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अलंकरण: मेजर कलिता को शौर्य चक्र, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र; आतंक के खिलाफ अभियान में दिखाई बहादुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/गुवाहाटी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:30 PM IST
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सार
राष्ट्रीय राइफल्स की कुमाऊं रेजीमेंट के मेजर भार्गव कलिता को आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण साहस और सफल अभियानों के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। इसी तरह भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकी ठिकानों पर सफल हवाई हमले में बहादुरी दिखाने के लिए वीर चक्र प्रदान किया गया है। पढ़िए रिपोर्ट-
ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा
- फोटो : एक्स/भारत की राष्ट्रपति
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विस्तार
राष्ट्रीय राइफल्स की कुमाऊं रेजीमेंट की 50वीं बटालियन के मेजर भार्गव कलिता को आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके असाधारण साहस, अनुकरणीय नेतृत्व और उत्कृष्ट परिचालन उपलब्धियों के कारण भारत के शांतिकालीन सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों में से एक शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
मेजर कलिता ने अक्तूबर, 2022 से कई सफल अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप तीन कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया गया और चार कट्टर ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया। कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और परिचालन उत्कृष्टता ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 2 दिसंबर, 2024 को मिली एक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, मेजर कलिता ने एक कट्टर आतंकवादी के खिलाफ सुनियोजित, नेतृत्वपूर्ण और सटीक घात लगाकर हमले को अंजाम दिया। असाधारण कौशल और सामरिक सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने अपनी टीम को आतंकवादी को पूरी तरह से चौंकाने के लिए तैनात किया और धैर्यपूर्वक आतंकवादी के निर्धारित जगह तक आने का इंतजार किया।
आतंकवादी जब सैनिकों के घेरे में फंस गया तब उसे चुनौती दी गई। उसने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और भागने की कोशिश की। मेजर कलिता ने बिना डरे सटीक गोलीबारी की और अपनी टीम को कुशलतापूर्वक तैनात करते हुए भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। उन्होंने घात लगाकर बैठे दल को लगातार निगरानी और जवाबी गोलीबारी जारी रखने का निर्देश दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो गया कि आतंकवादी वहीं फंसा रहे।
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असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हुए और अपनी जान की परवाह न करते हुए, मेजर कलिता छिपे हुए आतंकवादी की ओर रेंगते हुए बढ़े। अदम्य साहस और दृढ़ निश्चय का परिचय देते हुए, उन्होंने आतंकवादी पर हमला किया और भीषण मुठभेड़ में उसे मार गिराया। मारा गया आतंकवादी सात निर्दोष नागरिकों की हत्या और सुरक्षा बलों पर कई घातक हमलों के लिए जिम्मेदार था।
ये भी पढ़ें: शौर्य को सम्मान: मरणोपरांत बेटे को पदक मिलने पर भावुक हुई मां, राष्ट्रपति की आंखें भी नम; देखें पूरी सूची
ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान उड़ाते हुए पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले में हिस्सा लिया था। इस अभियान में दिखाई गई बहादुरी के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया। मनीष अरोड़ा इससे पहले शौर्य चक्र भी प्राप्त कर चुके हैं।
मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र
7 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनकी अगुआई में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया और अभियान पूरा किया।
मेजर कलिता ने अक्तूबर, 2022 से कई सफल अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप तीन कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया गया और चार कट्टर ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया। कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और परिचालन उत्कृष्टता ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 2 दिसंबर, 2024 को मिली एक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, मेजर कलिता ने एक कट्टर आतंकवादी के खिलाफ सुनियोजित, नेतृत्वपूर्ण और सटीक घात लगाकर हमले को अंजाम दिया। असाधारण कौशल और सामरिक सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने अपनी टीम को आतंकवादी को पूरी तरह से चौंकाने के लिए तैनात किया और धैर्यपूर्वक आतंकवादी के निर्धारित जगह तक आने का इंतजार किया।
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आतंकवादी जब सैनिकों के घेरे में फंस गया तब उसे चुनौती दी गई। उसने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और भागने की कोशिश की। मेजर कलिता ने बिना डरे सटीक गोलीबारी की और अपनी टीम को कुशलतापूर्वक तैनात करते हुए भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। उन्होंने घात लगाकर बैठे दल को लगातार निगरानी और जवाबी गोलीबारी जारी रखने का निर्देश दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो गया कि आतंकवादी वहीं फंसा रहे।
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7 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) के मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने ऑपरेशन का नेतृत्व किया। उनकी अगुआई में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया और अभियान पूरा किया।