कोलकाता भगदड़: मां ने बेटे के सामने तोड़ा दम, खुद भीड़ में फंसा रहा युवक; प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
बंगाल में दर्दनाक हादसे के बाद अब स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कोलकाता के जिस पूजा पंडाल में भगदड़ मची है वहां निकलने की जगह नहीं थी, लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए। कलेजा चीरने वाले मंजर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मां ने बेटे के सामने दम तोड़ दिया। युवक खुद भीड़ में फंसा रहा।
विस्तार
कोलकाता के चोरबागान में मची भगदड़ के कारण 17 लोगों की मौत हो गई। 25 लोग इस दर्दनाक हादसे में घायल भी हुए हैं। शारदीय नवरात्रि के उमंग और त्योहार के सातवें दिन दुर्गा पूजा के उत्सव में मां के साथ दर्शन करने निकले सोनू पाल ने कभी नहीं सोचा था कि शाम उनकी जिंदगी का सबसे भयावह मंजर बन जाएगी। उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बारिश के बीच उमड़ी भीड़ में सोनू की मां की दबकर मौत हो गई। सोनू खुद भी भीड़ के नीचे दब गए थे। किसी तरह संभलकर मां तक पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की कतार अफरा-तफरी में कैसे बदली?
कुम्हारटोली निवासी सोनू ने बताया कि उन्हें लगा था कि वह भी शायद नहीं बच पाते। बारिश से बचने के लिए लोग पंडाल के भीतर और प्रवेश द्वार के आसपास जमा हो रहे थे। बाहर खड़े श्रद्धालु अंदर जाने के लिए दबाव बना रहे थे। भीड़ बढ़ती गई और लोगों के लिए संभलना मुश्किल हो गया। कुछ लोग गिर पड़े और उनके ऊपर दूसरे लोग गिरते चले गए। देखते ही देखते दर्शन की कतार अफरा-तफरी में बदल गई।
बाइक की मदद से अस्पताल पहुंचाए गए पीड़ित
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उनकी बेटी और नातिन भी हादसे में घायल हुईं और अस्पताल में भर्ती हैं। कुछ लोगों के बेहोश होने की खबरें भी सामने आईं। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए कुछ लोगों ने मोटरसाइकिलों का सहारा लिया।
क्या भीड़ को संभालने के लिए भी जरूरी निर्देश नहीं दिए गए?
चोरबागान में पूजा पंडाल के बाहर मची भगदड़ में लापरवाही और अव्यवस्था की बात भी सामने आ रही है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पंडाल में आने और बाहर जाने के रास्तों की सही जानकारी देने के लिए घोषणाएं नहीं की गईं। भीड़ को संभालने के लिए भी जरूरी निर्देश नहीं दिए गए। इससे लोग उलझन में पड़ गए और अफरा-तफरी मच गई। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पंडाल में पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे। उनके मुताबिक, पुलिस की तैनाती केवल वीआईपी गेट पर थी।
अचानक चीख-पुकार मच गई
झारखंड से आए राजू ने बताया कि उन्होंने इस दुर्गा पूजा पंडाल के बारे में बहुत सुना था और सबसे पहले यहीं दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन हादसे के बाद वहां चीख-पुकार सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शी प्रियरंजन ने बताया कि दर्शन करने के बाद वह पंडाल से कुछ दूर निकल आए थे। उनके मुताबिक, शुरुआत में लोग सामान्य तरीके से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन बाद में अचानक चीख-पुकार मच गई। कॉरपोरेट क्षेत्र में काम करने वाले कोरक ने कहा कि उन्होंने भी अगले दिन से पंडालों में दर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन हादसे की खबर सुनने के बाद मन उदास है।
एंट्री गेट का टूटा हिस्सा जांच के लिए रखा गया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के लिए पंडाल के प्रवेश द्वार के टूटे हुए हिस्से को सुरक्षित रखा गया है। इस वजह से फिलहाल पंडाल में लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, कोलकाता के एक अन्य प्रसिद्ध पूजा पंडाल त्रिधारा सम्मिलानी के दरवाजे भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं।
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