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Ashok Gehlot Statement: The fire of rebellion has once again flared up in Rajasthan Congress, Gehlot's revelat
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Ashok Gehlot Statement:राजस्थान कांग्रेस में सुलग उठी बगावत की आग,गहलोत के खुलासे से आलाकमान हैरान!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Mon, 08 Jun 2026 02:30 AM IST
अशोक गहलोत ने वर्ष 2022 में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान राजस्थान में हुए विधायक विद्रोह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर उस समय की घटनाओं और राजनीतिक परिस्थितियों पर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। गहलोत ने कहा कि यदि सोनिया गांधी और कांग्रेस नेतृत्व उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाना चाहता, तो वह इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने से इनकार नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि उस समय जो घटनाक्रम सामने आया, उसके पीछे एक बड़ी साजिश थी।
अशोक गहलोत ने कहा कि अचानक पार्टी के पर्यवेक्षक राजस्थान पहुंचे और उसके बाद ऐसा माहौल बन गया जिसने पूरे मामले को विवादास्पद बना दिया। उनके अनुसार घटनाओं का ऐसा स्वरूप सामने आया कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचा और यह धारणा बन गई कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहते थे। गहलोत ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि लोगों को यह विश्वास दिला दिया गया कि उन्होंने मुख्यमंत्री बने रहने के लिए विधायक विद्रोह करवाया, जबकि वास्तविकता कुछ और थी। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम में उन्हें अनावश्यक रूप से बदनाम किया गया।
साल 2022 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान यह माना जा रहा था कि अशोक गहलोत पार्टी अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। उस समय राजस्थान में कांग्रेस विधायकों की बैठक और उसके बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट ने राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। बाद में गहलोत अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए और मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए।
गहलोत के ताजा बयान को कांग्रेस के अंदरूनी घटनाक्रम पर उनकी सार्वजनिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि उस दौर की परिस्थितियों को लेकर कई गलतफहमियां फैलाई गईं, जिनका राजनीतिक नुकसान उन्हें उठाना पड़ा। उनके बयान के बाद एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि 2022 के राजस्थान संकट और कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के दौरान वास्तव में क्या हुआ था तथा उस घटनाक्रम के पीछे किन राजनीतिक कारणों और रणनीतियों की भूमिका रही थी।
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