Hindi News
›
Video
›
India News
›
TMC MP Split News: 20 TMC MPs led by Kakoli Ghosh rebelled and met the Lok Sabha Speaker!
{"_id":"6a271f898a897d04f00eaae5","slug":"tmc-mp-split-news-20-tmc-mps-led-by-kakoli-ghosh-rebelled-and-met-the-lok-sabha-speaker-2026-06-09","type":"video","status":"publish","title_hn":"TMC MP Split News: काकोली घोष के नेतृत्व में TMC के 20 सांसदों ने की बगावत, लोकसभा स्पीकर से मिले!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
TMC MP Split News: काकोली घोष के नेतृत्व में TMC के 20 सांसदों ने की बगावत, लोकसभा स्पीकर से मिले!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Tue, 09 Jun 2026 01:31 AM IST
Link Copied
लोकसभा सांसद काकोली घोष ने कहा, "हम 20 सांसदों ने स्पीकर से अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। हम पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। साथ ही, हम पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल में फैली अराजकता, कुशासन और बेरोजगारी के खिलाफ हैं आगे क्या होगा, यह तो बाद में पता चलेगा। अभी के लिए, क्या यह काफी नहीं है कि हम बंगाल और देश के लिए काम करना चाहते हैं और भारत को सुरक्षित रखना चाहते हैं? यह एक अहम मुद्दा है। हमारे लिए देश का मुद्दा सबसे ऊपर है"
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। काकोली घोष ने दावा किया है कि उनके साथ टीएमसी के लगभग 20 सांसद हैं और इन सभी ने मिलकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपा है। पत्र में सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था करने और अपने समूह को अलग पहचान देने की मांग की है। रिपोर्टों के अनुसार, इन सांसदों ने केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के प्रति समर्थन का संकेत भी दिया है, जिससे टीएमसी के भीतर राजनीतिक संकट और गहरा गया है।
काकोली घोष दस्तीदार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिए कदम उठाना नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल और देश के हितों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि वे और उनके साथ मौजूद सांसद पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में अराजकता, कुशासन और बेरोजगारी जैसी समस्याएं बढ़ी हैं और इन मुद्दों पर आवाज उठाना आवश्यक हो गया है। काकोली घोष ने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा और जनता का हित उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है और इसी सोच के साथ उन्होंने यह फैसला लिया है।
इस घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वास्तव में 20 सांसदों का समूह पार्टी से अलग रुख अपनाता है, तो इससे संसद में टीएमसी की ताकत प्रभावित हो सकती है और पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। बागी सांसदों ने कथित तौर पर काकोली घोष दस्तीदार को अपने समूह का नेता मानने की मांग भी की है।
दूसरी ओर, टीएमसी के भीतर इस कदम को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। पार्टी के कई नेताओं ने बागी सांसदों की आलोचना की है और इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया है। इस पूरे घटनाक्रम से दिल्ली से लेकर कोलकाता तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। फिलहाल सभी की नजर लोकसभा अध्यक्ष के अगले कदम और टीएमसी नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। यदि यह विवाद और आगे बढ़ता है, तो आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।