46 दिन बाद महबूबा मुफ्ती का ट्विटर अकाउंट हुआ एक्टिव, सरकार से हिरासत में बंद लोगों का मांगा ब्योरा
- महबूबा मुफ्ती ने हिरासत में बंद लोगों का ब्योरा मांगा
- बेटी इल्तिजा के माध्यम से लिखा सरकार को पत्र
- हर कश्मीरी पत्थरबाज या आतंकी नहीं : इल्तिजा
विस्तार
Ms Mehbooba Mufti, former Chief Minister J&K to whom this twitter handle belongs has been detained since 5th August 2019 without access to the account. This handle is now operated by myself, Iltija daughter of Ms Mufti with due authorisation.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) September 20, 2019
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने सरकार से बच्चों और महिलाओं सहित पांच अगस्त के बाद हिरासत में लिए गए लोगों की जानकारी मुहैया कराने को कहा है। मुफ्ती ने राज्य के बाहर जेलों में बंद लोगों का भी ब्योरा मांगा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद नजरबंद महबूबा ने अपनी बेटी इल्तिजा के माध्यम से यह पत्र केंद्रीय गृहसचिव और जम्मू-कश्मीर के सचिव को भेजा है।
I, Iltija emailed the Home Secretary of GOI & Home Secretary of J&K on 18th September seeking certain information for my mother, Ms Mufti. I am still awaiting a response. 👇🏻 pic.twitter.com/ZtjFodUMEV
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) September 20, 2019
इल्तिजा ने पत्र में कहा कि मेरी मां को 5 अगस्त की शाम से हिरासत में रखा गया है। मैं पिछले हफ्ते कुछ मिनट के लिए उनसे मिली थी। इस दौरान मेरी मां ने राष्ट्रपति द्वारा जारी सांविधानिक आदेशों और पुनर्गठन कानून पारित होने के बाद हुई गिरफ्तारियों और हिरासत में लोगों को रखने पर चिंता जताई है।
इस पत्र को महबूबा के ट्विटर हैंडल पर भी पोस्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि वह मां का ट्विटर हैंडल वह उनकी अनुमति से संचालित कर रही हैं। बता दें कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला समेत कई अलगाववादी नेता हिरासत में हैं।
हर कश्मीरी पत्थरबाज या आतंकी नहीं : इल्तिजा
जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने शुक्रवार को कहा कि हर कश्मीरी पत्थरबाज या आतंकी नहीं है। इल्तिजा ने मां महबूबा और अन्य नेताओं को नजरबंद करने पर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा।
इल्तिजा ने कहा कि हर कश्मीरी को आतंकी समझना गलत है। उन्होंने इस दावे को भी चुनौती दी कि राजनीतिक परिवारों ने वर्षों तक कश्मीर को बर्बाद किया। इल्तिजा ने कहा कि सरकार कुछ परिवारों की कहानी बार-बार सुनाती है क्योंकि इन कहानियों से उसका कथानक बनता है।
नेताओं को सुरक्षा का हवाल देकर नजरबंद किये जाने पर निशाना साधते हुए इल्तिजा ने कहा, हम मॉब लिंचिंग की इतनी घटनाओं के बारे में सुनते हैं, लेकिन क्या किसी को इस सिलसिले में नजरबंद किया गया।
हरियाणा को दुष्कर्म का गढ़ कहा जाता है तो क्या हरियाणा के हर पुरुष को सरकार दुष्कर्मी करार देगी। जम्मू कश्मीर में 5 अगस्त को विशेष दर्जा खत्म करने के बाद से तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कई नेताओं को नजरबंद रखा गया है।

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