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Maharashtra: भाजपा की संगीता खांडेकर बनीं चंद्रपुर नगर परिषद की मेयर, कांग्रेस ने लगाया हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Tue, 10 Feb 2026 05:21 PM IST
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सार

महाराष्ट्र में मेयर के चुनाव के लिए लगातार घमासान जारी है। चंद्रपुर नगर परिषद में भाजपा की मेयर चुनी गई है। अब इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर हॉर्स-ट्रेडिंग का आरोप लगाया है। 

Maharashtra BJPs Sangeeta Khandekar becomes mayor of Chandrapur Municipal Council
चंद्रपुर नगर पालिका में भाजपा की मेयर चुनी गई - फोटो : ANI Photos
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विस्तार

महाराष्ट्र में नगर परिषद  चुनाव के बाद अब मेयर को चुनने की दौड़ लगातार जारी है। कहीं मेयर चुने जा चुके है, कही अभी बाकी है, जिसकी जद्दोजहद लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज चंद्रपुर नगर पालिका में भाजपा के मेयर के चुनाव के बाद घमासान शुरू हो गया। भाजपा की पार्षद संगीता खांडेकर शिवसेना (यूबीटी) के समर्थन से मेयर चुनी गईं हैं। शिवसेना (यूबीटी) के पार्षद प्रशांत दानव डिप्टी मेयर चुने गए। इसी से परेशान होकर कांग्रेस ने पार्षद की खरीद फरोखत का आरोप लगाया है और इसके लिए उद्धव ठाकरे की पार्टी, एआईएमआईएमऔर वंचित बहुजन अघाड़ी को ज़िम्मेदार ठहराया है।

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यह पूरा घमासान उस समय शुरू हुआ जब भाजपा ने कांग्रेस को हरा दिया। इसके लिए उसने शिवसेना (यूबीटी) के पार्षदों का समर्थन हासिल किया।

कांग्रेस नेता कहा चंद्रपुर मेयर चुनाव में, BJP को 32 वोट और कांग्रेस को 31 वोट मिले। शिवसेना (यूबीटी), एमवीए और इंडिया ब्लॉक में सहयोगी है। अपने छह पार्षदों के साथ, शिवसेना (यूबीटी) से कांग्रेस को समर्थन की उम्मीद थी। लेकिन पार्टी ने भाजपा के साथ जाने का फैसला किया। 

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15 जनवरी के चुनावों में खंडित जनादेश के बाद सोमवार तक चंद्रपुर सिविक बॉडी में गठबंधन पर कोई स्पष्टता नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा की खांडेकर ने शिवसेना (यूबीटी) के समर्थन से मेयर का पद जीतने के लिए अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी को एक वोट से हराया।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सपकाल ने कहा अगर वंचित बहुजन अघाड़ी, जिसके साथ हमने नगर परिषद चुनावों में असली गठबंधन किया था, उन्होंने समर्थन किया होता, तो हमारा कैंडिडेट जीत जाता। यहां साफ तौर पर पार्षदों की खरीद फरोखत की गई है। उन्होंने आगे कहा भाजपा केवल शिवसेना (यूबीटी), एआईएमआईएम, और वीबीए की वजह से ही अपना मेयर बना पाई।

66 सदस्यों वाली नगर परिषद में कांग्रेस 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि भाजपा 23 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जिससे दोनों पार्टियों के बीच मेयर और डिप्टी मेयर की प्रतिष्ठित पोस्ट पाने की होड़ मच गई।

वहीं शिवसेना (यूबीटी) को छह सीटें मिलीं, जिनमें से तीन भारतीय शेतकारी कामगार पक्ष (जनविकास सेना) को, दो वीबीए को, और एक-एक एआईएमआईएम, बीएसपी और शिवसेना को मिली। दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी चुनाव जीता। 

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