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Hyderabad: पेंशन के लालच में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े किए; बेटे-बेटी को फांसी, पत्नी को उम्रकैद की सजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: शिवम गर्ग
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:54 AM IST
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सार
हैदराबाद की अदालत ने पेंशन और संपत्ति के लालच में 70 वर्षीय पिता की हत्या करने वाले बेटे और बेटी को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि पत्नी को उम्रकैद मिली है।
अदालत।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने सात साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की हत्या के दोषी बेटे और बेटी को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं मृतक की पत्नी को उम्रकैद की सजा दी गई है। अदालत ने तीनों को हत्या और सबूत मिटाने समेत विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।
मलकाजगिरी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए 47 वर्षीय बेटे और 36 वर्षीय बेटी को मृत्युदंड दिया, जबकि 65 वर्षीय पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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पेंशन और मकान के लिए रची गई थी साजिश
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 70 वर्षीय मृतक रेलवे में मालगाड़ी चालक थे। वर्ष 2000 में उन्होंने चिकित्सकीय आधार पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। आरोप है कि उनकी पत्नी, बेटा और बेटी उनकी पेंशन और मकान पर कब्जा करना चाहते थे ताकि अपनी ऐशो-आराम की जरूरतें पूरी कर सकें। हालांकि, मृतक ने अपनी पूरी पेंशन उनके नाम करने से इनकार कर दिया था। इसी के बाद तीनों ने मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच डाली।
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इंटरनेट पर खोजा हत्या का तरीका
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना किसी संघर्ष के हत्या करने के तरीके इंटरनेट पर तलाशे। इसी दौरान उन्हें धतूरा (Datura) के जहरीले प्रभाव के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, अगस्त 2019 की शुरुआत में बेटे ने झाड़ियों से धतूरा के फल लाकर मां और बहन को दिए। तीनों ने मिलकर उसका पाउडर तैयार किया और परीक्षण के तौर पर मृतक के भोजन में मिला दिया। इसे खाने के बाद वह अर्ध-बेहोशी की हालत में पहुंच गए थे।
खाने में जहर मिलाकर की हत्या
15 अगस्त 2019 को आरोपियों ने एक बार फिर धतूरा पाउडर भोजन में मिलाकर बुजुर्ग को खिलाया। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और अगले दिन उनकी मौत हो गई। मौत के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने शव के कई टुकड़े किए और उन्हें छह बाल्टियों में भरकर घर के भीतर रख दिया। उनका इरादा शव के अवशेषों को नाले में फेंककर बुजुर्ग के लापता होने की कहानी गढ़ने का था।
दुर्गंध ने खोली पूरी साजिश
घटना के दौरान आरोपियों के घर के सामने एक शादी समारोह चल रहा था, जिससे लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। इसी कारण वे शव के टुकड़ों को बाहर नहीं ले जा सके। दुर्गंध छिपाने के लिए उन्होंने इत्र और सुगंधित पदार्थों का भी इस्तेमाल किया। लेकिन कुछ ही दिनों में घर से तेज बदबू आने लगी। 18 अगस्त 2019 को स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने घर में जाकर देखा। वहां मानव अवशेष मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए 21 अगस्त 2019 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
अक्सर होता था विवाद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बेटा और बेटी दोनों बेरोजगार थे और अक्सर पिता से पैसे की मांग करते थे। खर्चों को लेकर परिवार में लगातार विवाद होता रहता था। आरोपियों की इच्छा थी कि मृतक की पूरी पेंशन उनके नियंत्रण में आ जाए, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने हत्या का रास्ता चुना। अब अदालत के फैसले के साथ इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है।