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मंगलूरू कुकर बम धमाका केस: आज आ सकता है फैसला, गृह मंत्री परमेश्वर बोले- नतीजे के बाद होगी आगे की कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: Pavan Updated Mon, 27 Apr 2026 03:34 PM IST
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सार

कर्नाटक के मंगलूरू में हुए बम धमाके में विशेष एनआईए कोर्ट आज फैसला सुना सकती है। वहीं मामले की जांच कर रही एनआईए का दावा है कि आरोपी जिस मॉड्यूल से जुड़ा था वही मॉड्यूल 2024 में बंगलूरू के रामेश्वरम कैफे में हुए ब्लास्ट से भी जुड़ा हो सकता है, जिसमें इसी तरह के आईईडी के इस्तेमाल की बात कही गई थी।

Mangaluru blast verdict likely today, will act based on outcome: K'taka Home Minister
जी. परमेश्वर, गृह मंत्री, कर्नाटक - फोटो : ANI
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विस्तार

बंगलूरू में 2022 के चर्चित मंगलूरू कुकर बम धमाका मामले में आज बड़ा फैसला आने की उम्मीद है। इस केस की सुनवाई कर रही स्पेशल एनआई कोर्ट आज अपना निर्णय सुना सकती है। इससे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि उन्हें अदालत से निष्पक्ष फैसला आने की उम्मीद है और सरकार उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
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पुलिस की भूमिका पर क्या बोले गृह मंत्री?
वहीं राज्य के गृह मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस ने कानून के तहत अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई है। जरूरी सबूत इकट्ठा कर कोर्ट में पेश किए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हमें न्यायपूर्ण फैसला मिलने की उम्मीद है, बाकी हमें इंतजार करना चाहिए।' उन्होंने यह भी साफ किया कि इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी अलग बात है, लेकिन असली महत्व कानूनी प्रक्रिया का है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला 19 नवंबर 2022 का है, जब मंगलूरू में एक ऑटो रिक्शा के अंदर कुकर बम धमाका हुआ था। इस धमाके में मुख्य आरोपी मोहम्मद शारिक खुद ही गंभीर रूप से झुलस गया था, क्योंकि बम समय से पहले फट गया था। जांच एजेंसी एनआईए के मुताबिक, वह इस बम को कहीं लगाने ले जा रहा था, लेकिन टाइमर में गड़बड़ी के कारण विस्फोट हो गया।

आरोपी ने तीन साल बाद कबूला जुर्म
करीब तीन साल बाद इस केस में बड़ा मोड़ तब आया जब मोहम्मद शारिक ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया। पहले उसने 2024 में आरोप तय होने पर खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन दिसंबर 2025 में उसने अपना बयान बदलते हुए अपराध स्वीकार कर लिया। उसने सीआरपीसी की धारा 229 के तहत दोषी मानने की याचिका दाखिल की थी।

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आईएसआईएस से प्रेरित था आरोप शारिक- एनआईए
एनआईए के अनुसार, मोहम्मद शारिक शिवमोगा के एक ऐसे मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है जो कथित तौर पर आतंकी संगठन आईएसआईएस से प्रेरित था और 2020 से कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है। बताया जाता है कि वह पहले भी देश विरोधी संदेश दीवारों पर लिखने के मामले में गिरफ्तार हो चुका था।

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