Railways: ट्रेन छूटने से 15 मिनट पहले तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन, यात्रियों को राहत के लिए बनाया यह प्लान
नई व्यवस्था लागू होने पर बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ जाएगी। इससे यात्रियों को टिकट रद्द करने की जरूरत कम पड़ेगी और आखिरी समय में होने वाली परेशानी भी घटेगी। इस बदलाव से सफर की योजना बनाना ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
विस्तार
भारतीय रेल में सफर करने वाले यात्रियों की अच्छी खबर है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। नए प्रस्ताव के तहत यात्री ट्रेन का चार्ट बनने से पहले तक अपने बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग-2) ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआरआईएस) को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
क्या है नया नियम
कई बार कंफर्म टिकट बुक होने के बाद यात्रियों की यात्रा योजना बदल जाती है। मौजूदा नियमों के चलते उन्हें बोर्डिंग स्टेशन बदलने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नए प्रस्ताव के तहत इस प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी की जा रही है। अगर किसी यात्री ने एक स्टेशन से टिकट कराया है, लेकिन उसी रूट के किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहता है तो वह रिजर्वेशन चार्ट तैयार होने से पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए आवेदन कर सकेगा।
मौजूदा प्रक्रिया के तहत ट्रेनों के तय समय से करीब 10 से 20 घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट बनना शुरू हो जाता है। यात्रियों को ज्यादा सुविधा देने के लिए रेलवे बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम को इस प्रस्ताव की व्यावहारिकता जांचने को कहा है। अगर यह नई व्यवस्था लागू हो जाती है तो यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। इसके तहत सामान्य ट्रेनों में यात्री चार्ट तैयार होने से करीब तीस मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। जबकि प्रीमियम ट्रेनों जैसे वंदे भारत एक्सप्रेस में यह सुविधा ट्रेन रवाना होने या चार्ट बनने से सिर्फ 15 मिनट पहले तक मिल सकती है।
ये भी पढ़ें: Holi Special Train: होली के लिए रेलवे चला रहा है 30 स्पेशल ट्रेनें, मुंबई से बिहार के लिए बढ़ाई गई सेवाएं
सुविधा के अनुसार स्टेशन चुन सकेंगे
रेलवे बोर्ड के निदेशक ने इस नई व्यवस्था को जल्द से जल्द डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि इससे उन यात्रियों को फायदा होगा, जिन्हें अचानक अपना चढ़ने वाला स्टेशन बदलना पड़ता है। साथ ही सीटों का बेहतर प्रबंधन भी हो सकेगा। अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो यह हजारों यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। अब उन्हें बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए टिकट रद्द करने या अतिरिक्त शुल्क देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे अपनी सुविधा के अनुसार स्टेशन चुन सकेंगे।
यह प्रस्ताव अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। बोर्ड ने सीआरआईएस से कहा है कि वह इस बदलाव की तकनीकी संभावना की जांच करे। यानी सिस्टम में यह सुविधा देना कितना संभव है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट और सुझाव मिलने के बाद रेलवे बोर्ड अंतिम फैसला करेगा। मंजूरी मिलने पर ही नए नियम को आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने पर बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ जाएगी। इससे यात्रियों को टिकट रद्द करने की जरूरत कम पड़ेगी और आखिरी समय में होने वाली परेशानी भी घटेगी। इस बदलाव से सफर की योजना बनाना ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से प्रस्थान स्टेशन बदल सकेंगे। रेलवे बोर्ड के पत्र में कमर्शियल सर्कुलर नंबर 17 ऑफ 2019 का भी उल्लेख किया गया है। इस सर्कुलर के तहत उन यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति दी जाती है, जिन्होंने एक स्टेशन से टिकट बुक कराया हो लेकिन उसी रूट के किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहते हों।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.