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Mumbai: अब ड्रग्स माफियाओं पर एक्शन लेने वाली टीम को मिलेगा 30% एक्स्ट्रा इंसेंटिव, महाराष्ट्र सरकार का फैसला
Thu, 30 Jul 2026 03:48 PM IST
सुनील मेहरोत्रा
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुनील मेहरोत्रा
Updated Thu, 30 Jul 2026 03:48 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को धार देने के लिए ड्रग्स माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीम को इंसेंटिव देने का एलान किया है। आइए जानते हैं क्या है महाराष्ट्र सरकार के इस आदेश में
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मुंबई पुलिस
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
महाराष्ट्र में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को और अधिक मजबूत और असरदार बनाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बेसिक पे पर 30% प्रोत्साहन भत्ता (इंसेंटिव अलाउंस) देने की मंजूरी दे दी है।
सीएम ने विधानसभा में किया था एलान
यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में की गई घोषणा के कुछ ही दिनों बाद आया है। उन्होंने सदन में कहा था कि सक्षम और काबिल पुलिसकर्मियों को इस विशेष ड्रग-विरोधी यूनिट की तरफ आकर्षित करने के लिए यहां नौकरी करने वाले अधिकारियों को अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा।
गृह विभाग ने जारी किया आदेश
गृह विभाग द्वारा जारी जीआर में बताया गया है कि एएनटीएफ के जवान और अधिकारी अपनी जान का जोखिम उठाकर ड्रग तस्करों के नेटवर्क, जिनमें इंटरनेशनल और आर्गेनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट शामिल हैं, के खिलाफ सीक्रेट ऑपरेशंस, छापेमारी और जांच करते हैं। जीआर में इस बात का भी खास जिक्र किया गया है कि ड्यूटी के दौरान अधिकारी बेहद खतरनाक ड्रग्स के सीधे संपर्क में आते हैं, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक नुकसान का लगातार खतरा बना रहता है।
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जीआर के मुताबिक, काम की गंभीर प्रकृति और अवैध ड्रग्स की तस्करी से निपटने में शामिल बड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एएनटीएफ में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के तहत बेसिक पे के 30 प्रतिशत के बराबर इंसेंटिव अलाउंस को हरी झंडी दी है। हालांकि, यह विशेष भत्ता अधिकारियों को केवल तभी तक मिलेगा, जब तक वे एएनटीएफ में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जैसे ही कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने मूल कैडर या पुरानी यूनिट में वापस लौट आएगा, यह भत्ता अपने आप बंद हो जाएगा। इसके अलावा इस प्रोत्साहन राशि पर कोई अन्य अतिरिक्त भत्ता मान्य नहीं होगा। कुछ दिनों पहले विधानसभा में राज्य में बढ़ते ड्रग्स के खतरे पर उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा था कि सरकार एएनटीएफ की पोस्टिंग को नक्सल प्रभावित इलाकों और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जैसे दूसरे स्पेशल असाइनमेंट्स में मिलने वाले फायदों के बराबर लाकर अधिक आकर्षक बनाना चाहती है, ताकि पुलिस डिपार्टमेंट के बेस्ट ऑफिसर्स इस फोर्स से जुड़ सकें।
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सीएम ने विधानसभा में किया था एलान
यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में की गई घोषणा के कुछ ही दिनों बाद आया है। उन्होंने सदन में कहा था कि सक्षम और काबिल पुलिसकर्मियों को इस विशेष ड्रग-विरोधी यूनिट की तरफ आकर्षित करने के लिए यहां नौकरी करने वाले अधिकारियों को अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा।
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गृह विभाग ने जारी किया आदेश
गृह विभाग द्वारा जारी जीआर में बताया गया है कि एएनटीएफ के जवान और अधिकारी अपनी जान का जोखिम उठाकर ड्रग तस्करों के नेटवर्क, जिनमें इंटरनेशनल और आर्गेनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट शामिल हैं, के खिलाफ सीक्रेट ऑपरेशंस, छापेमारी और जांच करते हैं। जीआर में इस बात का भी खास जिक्र किया गया है कि ड्यूटी के दौरान अधिकारी बेहद खतरनाक ड्रग्स के सीधे संपर्क में आते हैं, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक नुकसान का लगातार खतरा बना रहता है।
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जीआर के मुताबिक, काम की गंभीर प्रकृति और अवैध ड्रग्स की तस्करी से निपटने में शामिल बड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एएनटीएफ में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के तहत बेसिक पे के 30 प्रतिशत के बराबर इंसेंटिव अलाउंस को हरी झंडी दी है। हालांकि, यह विशेष भत्ता अधिकारियों को केवल तभी तक मिलेगा, जब तक वे एएनटीएफ में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
जैसे ही कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने मूल कैडर या पुरानी यूनिट में वापस लौट आएगा, यह भत्ता अपने आप बंद हो जाएगा। इसके अलावा इस प्रोत्साहन राशि पर कोई अन्य अतिरिक्त भत्ता मान्य नहीं होगा। कुछ दिनों पहले विधानसभा में राज्य में बढ़ते ड्रग्स के खतरे पर उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा था कि सरकार एएनटीएफ की पोस्टिंग को नक्सल प्रभावित इलाकों और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जैसे दूसरे स्पेशल असाइनमेंट्स में मिलने वाले फायदों के बराबर लाकर अधिक आकर्षक बनाना चाहती है, ताकि पुलिस डिपार्टमेंट के बेस्ट ऑफिसर्स इस फोर्स से जुड़ सकें।