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Cross Voting: कर्नाटक में क्रॉस वोटिंग पर BJP सख्त, जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय समिति; 25 जून को आएगी रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 19 Jun 2026 05:06 PM IST
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सार
Karnataka Politics: कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद भाजपा ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति 25 जून तक रिपोर्ट देगी। भाजपा का आरोप है कि कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया, जिससे जेडी(एस) उम्मीदवार को नुकसान हुआ। प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले विधायकों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आइए, इस खबर को विस्तार से पढ़ते हैं...
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विस्तार
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में अप्रत्याशित नतीजों के बाद भाजपा ने अपनी ही पार्टी के विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोपों को गंभीरता से लिया है। चुनाव में कांग्रेस ने सात में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं। वहीं, भाजपा की सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) अपनी सीट बचाने में नाकाम रही। इस परिणाम के बाद भाजपा नेतृत्व को आशंका है कि गठबंधन के कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया। इसी मामले की जांच के लिए भाजपा ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
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विजयेंद्र ने बताया कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलने का समय मांगा है। वह कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर राष्ट्रीय नेतृत्व को पूरी जानकारी देंगे। भाजपा का मानना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान यह पता लगाने पर है कि आखिर किस वजह से गठबंधन उम्मीदवार को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया।
क्या है क्रॉस वोटिंग का पूरा मामला?
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने बताया कि 18 जून को हुए विधान परिषद चुनाव में कुछ भाजपा विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले की गहराई से जांच कराएगी। इसके लिए पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और एमएलसी सी.टी. रवि, पूर्व मंत्री एन. महेश और विधायक महेश तेंगिनकाई की समिति बनाई गई है। यह समिति 25 जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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क्या कुछ नामों को लेकर अटकलें तेज हैं?
चुनाव परिणाम आने के बाद कुछ विधायकों के नाम सार्वजनिक चर्चा में आए हैं। हालांकि विजयेंद्र ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस जानबूझकर भाजपा में फूट डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी अफवाह के आधार पर नहीं बल्कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैसला करेगी। भाजपा का कहना है कि सच अगले कुछ दिनों में सामने आ जाएगा।क्या दोषी विधायकों पर होगी कार्रवाई?
विजयेंद्र ने साफ कहा कि यदि कोई विधायक पार्टी के निर्देशों के खिलाफ जाकर मतदान करता पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और संगठन विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर नाराजगी है और नेतृत्व इसे गंभीर विश्वासघात के रूप में देख रहा है।क्या गठबंधन को दोनों दलों में नुकसान हुआ?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि क्रॉस वोटिंग केवल भाजपा में ही नहीं बल्कि जेडी(एस) में भी हुई है। उनके अनुसार गठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में जाने वाले छह से सात वोट जेडी(एस) से और चार से पांच वोट भाजपा से नहीं मिले। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास कुछ जानकारी है कि चुनाव के दौरान किसने राजनीतिक खेल खेला, लेकिन अभी सभी तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।विजयेंद्र ने बताया कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलने का समय मांगा है। वह कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और क्रॉस वोटिंग के मुद्दे पर राष्ट्रीय नेतृत्व को पूरी जानकारी देंगे। भाजपा का मानना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल पार्टी का पूरा ध्यान यह पता लगाने पर है कि आखिर किस वजह से गठबंधन उम्मीदवार को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाया।