महाराष्ट्र: पुल से कूदने जा रहे परिवार को पुलिस ने बचाया; दिशा सालियान केस पर CM बोले- जांच का इंतजार करें
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दिशा सालियान मौत मामले में दर्ज हुई सीबीआई की एफआईआर को लेकर कहा कि अब इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी करेगी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह की अटकलें लगाना उचित नहीं है।
राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि उन्होंने अभी एफआईआर नहीं देखी है। उन्होंने बताया कि अदालत ने मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का निर्देश दिया था, जिसके बाद एजेंसी ने FIR दर्ज की। फडणवीस ने कहा कि अब हमें देखना चाहिए कि सीबीआई की जांच में क्या सामने आता है। इस समय किसी तरह की अटकलें लगाना उचित नहीं है।
दिशा सालियान की मौत के मामले में सीबीआई ने हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत एफआईआर दर्ज की है। इसमें फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। यह कार्रवाई दिशा के पिता सतीश सालियान की ओर से दायर याचिका के बाद अदालत के निर्देश पर हुई। इससे पहले 2 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की CBI जांच का आदेश दिया था। अदालत ने मुंबई पुलिस द्वारा करीब छह वर्षों तक FIR दर्ज नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस की जांच से कई सवालों के जवाब मिलने के बजाय और सवाल खड़े होते हैं।
ठाणे जिले में पुलिस की तत्परता से एक परिवार के चार लोगों की जान बच गई। पति-पत्नी अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ मंगलवार तड़के फाउंटेन ब्रिज से कूदकर जान देने की कोशिश कर रहे थे। समय रहते मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मीरा-भायंदर और वसई-विरार के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक को रात करीब 1:58 बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ फाउंटेन ब्रिज से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस हेड कांस्टेबल संतोष धुला कोकरे और कांस्टेबल विकास श्रीरंग मोहिते मौके के लिए रवाना हुए। पुलिसकर्मी करीब 20 मिनट के भीतर पुल पर पहुंच गए और परिवार को कूदने से रोक लिया।
आर्थिक तंगी से परेशान था परिवार
पुलिस के अनुसार, मीरा रोड ईस्ट निवासी व्यक्ति डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि आर्थिक परेशानियों के चलते उसने यह कदम उठाने का फैसला किया था। पुलिस ने पति-पत्नी को सुरक्षित तरीके से काशिगांव पुलिस स्टेशन पहुंचाया। वहां दोनों की काउंसलिंग की गई। इसके साथ ही पुलिस ने परिवार के भाई-बहन से भी बातचीत कर घरेलू विवाद को सुलझाने की कोशिश की। पुलिस की समय पर कार्रवाई से परिवार के चारों सदस्यों की जान बच गई और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराई गई।