न्यूज डायरी: 50 देशों के राजनयिकों के लिए भाजपा का दिवाली समारोह; कोलकाता की साउथ सिटी अपार्टमेंट में लगी आग
दक्षिण कोलकाता स्थित पॉश आवासीय परिसर साउथ सिटी अपार्टमेंट की 28वीं मंजिल पर शुक्रवार सुबह करीब 9:15 बजे आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक, आग परिसर के एक टावर में बने स्टोररूम में लगी थी, जो शॉपिंग मॉल के पास स्थित है। सूचना मिलते ही दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के शक में झड़प, कर्नाटक में 19 गिरफ्तार
कर्नाटक के हुलीमंगला गांव में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की मौजूदगी के शक को लेकर दो गुटों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने बताया कि इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्र रक्षाना पाडे (आरआरपी) के सदस्यों ने 28 अक्तूबर को एक समूह के आवास में प्रवेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वे बांग्लादेश के अवैध प्रवासी थे। हालांकि, दूसरे समूह ने दावा किया कि वे पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। पुलिस ने शिकायतों और जवाबी शिकायतों के आधार पर दो मामले दर्ज किए। आरआरपी के सदस्यों और दूसरे समूह के लोगों को गिरफ्तार किया गया।
210 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में चंद्रा प्रोटेको के खिलाफ एफआईआर दर्ज
सीबीआई ने 210.13 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में चंद्रा प्रोटेको लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई के मुताबिक, इंडियन बैंक की शिकायत पर कंपनी, उसके निदेशकों रंजीत गुप्ता, अनिलेश गुप्ता और अपर्णा गुप्ता व अज्ञात लोकसेवकों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रयागराज में निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी लेकर वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, इंडियन बैंक के नेतृत्व वाले छह बैंकों के समूह ने कंपनी को 541.46 करोड़ रुपये की नकद ऋण सुविधा, सावधि ऋण और लेटर ऑफ क्रेडिट की सुविधा दी थी। आरोप है कि कंपनी ने धन का निर्धारित उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया और सहयोगी कंपनियों के माध्यम से राशि दूसरी जगह भेज दी। सीबीआई ने कहा कि कंपनी ने बैंकिंग समूह से बाहर के बैंकों में गुप्त खाते संचालित किए और साझा निदेशकों वाली कंपनियों के जरिये लेटर ऑफ क्रेडिट से जुड़े लेनदेन किए। इन कथित वित्तीय अनियमितताओं से पांच बैंकों को 210.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।गुजरात की एक अदालत ने गोहत्या के मामले में तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले में अदालत ने गाय के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए मनुस्मृति और ऋग्वेद का हवाला दिया। साथ ही चेतावनी दी कि गायों के संरक्षण की अनदेखी जारी रही तो गौ माता की संख्या विलुप्त होने की स्थिति तक पहुंच सकती है। अदालत ने तीनों दोषियों पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन के अनुसार, 22 अगस्त 2024 को गांधीनगर जिले के जामला गांव में एक मकान पर छापेमारी के दौरान 277 किलो गोमांस बरामद किया गया था। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराया, जबकि दो को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। फैसले में धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए अदालत ने गोवंश के संरक्षण पर जोर दिया।
तमिलनाडु में निगरानी एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने बृहस्पतिवार को पूर्व मंत्री और तिरुचिरापल्ली पश्चिम से द्रमुक विधायक के एन नेहरू से जुड़े 25 ठिकानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई करोड़ों रुपयों के नौकरी के बदले पैसे घोटाले के सिलसिले में की गई। अधिकारियों ने दो लैपटॉप और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। नेहरू के मंत्री रहते हुए, नगर प्रशासन और जलापूर्ति (एमएडब्ल्यूएस) विभाग में सरकारी पदों के बदले उम्मीदवारों से व्यवस्थित तरीके से ये रिश्वत वसूली गई थी। टीवीके मंत्री आर निर्मल कुमार के मुताबिक, करीब 2,300 उम्मीदवारों से नौकरी के बदले प्रति व्यक्ति 30 से 40 लाख रुपये वसूले गए। भर्ती में तमिलनाडु लोक सेवा आयोग को दरकिनार कर अन्ना यूनिवर्सिटी के माध्यम से नियुक्तियां करने का आरोप हैं। मद्रास हाईकोर्ट के हालिया निर्देश पर नेहरू और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुहैया कराए गए दस्तावेज के आधार पर पूरी जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में ईडी के दस्तावेज के आधार पर जांच चल रही है। वहीं, बृहस्पतिवार को ही द्रमुक के पूर्व विधायक रामलिंगम के आवास और उनसे जुड़ी छह अन्य जगहों पर बड़े पैमाने पर तलाशी ली गई। द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है।
पश्चिम बंगाल के पूर्व सूचना एवं संस्कृति राज्यमंत्री इंद्रनील सेन को दुर्गापूजा के विशेष प्रवेश पास की बिक्री में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले की अलग-अलग जांच कर रहे हैं। जांच का दायरा अब सरकारी ठेकों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन तक फैल गया है और करीब 50 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता है। पुलिस के अनुसार, मास आर्ट सोसाइटी ने 2022 से 2025 के बीच दुर्गापूजा के प्रिव्यू शो और विशेष प्रवेश के पास बेचे। आरोप है कि संस्था ने यूनेस्को के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर आधिकारिक संबंध का आभास दिया। सेन की पत्नी मधुछंदा सेन इस संस्था की अध्यक्ष हैं। ईडी ने मामले में 50-60 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई है। सेन के मंत्री रहते सूचना एवं संस्कृति विभाग ने गिडी क्रिएशन को करीब 53.46 करोड़ रुपये के इवेंट मैनेजमेंट ठेके दिए।
केरलम विधानसभा में SARAL बिल पर हंगामा, मुख्यमंत्री का पलटवार
केरलम विधानसभा में बृहस्पतिवार को सरकार के सरल केरलम विधेयक (SARAL Keralam Bill, 2026) पर हंगामा हुआ। यूडीएफ-समर्थित निर्दलीय विधायक जी सुधाकरन ने बिल को "कठोर" बताया और कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून कुट्टानाड के कृषि क्षेत्रों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा। मुख्यमंत्री वी डी सतीसन ने सुधाकरन के एम्स प्रस्ताव का उपयोग करके पलटवार किया। सुधाकरन ने अलप्पुझा के मनाक्कल में धान के खेत पर एम्स स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी धान के खेत पर एम्स नहीं बनाएगी, उन्हें संरक्षित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री के मुरलीधरन ने कहा कि सरकार सुधाकरन के प्रस्ताव पर विचार करेगी। विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने भी बिल का विरोध किया। सरल केरलम विधेयक का लक्ष्य नियामक स्वीकृतियों को सरल बनाकर राज्य में निवेश आकर्षित करना है।
पसुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर की 119वीं जयंती और 64वीं गुरु पूजा आज
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के पसुम्पोन गांव में आज पसुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर की 119वीं जयंती और 64वीं गुरु पूजा समारोह मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए राज्य के चार दक्षिणी जिलों मदुरै, रामनाथपुरम, शिवगंगा और विरुधुनगर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने समारोह के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
पश्चिम बंगाल में 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
भूटान की शिंताफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में प्रशासन अलर्ट पर है। जिले के एसपी अमित कुमार शॉ ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि भूटान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और पुलिस, जिला प्रशासन, ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) तथा अन्य संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। एसडीआरएफ की टीम मौके पर तैनात है, जबकि एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच रही है। सिविल डिफेंस की टीम को भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने अब तक करीब 4,000 से 5,000 लोगों को स्कूल भवनों में बनाए गए राहत शिविरों में पहुंचाया है, जबकि 6,000 से अधिक लोगों को अन्य सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। एसपी के मुताबिक, पानी के बहाव की तीव्रता में कुछ कमी आई है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रभावित लोगों के लिए सूखा राशन, पीने का पानी, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अगले दो घंटों में स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, संकोश नदी प्रणाली के लिए रेड अलर्ट जारी है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि अगले कुछ घंटों में नदी में पानी के साथ मरी हुई मछलियां, लकड़ी के बड़े टुकड़े और कंक्रीट का मलबा भी बहकर आ सकता है।
प्रयागराज में चंद्रा प्रोटेको के कई ठिकानों पर छापेमारी
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 210.13 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में चंद्रा प्रोटेको लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एजेंसी ने गुरुवार को बताया कि इंडियन बैंक की शिकायत पर कंपनी, उसके निदेशकों रंजीत गुप्ता, अनीलेश गुप्ता और अपर्णा गुप्ता के अलावा अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। CBI ने प्रयागराज में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी कर वित्तीय दस्तावेज भी जब्त किए हैं। आरोप है कि कंपनी ने इंडियन बैंक के नेतृत्व वाले छह बैंकों के समूह से 541.46 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट सुविधा, टर्म लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट प्राप्त करने के लिए आपराधिक साजिश रची। इसके बाद कंपनी ने कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताएं करते हुए बैंकिंग समूह से बाहर के बैंकों में गुप्त खाते संचालित किए और साझा निदेशकों वाली सहयोगी कंपनियों के माध्यम से लेटर ऑफ क्रेडिट का दुरुपयोग किया। CBI के मुताबिक, कंपनी ने ऋण के रूप में मिली रकम का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के बजाय अन्य कामों में किया और सहयोगी कंपनियों के जरिए धन का गबन किया, जिससे शिकायतकर्ता बैंक समेत पांच बैंकों को कुल 210.13 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ। मामले की जांच जारी है।
'सरकार बदलने पर किसी को नहीं मिलेगा संरक्षण'
पश्चिम बंगाल में सियासी तनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों और चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ की जांच को लेकर अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। बनर्जी ने कहा कि पिछले पांच महीनों से ईडी, सीबीआई और कोलकाता पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 अक्टूबर को उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव पंडाल में हुई भगदड़, जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी, उसके लिए जिम्मेदार प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। मामले की जांच छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और अब तक नौ लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए बनर्जी ने अधिकारियों से राजनीतिक दबाव में काम नहीं करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी, "जब यह सरकार बदलेगी, तब आपको बचाने वाला कोई नहीं होगा।" हालांकि, सरकार को अंतरिम बताना उनका राजनीतिक बयान है, सुप्रीम कोर्ट का औपचारिक फैसला नहीं।
'जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित हिंसा पर अमर्त्य सेन ने जताया दुख'
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में कथित तौर पर दक्षिणपंथी संगठनों के प्रवेश और हिंसा की घटनाओं पर गहरा दुख जताते हुए शैक्षणिक परिसरों में राजनीतिक हिंसा रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। जादवपुर यूनिवर्सिटी ग्लोबल एलुमनी एसोसिएशन के संस्थापक शुभेंदु भद्र को भेजे गए अपने संदेश में सेन ने कहा कि विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राजनीतिक हिंसा से सुरक्षा और समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय के साथ अपने गहरे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 70 साल पहले उन्होंने इसी संस्थान से अपने शिक्षण जीवन की शुरुआत की थी। सेन ने हिंसा के पीछे मौजूद सांप्रदायिक विचारधारा की कड़ी निंदा करने की अपील भी की। यह बयान विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी छात्र संगठनों, जिनमें स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), एफईटीएसयू, एआईडीएसओ और एसबीवीपी शामिल हैं, के बीच कथित टकराव की पृष्ठभूमि में आया है।
19 अगस्त को हुई थी झड़प
19 अगस्त को एबीवीपी और एसएफआई के सदस्यों के बीच झड़प हुई थी, जो अगले दिन भी जारी रही और इसमें कई छात्र घायल हो गए थे। इस दौरान विश्वविद्यालय में तोड़फोड़, ऐतिहासिक प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाने और बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश के आरोप भी लगे। हालांकि, एबीवीपी ने कुछ घटनाओं में अपनी जिम्मेदारी से इनकार करते हुए वामपंथी संगठनों पर टकराव भड़काने का आरोप लगाया था। वहीं, 9 सितंबर को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गोलपार्क से जादवपुर विश्वविद्यालय के 8बी बस स्टैंड तक भगवा मार्च में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने भगवा की गरिमा और पवित्रता बनाए रखने की बात कही तथा कथित तौर पर विश्वविद्यालय के वामपंथी संगठनों को निशाना बनाते हुए 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' और 'राष्ट्रविरोधी ताकतों' के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मार्च में कई साधु-संतों ने भी हिस्सा लिया था।
विदेशी राजनयिकों के लिए दिवाली समारोह आयोजित करेंगे नितिन नवीन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में राजनयिक समुदाय के लिए दिवाली मिलन समारोह की मेजबानी करेंगे। भाजपा की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में करीब 50 देशों के 90 से अधिक राजनयिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें विभिन्न देशों के मिशन प्रमुख, उप मिशन प्रमुख और वरिष्ठ राजनयिक शामिल होंगे। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के भी कार्यक्रम में भाग लेने की संभावना है। समारोह के दौरान संगीत की एक अनूठी प्रस्तुति ‘परंपरा और नवाचार’ भी आयोजित की जाएगी, जिसमें नंदिनी शंकर वायलिन पर और महेश राघवन आईपैड के माध्यम से संगीत प्रस्तुत करेंगे। भाजपा के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य राजनयिक समुदाय के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों की भावना को साझा करना तथा विभिन्न देशों के बीच सद्भाव, मित्रता और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करना है।
'असम घुसपैठियों का अड्डा नहीं, 23 अवैध प्रवासियों को वापस भेजा'
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य घुसपैठियों का ‘अड्डा’ नहीं है और सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि 23 और अवैध प्रवासियों को बीती रात उनके देशों में वापस भेज दिया गया है। सरमा ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि असम घुसपैठियों के लिए कोई ठिकाना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए सरकार घुसपैठियों के खिलाफ कठोर रुख अपनाएगी और राज्य से प्रत्येक घुसपैठिए को बाहर करने का प्रयास करेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह जानकारी नहीं दी कि इन 23 अवैध प्रवासियों को असम के किस जिले से वापस भेजा गया है।
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और महिलाओं सहित आम लोगों की सुरक्षा खतरे में है। शुक्रवार को मदुरै में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य में हिंसक अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार अपराधों पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रही है।
उन्होंने बिजली खरीद में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। पलानीस्वामी के मुताबिक, सरकार ने जानबूझकर बिजली की कमी पैदा की, ताकि महंगी दरों पर बिजली खरीदने का रास्ता साफ किया जा सके। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल और मौजूदा सरकार की बिजली खरीद दरों की तुलना भी की। उन्होंने दावा किया कि पहले करीब 20 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदने के प्रस्ताव को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने 37.50 रुपये से 41.50 रुपये प्रति यूनिट तक की दरों पर बिजली खरीदने के लिए टेंडर जारी किए। उन्होंने सवाल उठाया कि बिजली खरीद में इतना अंतर क्यों है और इस पैसे का इस्तेमाल कहां हो रहा है। पलानीस्वामी ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच और बिजली खरीद के ठेकों का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण विकास परियोजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।