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विदेश मंत्रालय: जयशंकर का अमेरिका और कैरेबियाई देशों का दौरा, जी20 और क्वाड की बैठकों में होंगे शामिल
Wed, 28 Oct 2026 05:07 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 28 Oct 2026 05:07 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 30-31 अक्तूबर को अमेरिका में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक और क्वाड बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद वह एंटीगुआ और बारबुडा में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। लेकिन इन बैठकों का मुख्य एजेंडा क्या होगा? भारत दूसरे देशों के साथ किन मुद्दों पर बातचीत करेगा? राष्ट्रमंडल बैठक की थीम क्या है और इससे भारत को क्या अवसर मिल सकते हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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रणधीर जायसवाल
- फोटो : एएनआई
विस्तार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 30 और 31 अक्तूबर को अमेरिका के अटलांटा में होने वाली जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस दौरे के दौरान जयशंकर क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे और अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
अटलांटा के दौरे के बाद वह एंटीगुआ और बारबुडा के सेंट जॉन्स जाएंगे, जहां 1 से 4 नवंबर तक होने वाली राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस बैठक की थीम ‘समृद्ध राष्ट्रमंडल के लिए साझेदारी और निवेश में तेजी लाना’ है। भारत ने इस आयोजन में भाग लेने की उम्मीद जताई है। इन बैठकों में भारत को वैश्विक मुद्दों पर दूसरे देशों के साथ बातचीत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को लेकर जो नीति अपनाई थी, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले के बाद तय की गई पाकिस्तान नीति अब भी लागू है। जायसवाल का यह बयान भारत के पाकिस्तान के प्रति मौजूदा रुख को लेकर आया है। उन्होंने कहा कि इस नीति में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
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मुक्त व्यापार समझौते पर क्या बोले?
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो चुकी है और अब प्रक्रियागत मुद्दों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की समझ यह है कि समझौते पर साल के अंत तक जल्द से जल्द हस्ताक्षर किए जाएं, ताकि इसे भी जल्द लागू किया जा सके। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए फिलहाल जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने पर काम चल रहा है।
पश्चिम एशिया में कितने भारतीयों की मौत हुई?
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 22 भारतीयों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 14 नाविक भी शामिल हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर बेहद चिंतित है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय नागरिकों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है।
आतंकवाद के वित्तपोषण पर क्या बोले?
आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमा पार आतंकवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख इस मुद्दे पर स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक फिलहाल चल रही है और इसमें भारत की भागीदारी के बारे में आगे जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना जरूरी है। वैश्विक समुदाय को आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ और मजबूती से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इसे हराया जा सके।
ऊर्जा आयात को लेकर क्या कहा?
ऊर्जा आयात को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत की ऊर्जा खरीद देश की कंपनियां करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनियां राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा खरीदने का फैसला करती हैं। इस दौरान बाजार की स्थिति, व्यावसायिक परिस्थितियों, तकनीकी जरूरतों और वैश्विक हालात पर भी विचार किया जाता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश से ऊर्जा खरीदते समय कंपनियां उस समय उपलब्ध परिस्थितियों और जरूरतों के आधार पर निर्णय लेती हैं।
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अटलांटा के दौरे के बाद वह एंटीगुआ और बारबुडा के सेंट जॉन्स जाएंगे, जहां 1 से 4 नवंबर तक होने वाली राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस बैठक की थीम ‘समृद्ध राष्ट्रमंडल के लिए साझेदारी और निवेश में तेजी लाना’ है। भारत ने इस आयोजन में भाग लेने की उम्मीद जताई है। इन बैठकों में भारत को वैश्विक मुद्दों पर दूसरे देशों के साथ बातचीत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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रणधीर जायसवाल ने आगे कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को लेकर जो नीति अपनाई थी, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले के बाद तय की गई पाकिस्तान नीति अब भी लागू है। जायसवाल का यह बयान भारत के पाकिस्तान के प्रति मौजूदा रुख को लेकर आया है। उन्होंने कहा कि इस नीति में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।
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मुक्त व्यापार समझौते पर क्या बोले?
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो चुकी है और अब प्रक्रियागत मुद्दों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की समझ यह है कि समझौते पर साल के अंत तक जल्द से जल्द हस्ताक्षर किए जाएं, ताकि इसे भी जल्द लागू किया जा सके। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए फिलहाल जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने पर काम चल रहा है।
पश्चिम एशिया में कितने भारतीयों की मौत हुई?
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 22 भारतीयों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 14 नाविक भी शामिल हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर बेहद चिंतित है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय नागरिकों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है।
आतंकवाद के वित्तपोषण पर क्या बोले?
आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमा पार आतंकवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख इस मुद्दे पर स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक फिलहाल चल रही है और इसमें भारत की भागीदारी के बारे में आगे जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना जरूरी है। वैश्विक समुदाय को आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ और मजबूती से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इसे हराया जा सके।
ऊर्जा आयात को लेकर क्या कहा?
ऊर्जा आयात को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत की ऊर्जा खरीद देश की कंपनियां करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनियां राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा खरीदने का फैसला करती हैं। इस दौरान बाजार की स्थिति, व्यावसायिक परिस्थितियों, तकनीकी जरूरतों और वैश्विक हालात पर भी विचार किया जाता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश से ऊर्जा खरीदते समय कंपनियां उस समय उपलब्ध परिस्थितियों और जरूरतों के आधार पर निर्णय लेती हैं।