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मणिपुर को फिर हिंसा की आग में झोंकने की साजिश?: थौबल में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, गोलीबारी में एक की मौत
Mon, 19 Oct 2026 09:32 AM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, इंफाल, मणिपुर
पीटीआई, इंफाल, मणिपुर
Published by: अमन मौर्या
Updated Mon, 19 Oct 2026 09:32 AM IST
सार
मणिपुर के थौबल जिले में दो समुदायों के बीच हुई झड़प और गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। तनाव को देखते हुए प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
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मणिपुर हिंसा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मणिपुर के थौबल जिले में दो समुदायों के बीच हुई झड़प में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिसके तहत लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। इन इलाकों में कुछ घरों और वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, तनाव तब शुरू हुआ जब थौबल पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खंगाबोक गांव (जो इंफाल से लगभग 25 किमी दक्षिण में है) में कुछ लोगों ने कथित तौर पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। वहां रविवार रात एक कार्यक्रम (कॉन्सर्ट) चल रहा था।
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इस घटना के बाद खंगाबोक और संगैयुमफम के दो समुदायों के लोगों के बीच पत्थरबाजी हुई और कुछ घरों व वाहनों को जला दिया गया। कुछ अज्ञात उपद्रवियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति के सिर में गोली लग गई। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान लैशराम राकेश के रूप में हुई है। पत्थर लगने से घायल हुए कई अन्य लोगों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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पुलिस ने बताया कि दोनों गांवों में राज्य और केंद्र के अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। सोमवार सुबह तक स्थिति नियंत्रण में है। थौबल के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा रविवार रात जारी निषेधाज्ञा में कहा गया है, 'कुछ असामाजिक तत्वों की गैर-कानूनी गतिविधियों के कारण शांति भंग होने, सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने और लोगों की जान-माल को खतरा होने की आशंका है।' जिला मजिस्ट्रेट ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत खंगाबोक और संगैयुमफम इलाकों में लोगों को रविवार रात 11 बजे के बाद अपने घरों से बाहर न निकलने का निर्देश दिया। इस धारा के तहत प्रशासन को किसी तत्काल खतरे या सार्वजनिक उपद्रव को रोकने के लिए अस्थायी आदेश जारी करने का अधिकार है। हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया है कि ये पाबंदियां कब तक लागू रहेंगी।
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इस घटना के बाद खंगाबोक और संगैयुमफम के दो समुदायों के लोगों के बीच पत्थरबाजी हुई और कुछ घरों व वाहनों को जला दिया गया। कुछ अज्ञात उपद्रवियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति के सिर में गोली लग गई। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान लैशराम राकेश के रूप में हुई है। पत्थर लगने से घायल हुए कई अन्य लोगों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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पुलिस ने बताया कि दोनों गांवों में राज्य और केंद्र के अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। सोमवार सुबह तक स्थिति नियंत्रण में है। थौबल के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा रविवार रात जारी निषेधाज्ञा में कहा गया है, 'कुछ असामाजिक तत्वों की गैर-कानूनी गतिविधियों के कारण शांति भंग होने, सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने और लोगों की जान-माल को खतरा होने की आशंका है।' जिला मजिस्ट्रेट ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत खंगाबोक और संगैयुमफम इलाकों में लोगों को रविवार रात 11 बजे के बाद अपने घरों से बाहर न निकलने का निर्देश दिया। इस धारा के तहत प्रशासन को किसी तत्काल खतरे या सार्वजनिक उपद्रव को रोकने के लिए अस्थायी आदेश जारी करने का अधिकार है। हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया है कि ये पाबंदियां कब तक लागू रहेंगी।