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Neet-UG: 24 लाख छात्रों वाली नीट-यूजी परीक्षा में अब तक क्या हुआ, आरोप क्या हैं और इन पर एनटीए ने क्या कहा?

Thu, 13 Jun 2024 06:35 PM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 13 Jun 2024 06:35 PM IST
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सार
NEET-UG Exam 2024 Controversy: नीट-यूजी में अंकों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के आरोप लगे हैं। छात्रों का आरोप है कि कई छात्रों के अंकों को मनमाना ढंग से घटाया या बढ़ाया गया है, जिसका असर उनकी रैंक पर हुआ है। 24 लाख से ज्यादा छात्रों वाली प्रवेश परीक्षा का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया है। 
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NEET-UG exam 2024 controversy and the role explAINER NEWS IN HINDI
नीट-यूजी विवाद - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी को लेकर इन दिनों काफी बवाल मचा हुआ है। 24 लाख से ज्यादा छात्रों वाली प्रवेश परीक्षा कई अनियमितताओं के आरोपों के कारण विवाद का केंद्र बन गई है। इस विवाद ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक विवाद को भी जन्म दे दिया है। पूरा मामला देश की सर्वोच्च अदालत तक भी पहुंच गया है। 


आइये जानते हैं कि नीट-यूजी मामले में अब तक क्या हुआ है? कथित अनियमितताएं क्या हैं? छात्रों को कृपांक (ग्रेस मार्क्स) क्यों दिए गए? आरोपों पर एनटीए का रुख क्या है? सुप्रीम कोर्ट का क्या कहना है?

 

NEET 2024
NEET 2024 - फोटो : Amar ujala graphics
नीट-यूजी मामले में कथित अनियमितताएं क्या हैं?
नीट-यूजी में अंकों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते 67 छात्रों ने परफेक्ट स्कोर के साथ पहली रैंक पाई है। पिछले साल दो छात्रों ने संयुक्त रूप से पहली रैंक हासिल की थी। छात्रों का आरोप है कि कई छात्रों के अंकों को मनमाना ढंग से घटाया या बढ़ाया गया है, जिसका असर उनकी रैंक पर हुआ है। 1,500 से ज्यादा छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं और यह भी भी जांच के दायरे में हैं। कहा गया कि छह केंद्रों पर परीक्षा में देरी के कारण हुई समय की बर्बादी की भरपाई के लिए ग्रेस मार्क्स दिए गए थे।

नीट-यूजी परीक्षा का मामला
नीट-यूजी परीक्षा का मामला - फोटो : अमर उजाला
छात्रों को ग्रेस मार्क्स क्यों दिए गए?
दरअसल, मेघालय, हरियाणा, छत्तीसगढ़, सूरत और चंडीगढ़ के कम से कम छह केंद्रों के छात्रों ने परीक्षा के दौरान समय की बर्बादी की शिकायत की थी। इन स्थानों पर परीक्षा लिखने के लिए पूरे 3 घंटे और 20 मिनट नहीं मिले। कारण बताए गए कि छात्रों को गलत प्रश्नपत्र के वितरण किया गया, फटी हुई ओएमआर शीट मिली या ओएमआर शीट बांटने में देरी सहित प्रशासनिक कारणों की भी बात सामने आई। 

एनटीए द्वारा गठित एक समिति ने मामले की जांच की और छात्रों की समय की खराबी के मुद्दे को हल करने के लिए एक फार्मूला अपनाया। समय की खराबी का पता लगाया गया और ऐसे छात्रों को ग्रेस मार्क्स के साथ भरपाई की गई। यह फार्मूला 2018 के फैसले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तैयार और अपनाया गया था। 
 

NEET 2024 Result Live
NEET 2024 Result Live - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
आरोपों पर एनटीए का रुख क्या है?
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) यह कहती रही है कि परीक्षा में अनियमितताएं सामने नहीं आई हैं। कहा गया कि परीक्षा की प्रतिस्पर्धात्मकता में बढ़ोतरी और प्रदर्शन मानकों में वृद्धि के चलते टॉपर्स की संख्या बढ़ गई। अधिकारियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित फॉर्मूले के मुताबिक समय की हानि की भरपाई के लिए 1,563 छात्रों को कृपांक दिए गए हैं। 67 छात्रों में से जिन्हें 720 में से 720 अंक मिले हैं, उनमें से 44 को भौतिकी की एक उत्तर कुंजी में संशोधन के चलते और छह को समय की खराबी के लिए कृपांक मिले हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान - फोटो : एएनआई
शिक्षा मंत्रालय का रुख क्या है? 
मंत्रालय ने छात्रों को दिए गए कृपांकों की समीक्षा के लिए पूर्व यूपीएससी अध्यक्ष की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल का गठन किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पेपर लीक का कोई सबूत नहीं है और एनटीए में भ्रष्टाचार के दावे निराधार हैं।  

नीट यूजी विवाद पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
नीट यूजी विवाद पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया - फोटो : Amar ujala graphics
मामले में राजनीतिक विवाद क्या हो रहा है?
कांग्रेस ने नीट परीक्षा की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि इस मामले को लेकर देश में जो गुस्सा है, उसकी गूंज संसद में भी सुनाई देगी। वहीं शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने शिक्षा मंत्री पर एनटीए का बचाव करने का आरोप लगाया। 

महाराष्ट्र सरकार ने परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग की है। सरकार ने आरोप लगाया है कि इसके नतीजों ने राज्य के छात्रों के साथ अन्याय किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि नीट के ताजा नतीजों से डीएमके के इस रुख की पुष्टि हुई है कि वह परीक्षा का विरोध कर रही है। इसके अलावा, आम आदमी पार्टी भी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग कर रही है।

NEET, Supreme Court
NEET, Supreme Court - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
सुप्रीम कोर्ट का रुख क्या है?
शीर्ष अदालत ने कहा है कि नीट-यूजी, 2024 की सुचिता प्रभावित हुई है और उसने प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। एनटीए विशेषज्ञ पैनल ने अदालत को बताया कि एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 1,563 नीट-यूजी छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने का निर्णय रद्द कर दिया गया है और उन्हें 23 जून को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। यदि छात्र फिर से परीक्षा नहीं देना चाहते हैं तो उनके पिछले अंकों में से ग्रेस अंक घटाकर अंक दिए जाएंगे।
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