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ड्राइवरों के लिए मराठी जरूरी: 100 दिन तक सरकार चलाएगी सख्त अभियान, बिना भाषा जाने सड़क पर उतरें तो क्या होगा?

पीटीआई, मुंबई Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Tue, 28 Apr 2026 06:14 PM IST
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सार

महाराष्ट्र में 1 मई से 15 अगस्त तक ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की जांच का विशेष अभियान चलेगा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि जो चालक मराठी नहीं जानते, उनका लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं होगा, बल्कि RTO में उन्हें भाषा सीखने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा करने पर सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जो लाइसेंस रिन्यूअल के लिए जरूरी होगा। हालांकि, अवैध परिवहन और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

Marathi must for auto taxi drivers in Maharashtra special verification drive from May minister pratap sarnaik
महाराष्ट्र में ड्राइवरों को सीखनी होगी मराठी - फोटो : PTI
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विस्तार

महाराष्ट्र में अगर आपको ऑटो या टैक्सी चलानी है, तो अब आपके लिए एक नया नियम लागू होने जा रहा है। राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में व्यवसाय करने वालों को स्थानीय भाषा आनी ही चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि सड़कों पर गाड़ी चलाने वाले सभी ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा का ज्ञान हो।
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महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस नए नियम और अभियान की पूरी जानकारी दी। उन्होंने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 1 मई से लेकर 15 अगस्त तक पूरे राज्य में एक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 100 दिनों तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि चालकों को मराठी आती है या नहीं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल भाषा न आने पर किसी का लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किया जाएगा, लेकिन नियमों को तोड़ने वालों और अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई जरूर की जाएगी।
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अभियान की निगरानी कैसे और कौन करेगा?
 
  • यह विशेष जांच अभियान महाराष्ट्र के सभी 59 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में एक साथ चलाया जाएगा।
  • अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवींद्र गायकवाड़ की अध्यक्षता वाली एक विशेष समिति इस अभियान की पूरी निगरानी करेगी।
  • यह समिति दैनिक और साप्ताहिक आधार पर चेकिंग अभियान की रिपोर्ट लेगी और अधिकारियों के संपर्क में रहेगी।
  • निरीक्षण से जो भी रिपोर्ट सामने आएगी, उसके आधार पर समिति सभी अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी करेगी।

क्या मीरा-भयंदर में पहले ही हो चुकी है चेकिंग?
 
  • मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि हाल ही में मीरा-भयंदर इलाके में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया था।
  • इस अभियान के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कुल 3,443 ऑटो-रिक्शा की कड़ी चेकिंग की थी।
  • इस चेकिंग में यह पाया गया कि 565 ऑटो चालकों को मराठी भाषा का ज्ञान बिल्कुल नहीं था।
  • हालांकि, राहत की बात यह रही कि इन सभी 565 चालकों ने मराठी भाषा सीखने की इच्छा जरूर जताई है।

चालकों को मराठी सीखने में सरकार कैसे करेगी मदद?
 
  • जो भी ऑटो और टैक्सी चालक मराठी सीखना चाहते हैं, उन्हें आरटीओ कार्यालयों में विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
  • चालकों को कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के माध्यम से भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • सरकार की तरफ से चालकों को आसानी से भाषा सीखने के लिए विशेष बुकलेट और ई-सामग्री भी मुफ्त में दी जाएगी।
  • यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी चालक का रोजगार न छिने और वे आसानी से नियम का पालन करना सीख सकें।

मराठी सीखने के बाद चालकों को क्या मिलेगा?
जो भी चालक सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह भाषा प्रशिक्षण पूरा करेंगे, उन्हें एक विशेष प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट) दिया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से जारी किया गया यह सर्टिफिकेट लाइसेंस रिन्यूअल (नवीनीकरण) के समय अनिवार्य रूप से दिखाना होगा। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो लोग भाषा सीखना चाहते हैं, उन्हें मौका देना राज्य की अच्छी परंपरा का हिस्सा है। लेकिन जो लोग जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करेंगे और भाषा नहीं सीखेंगे, उनके साथ सरकार कोई भी समझौता नहीं करेगी।

100 दिन के अभियान के बाद आगे क्या होगा?
परिवहन मंत्री ने बताया कि इस नियम को लेकर ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने भी सरकार को अपना पूरा और खुला समर्थन दिया है। 1 मई से शुरू होने वाला यह सघन और सख्त जांच अभियान 15 अगस्त को जाकर खत्म होगा। इसके बाद 16 अगस्त को इस 100 दिवसीय अभियान की एक विस्तृत और व्यापक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। इसी फाइनल रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार भविष्य के लिए आगे के नीतिगत फैसले और नए नियम तय करेगी।


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