बंगाल के मतदान पर दावे: शाह बोले- TMC के भ्रष्टाचार-गुंडागर्दी का सूरज डूबा, ममता बोलीं- SIR के विरोध में जनता
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के भारी मतदान के बाद भाजपा और टीएमसी में जुबानी जंग तेज है। अमित शाह ने ढलते सूरज का वीडियो शेयर कर टीएमसी के भ्रष्टाचार के अंत और बदलाव का दावा किया। वहीं, टीएमसी ने इसे ममता बनर्जी के समर्थन में पड़ी वोटिंग बताया है। आइए, विस्तार से दोनों के दावों को समझते हैं।
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The sun of the TMC's corruption and hooliganism has set.
— Amit Shah (@AmitShah) April 23, 2026
তৃণমূলের দুর্নীতি ও গুন্ডারাজের সূর্য অস্ত গেছে। pic.twitter.com/9n1sSPNeoT
मतदान खत्म होने के बाद दावों और पलटवार का दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ढलते हुए सूरज का एक वीडियो पोस्ट किया है। उन्होंने इस वीडियो के जरिए तंज कसते हुए दावा किया है कि टीएमसी के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज अब डूब रहा है और बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है। दूसरी तरफ, टीएमसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी का कहना है कि यह भारी मतदान सत्ता बदलने के लिए नहीं, बल्कि ममता सरकार के भारी समर्थन और भाजपा के कड़े विरोध में हुआ है।
क्या पहले चरण में टीएमसी को मिल रही है बड़ी जीत?
टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने बंपर वोटिंग पर खुशी जताते हुए एक बहुत बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि मतदान का बढ़ता हुआ प्रतिशत सीधे तौर पर सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में गया है। कुणाल घोष का अनुमान है कि पहले चरण में जिन 152 सीटों पर चुनाव हुए हैं, उनमें से टीएमसी कम से कम 125 सीटें जीतने जा रही है और यह आंकड़ा 134 तक भी जा सकता है। उनका मानना है कि बंगाल की जनता ने पहले ही चरण में भाजपा की कमर तोड़ दी है और ममता बनर्जी की लगातार चौथी बार सरकार बनने का रास्ता साफ कर दिया है। नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर भी टीएमसी ने अपनी बड़ी जीत का दावा किया है।
क्या महिलाओं के भारी मतदान ने बदल दिया है खेल?
बंगाल के शिक्षा मंत्री और टीएमसी नेता ब्रात्य बसु ने भारी मतदान को लेकर भाजपा के दावों की हवा निकालने की कोशिश की है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्यादा वोटिंग का मतलब हमेशा सरकार बदलना नहीं होता है। टीएमसी नेताओं का सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि राज्य की महिलाओं ने भारी संख्या में घर से बाहर निकलकर वोट डाला है। उनका मानना है कि महिलाओं का यह भारी मतदान ममता बनर्जी पर उनके भरोसे और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा असर है। टीएमसी का कहना है कि विपक्षी दलों के उकसावे के बावजूद राज्य में चुनाव काफी शांतिपूर्ण रहा।
चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों से नाराज है टीएमसी
एक तरफ टीएमसी अपनी भारी जीत का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ उसने चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। टीएमसी नेताओं का सीधा कहना है कि चुनाव आयोग शुरुआत से ही बंगाल और उनकी पार्टी के खिलाफ काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय बलों को जनता की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि बंगाल के लोगों को डराने और धमकाने के लिए तैनात किया गया था। इन तमाम आरोपों और दावों के बीच 89.93 प्रतिशत वोटिंग ने बंगाल के इस चुनाव को और भी रोमांचक बना दिया है।
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