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Tamil Nadu: विजय के शपथ ग्रहण में राज्य गान पर विवाद, कार्ति चिदंबरम बोले- केंद्र ने चुपके से बदली परंपरा

Mon, 11 May 2026 09:59 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 11 May 2026 09:59 PM IST
सार

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में तमिल थाई वाझथु को कार्यक्रम के अंत में बजाए जाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और द्रमुक ने इसे परंपरा के खिलाफ बताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सहयोगी दल वीसीके ने भी इस मुद्दे पर आगे कदम उठाने के संकेत दिए हैं।

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Karti Chidambaram says Centre surreptitiously altering prioritising of Tamil Nadu invocation song Vijay
कार्ति चिदंबरम - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर चुपके से राज्य गान 'तमिल थाई वाझथु' को प्राथमिकता देने की पुरानी परंपराओं को बदलने का आरोप लगाया है। यह विवाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वंदे मातरम और राष्ट्र गान बजाए जाने के बाद राज्य गान को बजाने को लेकर सामने आया है।
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कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने शपथ ग्रहण समारोह की प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि तमिलनाडु में यह स्पष्ट है कि 'तमिल थाई वाझथु' को सबसे पहले बजाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुपके से एक नया निर्देश जारी किया है, जिसने राज्य गान को कार्यक्रम के अंत में कर दिया है। 
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कार्ति चिदंबरम ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु को नीचा दिखाने का एक और प्रयास है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वे इस तरह की सलाह क्यों दे रहे हैं।

डीएमके बोली- ये जान-बूझकर किया गया
यह विवाद नए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बजाए गए गानों के क्रम से उत्पन्न हुआ है। डीएमके प्रवक्ता सर्वणन अन्नादुराई के अनुसार, समारोह 'वंदे मातरम' से शुरू हुआ, उसके बाद राष्ट्रगान बजाया गया, और अंत में तमिलनाडु का आह्वान गीत बजाया गया। 

अन्नादुराई ने कहा कि तमिलनाडु सरकार के मौजूदा आदेशों के अनुसार, हर राज्य समारोह की शुरुआत राज्य गान से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उल्लंघन न केवल मुख्य समारोह के दौरान हुआ, बल्कि प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के दौरान भी दोहराया गया। अन्नादुराई ने इसे जानबूझकर की गई कार्रवाई बताया।


वीसीके ने भी जताया एतराज
वहीं, वीसीके विधायक वन्नी अरसु ने कहा कि पार्टी नेतृत्व स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और प्रोटोकॉल में बदलाव के संबंध में आगे की कार्रवाई तय करने के लिए बैठक करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक थोल तिरुमावलवन के लौटने के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।

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एएमके ने कर दी ये मांग
मनिथनेया मक्कली कच्ची के अध्यक्ष एम.एच. जवाहरुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि "तमिल लोगों की आत्मा" राज्य गान में निहित है। उन्होंने नई सरकार से आग्रह किया कि वह भविष्य के सभी कार्यक्रमों में इसे इसके प्राथमिक स्थान पर वापस लाए। इस घटना ने तमिलनाडु में सांस्कृतिक और राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है, जिसमें परंपराओं को बनाए रखने और क्षेत्रीय पहचान के महत्व पर जोर दिया जा रहा है।

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