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भारतीय नियमों के आगे झुका मेटा?: बाल शोषण और डीपफेक को माना गंभीर मुद्दा, सरकार बोली- US के कानून नहीं चलेंगे
Thu, 06 Aug 2026 09:15 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 06 Aug 2026 09:15 PM IST
सार
भारत सरकार ने मेटा के साथ लगातार दूसरे दिन बैठक कर साफ कर दिया कि देश में काम करने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा। सरकार ने एआई, डीपफेक, बाल यौन शोषण सामग्री और कंटेंट मॉडरेशन पर जवाब मांगा है। साथ ही आईटी नियमों को और सख्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। क्या अब मेटा को अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव करना पड़ेगा?
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मेटा
- फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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विस्तार
भारत सरकार ने मेटा के खिलाफ अपनी निगरानी और सख्त कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी की वैश्विक टीम के साथ लगातार दूसरे दिन बैठक की। सरकार ने स्पष्ट कहा कि भारत में कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अमेरिकी कानूनों के आधार पर नहीं चल सकता। उसे भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करना होगा। बैठक में एआई, डीपफेक, बाल यौन शोषण सामग्री, कंटेंट मॉडरेशन और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी के साथ सरकार ने आईटी नियमों को और सख्त करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।
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क्या सरकार ने मेटा से क्या कहा और जांच क्यों बढ़ाई?
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि भारत में काम करने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वे समाज और कानून दोनों के प्रति जवाबदेह रहें। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी मामलों को विस्तार से समझा जा रहा है और यह देखा जा रहा है कि मेटा के प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का किस हद तक पालन कर रहे हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अलग नियामक बनाने पर विचार नहीं किया जा रहा है। मौजूदा संवैधानिक और कानूनी व्यवस्था के तहत ही कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने मेटा से उसके एल्गोरिद्म, कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम, सुरक्षा उपायों और अनुपालन व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी मांगी।
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