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'मैड हैटर पार्टी में नहीं जाना था': चलो दिल्ली रैली पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज का तंज, सीजेपी पर क्या बोले?
Mon, 02 Nov 2026 03:55 PM IST
अमन मौर्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Mon, 02 Nov 2026 03:55 PM IST
सार
दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी गठबंधन की रैली पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू का बयान सामने आया है। उन्होंने रैली में शामिल न होने का कारण बताते हुए इसकी तुलना 'मैड हैटर पार्टी' से की है। उन्होंने सीजेपी पर भी तंज कसा।
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मार्कंडेय काटजू, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
एक नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी गठबंधन की रैली को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू का बयान सामने आया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में बताया कि किसी ने मुझसे पूछा कि मैं कल की रामलीला रैली में क्यों नहीं गया। मैंने जवाब दिया कि मुझे वहां जाने की कोई इच्छा नहीं थी। उन्होंने रैली की तुलना 'एलिस इन वंडरलैंड' की 'मैड हैटर पार्टी' से करते हुए कहा, 'मुझसे किसी ने पूछा कि मैं कल रामलीला मैदान की रैली में क्यों नहीं गया। मैंने जवाब दिया कि मुझे एलिस इन वंडरलैंड की मैड हैटर पार्टी में जाने की कोई इच्छा नहीं थी।'
बता दें कि मैड हैटर टी पार्टी प्रसिद्ध अंग्रेजी उपन्यास एलिस इन वंडरलैंड का एक बहुत ही लोकप्रिय दृश्य है। यह पूरी कहानी का सबसे मजेदार और अजीब दृश्यों में से एक है। यह अपनी बिना सिर-पैर की बातचीत और पागलपन भरे माहौल के लिए जाना जाता है।
ये भी पढ़ें: 'लोकतंत्र खत्म करने वाले अब बचाने की रैली कर रहे': अमित शाह की पदयात्रा पर राउत का तंज, राहुल पर क्या बोले?
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क्या सीजेपी की इमेज भगोड़े वाली बनी?
पूर्व जज ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की स्थिति पर भी तंज कसा। अपने एक्स हैंडल पर एक व्यंग्यात्मक पंक्ति पोस्ट करते हुए लिखा, 'जब शमशीरों की मार पड़ी, तो महाराज बोले- मैं नहीं हूं।' इसके पहले एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व जज ने कहा कि सीजेपी नेताओं की छवि अब भगोड़े वाली बन गई है। इनके पीस बॉन्ड साइन करने की वजह से अब जनता इन पर विश्वास भी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पीस बॉन्ड साइन किया, उनका करियर अब खत्म है। इन पर अब जनता विश्वास नहीं करेगी क्योंकि भगोड़े वाली इमेज बन गई है।
ये भी पढ़ें: 'घुसपैठियों के नाम हटाने से परेशान हैं': सीएम हिमंत का राहुल गांधी पर तीखा हमला, दिल्ली प्रदर्शन पर क्या बोले?
सीजेपी के पीस बॉन्ड पर क्या कहा?
पूर्व जज ने सीजेपी के पीस बॉन्ड की तुलना माफीनामे से की और कहा कि जब अंग्रेजी शासन था तो जिन क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया जाता था, उनसे यही कहा जाता था कि माफी मांग लो तो छोड़ देंगे वरना तुम सड़ो कालापानी में। जो माफीनामा लिखते थे उनका करियर खत्म। जनता कभी विश्वास करेगी ऐसे लोगों पर?
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बता दें कि मैड हैटर टी पार्टी प्रसिद्ध अंग्रेजी उपन्यास एलिस इन वंडरलैंड का एक बहुत ही लोकप्रिय दृश्य है। यह पूरी कहानी का सबसे मजेदार और अजीब दृश्यों में से एक है। यह अपनी बिना सिर-पैर की बातचीत और पागलपन भरे माहौल के लिए जाना जाता है।
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क्या सीजेपी की इमेज भगोड़े वाली बनी?
पूर्व जज ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की स्थिति पर भी तंज कसा। अपने एक्स हैंडल पर एक व्यंग्यात्मक पंक्ति पोस्ट करते हुए लिखा, 'जब शमशीरों की मार पड़ी, तो महाराज बोले- मैं नहीं हूं।' इसके पहले एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में पूर्व जज ने कहा कि सीजेपी नेताओं की छवि अब भगोड़े वाली बन गई है। इनके पीस बॉन्ड साइन करने की वजह से अब जनता इन पर विश्वास भी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पीस बॉन्ड साइन किया, उनका करियर अब खत्म है। इन पर अब जनता विश्वास नहीं करेगी क्योंकि भगोड़े वाली इमेज बन गई है।
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सीजेपी के पीस बॉन्ड पर क्या कहा?
पूर्व जज ने सीजेपी के पीस बॉन्ड की तुलना माफीनामे से की और कहा कि जब अंग्रेजी शासन था तो जिन क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया जाता था, उनसे यही कहा जाता था कि माफी मांग लो तो छोड़ देंगे वरना तुम सड़ो कालापानी में। जो माफीनामा लिखते थे उनका करियर खत्म। जनता कभी विश्वास करेगी ऐसे लोगों पर?