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West Bengal: कोलकाता एयरपोर्ट की 130 साल पुरानी मस्जिद में तीन दिन के लिए नमाज स्थगित, किस वजह से लगी रोक?
Sat, 11 Jul 2026 11:37 PM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:37 PM IST
सार
कोलकाता एयरपोर्ट परिसर स्थित 130 साल से अधिक पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद में मरम्मत कार्य के चलते तीन दिनों के लिए नमाज स्थगित कर दी गई है। इस बीच भाजपा ने मस्जिद की मौजूदगी को सुरक्षा से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है।
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कोलकाता एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अंदर स्थित 130 साल से अधिक पुरानी गौरीपुर जामा मस्जिद में शनिवार से तीन दिनों के लिए नमाज स्थगित कर दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि मस्जिद के जीर्णोद्धार यानी मरम्मत कार्य के कारण यह फैसला लिया गया है। इस मस्जिद को बांकरा मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है। यह हवाई अड्डे के दूसरे रनवे से कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। अधिकारी ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि मस्जिद में दो से तीन दिनों तक निर्माण कार्य चलेगा। इसी वजह से इस अवधि के दौरान नमाज के लिए मस्जिद में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
भाजपा विधायक ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने आरोप लगाया है कि हवाई अड्डा परिसर के भीतर मस्जिद की मौजूदगी से दोनों रनवे का पूरी तरह से संचालन प्रभावित होता है। उन्होंने इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उठाई हैं। उनका दावा है कि नमाज के लिए मस्जिद आने वाले लोगों को हवाई अड्डे के पास या पृष्ठभूमि सत्यापन (बैकग्राउंड वेरिफिकेशन) की आवश्यकता नहीं होती है। सिकदर ने कहा कि हवाई अड्डा एक बेहद सुरक्षित क्षेत्र है। हवाई अड्डे में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति को फोटो के साथ बायोमेट्रिक पास लेना होता है। लेकिन यह मस्जिद सबसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसे लेवल 3 कहा जाता है।
वीवीआईपी सुरक्षा और भाजपा की मांग
भाजपा विधायक ने आगे कहा कि इस हवाई अड्डे से हर महीने लाखों यात्रियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसी वीवीआईपी हस्तियों का आना-जाना होता है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था संभावित सुरक्षा चिंता का कारण बन सकती है।
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ये भी पढ़ें: 'संघीय ढांचे को खतरा नहीं': पैनल प्रमुख चौधरी का 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर बड़ा दावा, क्या बदलेगी व्यवस्था?
तृणमूल कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक और मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि जब अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है, तो मस्जिद में नमाज रोकने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 135 से अधिक वर्षों से वहां मौजूद है और इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। चौधरी ने कहा कि वे किसी भी शांतिपूर्ण समाधान के लिए तैयार हैं और नमाज के लिए लोगों का प्रवेश रोकने की कोई जरूरत नहीं थी।
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भाजपा विधायक ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने आरोप लगाया है कि हवाई अड्डा परिसर के भीतर मस्जिद की मौजूदगी से दोनों रनवे का पूरी तरह से संचालन प्रभावित होता है। उन्होंने इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उठाई हैं। उनका दावा है कि नमाज के लिए मस्जिद आने वाले लोगों को हवाई अड्डे के पास या पृष्ठभूमि सत्यापन (बैकग्राउंड वेरिफिकेशन) की आवश्यकता नहीं होती है। सिकदर ने कहा कि हवाई अड्डा एक बेहद सुरक्षित क्षेत्र है। हवाई अड्डे में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति को फोटो के साथ बायोमेट्रिक पास लेना होता है। लेकिन यह मस्जिद सबसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसे लेवल 3 कहा जाता है।
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वीवीआईपी सुरक्षा और भाजपा की मांग
भाजपा विधायक ने आगे कहा कि इस हवाई अड्डे से हर महीने लाखों यात्रियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसी वीवीआईपी हस्तियों का आना-जाना होता है। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था संभावित सुरक्षा चिंता का कारण बन सकती है।
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तृणमूल कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक और मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि जब अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है, तो मस्जिद में नमाज रोकने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 135 से अधिक वर्षों से वहां मौजूद है और इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। चौधरी ने कहा कि वे किसी भी शांतिपूर्ण समाधान के लिए तैयार हैं और नमाज के लिए लोगों का प्रवेश रोकने की कोई जरूरत नहीं थी।