News Updates: ओडिशा में नाबालिग का यौन उत्पीड़न; कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था सिक्किम पहुंचा
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ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक 13 वर्षीय नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने इसे सामूहिक दुष्कर्म बताया है। हालांकि, मयूरभंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार गोछायत ने इसे यौन उत्पीड़न का मामला बताया। उन्होंने सामूहिक दुष्कर्म से इन्कार किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। यह मामला पॉक्सो और बीएनएस प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नाबालिग रविवार को एक पुरुष मित्र के साथ सुनसान जगह गई थी। वहां उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। तीन आरोपी मकबूल, टीपू और ओमान हिरासत में हैं, जबकि जावेद फरार है।
अन्य घटनाएं और राजनीतिक प्रतिक्रिया
बोलांगीर जिले में 8 जून को एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया। इसकी रिपोर्ट 14 जून को दर्ज हुई और चार आरोपी गिरफ्तार किए गए। नवरंगपुर में 21 वर्षीय महिला का शव रहस्यमय परिस्थितियों में मिला। पुलिस अधीक्षक कश्यप पार्थ जगदीश ने इसे रहस्यमय मौत बताया है। विपक्षी बीजेडी ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था सिक्किम पहुंचा
इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था सिक्किम पहुंच गया है। ये तीर्थयात्री नाथू ला दर्रे के रास्ते अपनी आगे की यात्रा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को पहुंचे इस पहले जत्थे में 44 लोग शामिल हैं। इनमें दो संपर्क अधिकारी और एक चिकित्सा अधिकारी भी हैं। जत्थे में 32 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं। पर्यटन विभाग के एक बयान के अनुसार, सिक्किम पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष लुकेन्द्र रसाइली और उप महाप्रबंधक अमित कपिल छेत्री ने एक स्थानीय होटल में तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। तीर्थयात्री यहां चार दिवसीय अनुकूलन कार्यक्रम से गुजरेंगे। इसके बाद, वे 20 जून को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यांग्त्से शहर के लिए प्रस्थान करेंगे। ग्यांग्त्से नाथू ला दर्रे के रास्ते जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक पारगमन बिंदु है।
कर्नाटक में बिदादी टाउनशिप परियोजना पर रार: मुख्यमंत्री और मंत्री के अलग-अलग सुर
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव किया है। किसान और कांग्रेस के कुछ वर्ग इसका विरोध कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने बढ़ती असहमति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 20 जून को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के लिए आ सकता है। यह परियोजना बेंगलुरु के बाहरी इलाके में 7,481 एकड़ भूमि पर विकसित होगी। शिवकुमार ने सोमवार को बताया कि इसे पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने अधिसूचित किया था। उन्होंने महाराष्ट्र और तेलंगाना में ऐसी ही परियोजनाओं का उदाहरण भी दिया। जारकीहोली ने कहा कि सरकार अंतिम निर्णय से पहले सभी चिंताओं पर विचार करेगी। उन्होंने जोर दिया कि अनावश्यक भ्रम से बचना चाहिए और सरकार पर बोझ नहीं पड़ना चाहिए। जारकीहोली के अनुसार, पार्टी के व्यापक हित में इस पर चर्चा जरूरी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा सरकार को नोटिस जारी किया है। सुंदरगढ़ जिले में एक परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार पर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके कारण एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार में देरी हुई थी। आयोग ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें कहा गया था कि महुलडीहा गांव की महिला ने 12 साल तक सामाजिक बहिष्कार झेला। ग्रामीणों ने उसकी मृत्यु के बाद बेटी को अंतिम संस्कार में मदद से इन्कार कर दिया था। सोमवार को एनएचआरसी के बयान के अनुसार, जिला प्रशासन और स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों के हस्तक्षेप के बाद ही महिला का अंतिम संस्कार हो सका। आयोग ने कहा कि यदि आरोप सही हैं, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। एनएचआरसी ने 11 जून की मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें आरोप था कि बेटी के दूसरे जाति के व्यक्ति के साथ जाने पर जुर्माना न भरने के कारण परिवार को बहिष्कृत किया गया था। आयोग ने चिंता व्यक्त की कि परिवार एक दशक से अधिक समय तक सामाजिक बहिष्कार का सामना करता रहा और महिला की मृत्यु के बाद भी यह जारी रहा, जिससे अंतिम संस्कार प्रभावित हुआ। आयोग ने कहा कि ओडिशा सरकार से रिपोर्ट मिलने के बाद मामले की आगे जांच की जाएगी।