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नंदीग्राम उपचुनाव: भाजपा नेता हासिरानी रथ की उम्मीदवारी नहीं होगी रद्द, कोर्ट ने कांग्रेस की याचिका की खारिज

Tue, 29 Sep 2026 12:43 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, कोलकाता।
पीटीआई, कोलकाता। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 29 Sep 2026 12:43 PM IST
सार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने भाजपा की नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे को लेकर पश्चिम बंगाल कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी। कांग्रेस ने उनकी उम्र और 1965 में 10वीं पास करने के दावे में विसंगति बताई थी। 

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Nandigram by-election BJP leader Hasirani Rath's candidature not be cancelled court dismisses Congress's plea.
कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस की पश्चिम बंगाल यूनिट की एक याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि भाजपा की नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में उनकी उम्र और स्कूल पास करने के साल में गड़बड़ी है।

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कांग्रेस ने क्या दावा किया था? 
राज्य कांग्रेस का दावा था कि रथ के हलफनामे में उनकी उम्र 60 साल से ज्यादा बताई गई थी, जबकि उन्होंने 10वीं कक्षा पास करने का साल 1965 बताया था, जिससे उम्र के हिसाब से अंतर दिखता है।
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कोर्ट ने क्या कहा? 
जस्टिस कृष्णा राव ने कोर्ट में कहा कि राज्य कांग्रेस की याचिका खारिज की जाती है। 25 सितंबर को बहस पूरी होने के बाद जस्टिस राव ने कांग्रेस पार्टी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पास इस मामले में कोई कानूनी अधिकार नहीं है क्योंकि उन्हें उम्मीदवारी की जांच के बारे में शिकायत करने का कोई हक नहीं है।
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यह कहते हुए कि हलफनामे की जांच करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के वकील ने कोर्ट से आदेश देने की अपील की ताकि 6 अक्तूबर को होने वाले नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच की जा सके।

ईसीआई ने क्या तर्क दिया? 
ईसीआई के वकील जिष्णु चौधरी ने कहा कि 6 अक्तूबर के नंदीग्राम उपचुनाव के लिए जांच 17 सितंबर को हो चुकी थी। इस चरण में कोई आपत्ति नहीं उठाई जा सकती। चौधरी ने तर्क दिया कि कथित तौर पर गलत बयान उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने का आधार नहीं हो सकता।

ईसीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील डी एस नायडू ने कहा कि उम्र के मुद्दे को ऐसी अहम कमी नहीं माना जा सकता जिससे रथ की उम्मीदवारी रद्द हो जाए, क्योंकि चुनाव लड़ने के लिए उम्र की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है।


कांग्रेस ने क्या तर्क दिया? 
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के वकील ऋित्जु घोषाल ने कहा था कि जमा किए गए दस्तावेजों की पुष्टि करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कोर्ट से भाजपा उम्मीदवार की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच के लिए आदेश देने की अपील की थी।

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