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Kerala: केएसआरटीसी में महिलाओं-ट्रांसजेंडरों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना शुरू, CM वीडी सतीशन ने किया उद्घाटन
आईएएनएस, तिरुवनंतपुरम
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:33 AM IST
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सार
केरल सरकार ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए केएसआरटीसी की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने तिरुवनंतपुरम में इसका उद्घाटन किया। सरकार का दावा है कि यह कदम आर्थिक सशक्तिकरण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देगा।
KSRTC
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केरल में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की योजना शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने आज यानी सोमवार को तिरुवनंतपुरम के थंपानूर सेंट्रल बस टर्मिनल से इस ऐतिहासिक योजना का उद्घाटन किया। यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) के चुनावी घोषणापत्र का एक मुख्य वादा था।
उद्घाटन समारोह में भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर परिवहन मंत्री सीपी जॉन, पिछड़ा वर्ग मंत्री केए तुलसी, मुख्य सचिव एजे जयतिलक और कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। पहली बस थंपानूर से राज्य सचिवालय तक चली, जो लगभग तीन किलोमीटर की दूरी है। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने भी इस पहली बस में सफर किया।
इन बसों में मिलेगी सुविधा
यह योजना केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की साधारण श्रेणी की बसों पर लागू होगी। राज्य में निगम की कुल 5,700 से ज्यादा बसें हैं, जिनमें से लगभग 3,125 साधारण बसें इस योजना के दायरे में आएंगी। सुबह नो बजे से इन बसों में सफर करने वाली महिलाओं को कंडक्टर जीरो-फेयर यानी मुफ्त टिकट देंगे। मुख्य सचिव जयतिलक ने कहा कि बसें भले ही साधारण हों, लेकिन यह यात्रा अनुभव असाधारण है। उन्होंने महिलाओं से बिना किसी झिझक के मुफ्त टिकट लेकर यात्रा करने की अपील की।
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महिला ड्राइवर ने क्या कहा?
इस उद्घाटन की एक खास बात यह रही कि बस की कमान वीपी शीला के हाथों में थी। शीला 13 साल पहले निगम की पहली महिला ड्राइवर बनी थीं। उन्हें इस खास मौके के लिए पेरुंबावूर से बुलाया गया था। बस में महिला कंडक्टर भी मौजूद थी। शीला ने इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बनने पर खुशी जताई।
यात्रा करने वाली महिलाओं ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे हर महीने उनके 2,500 से 3,500 रुपये तक बचेंगे, जिससे घर चलाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने साफ किया कि इस योजना का लाभ ट्रांसजेंडर समुदाय को भी मिलेगा।
ये भी पढ़ें: TMC: मूंछ मुंडवाकर 2300 KM दूर छिपा था टीएमसी नेता, करोड़ों के सोलर घोटाले का आरोप; अब केरल से हुआ गिरफ्तार
क्या बोले परिवहन मंत्री?
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने इसे केरल के परिवहन क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया। मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक निवेश है। उन्होंने कहा कि इससे होने वाली बचत बाजार में वापस आएगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। परिवहन सचिव टीवी अनुपमा ने इस योजना को लागू करने के पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए। अंत में मुख्यमंत्री ने महिलाओं को पहले मुफ्त टिकट सौंपे और सचिवालय तक की यात्रा की।
विपक्ष का आरोप
हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीति भी तेज है। एलडीएफ और भाजपा ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने अपना वादा पूरी तरह नहीं निभाया। उनके अनुसार, मुफ्त यात्रा की सुविधा सभी बसों में होनी चाहिए थी, लेकिन इसे सिर्फ साधारण बसों तक सीमित रखा गया है।
उद्घाटन समारोह में भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर परिवहन मंत्री सीपी जॉन, पिछड़ा वर्ग मंत्री केए तुलसी, मुख्य सचिव एजे जयतिलक और कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। पहली बस थंपानूर से राज्य सचिवालय तक चली, जो लगभग तीन किलोमीटर की दूरी है। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने भी इस पहली बस में सफर किया।
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इन बसों में मिलेगी सुविधा
यह योजना केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की साधारण श्रेणी की बसों पर लागू होगी। राज्य में निगम की कुल 5,700 से ज्यादा बसें हैं, जिनमें से लगभग 3,125 साधारण बसें इस योजना के दायरे में आएंगी। सुबह नो बजे से इन बसों में सफर करने वाली महिलाओं को कंडक्टर जीरो-फेयर यानी मुफ्त टिकट देंगे। मुख्य सचिव जयतिलक ने कहा कि बसें भले ही साधारण हों, लेकिन यह यात्रा अनुभव असाधारण है। उन्होंने महिलाओं से बिना किसी झिझक के मुफ्त टिकट लेकर यात्रा करने की अपील की।
महिला ड्राइवर ने क्या कहा?
इस उद्घाटन की एक खास बात यह रही कि बस की कमान वीपी शीला के हाथों में थी। शीला 13 साल पहले निगम की पहली महिला ड्राइवर बनी थीं। उन्हें इस खास मौके के लिए पेरुंबावूर से बुलाया गया था। बस में महिला कंडक्टर भी मौजूद थी। शीला ने इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बनने पर खुशी जताई।
यात्रा करने वाली महिलाओं ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे हर महीने उनके 2,500 से 3,500 रुपये तक बचेंगे, जिससे घर चलाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने साफ किया कि इस योजना का लाभ ट्रांसजेंडर समुदाय को भी मिलेगा।
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क्या बोले परिवहन मंत्री?
परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने इसे केरल के परिवहन क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया। मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक निवेश है। उन्होंने कहा कि इससे होने वाली बचत बाजार में वापस आएगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। परिवहन सचिव टीवी अनुपमा ने इस योजना को लागू करने के पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए। अंत में मुख्यमंत्री ने महिलाओं को पहले मुफ्त टिकट सौंपे और सचिवालय तक की यात्रा की।
विपक्ष का आरोप
हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीति भी तेज है। एलडीएफ और भाजपा ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार ने अपना वादा पूरी तरह नहीं निभाया। उनके अनुसार, मुफ्त यात्रा की सुविधा सभी बसों में होनी चाहिए थी, लेकिन इसे सिर्फ साधारण बसों तक सीमित रखा गया है।