। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने हर तालुका में विशेष पुलिस दस्ते बनाने को कहा। ये दस्ते अपराधियों और उपद्रवी तत्वों पर कड़ी नजर रखेंगे। उन्होंने दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कामकाज पर असंतोष जताया। वे खुद दिल्ली जाकर इसकी समीक्षा करेंगे और वहां तैनात अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
कल्याणकारी योजनाओं पर उन्होंने साफ किया कि गारंटी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, व्यावसायिक कामों के लिए सब्सिडी वाली बिजली के गलत इस्तेमाल को रोका जाएगा। अंत में उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त और निष्पक्ष शासन के लिए सभी से सहयोग मांगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी सरकार किसी भी धर्म, जाति, प्रभाव या ऐसी किसी भी चीज के आधार पर पक्षपात में विश्वास नहीं रखती। हम पूरी तरह पारदर्शी रहेंगे, जो भी अधिकारी लोगों की समस्याओं का समाधान करेगा, हम उसका साथ देंगे। उन्होंने सभी विभागों को 15 दिनों के भीतर एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का आदेश दिया। साथ ही, इसके कार्यान्वयन में सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने सचिवों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से जिलों और तालुकों का दौरा करें। वे वहां फील्ड मीटिंग करें और सरकारी योजनाओं की प्रगति की सीधे निगरानी करें।
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मुख्यमंत्री ने मतदाता अधिकारों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का वोट देने का अधिकार नहीं छिनना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची की गणना से जुड़ी प्रक्रियाओं पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस संबंध में उचित जागरूकता और दस्तावेजों का पालन सुनिश्चित करें। जनता की शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों को सुनने के लिए प्रशासन में एक अलग व्यवस्था बनाई जाएगी। यह तंत्र शिकायतों की कानूनी वैधता की जांच व्यवस्थित तरीके से करेगा।
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मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को किसी भी बाहरी दबाव में न आने की सलाह दी। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उन्होंने हर तालुका में विशेष पुलिस दस्ते बनाने को कहा। ये दस्ते अपराधियों और उपद्रवी तत्वों पर कड़ी नजर रखेंगे। उन्होंने दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कामकाज पर असंतोष जताया। वे खुद दिल्ली जाकर इसकी समीक्षा करेंगे और वहां तैनात अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
कल्याणकारी योजनाओं पर उन्होंने साफ किया कि गारंटी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, व्यावसायिक कामों के लिए सब्सिडी वाली बिजली के गलत इस्तेमाल को रोका जाएगा। अंत में उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त और निष्पक्ष शासन के लिए सभी से सहयोग मांगा।