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News Updates: तेलंगाना में मिलावट रोकने के लिए बनेगी नई एजेंसी; ओडिशा में जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Tue, 31 Mar 2026 02:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए एक नई विशेष एजेंसी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक गंभीर अपराध है और यह लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा है। सरकार इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि यह नई एजेंसी हाइड्रा और ईगल जैसी संस्थाओं की तरह काम करेगी। पिछले एक महीने में हैदराबाद में 61 मामले दर्ज हुए हैं, 15 टन मिलावटी सामान जब्त किया गया है और 64 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य लोगों को अच्छा खाना और बेहतर शिक्षा देना है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में अब बेहतर गुणवत्ता वाला चावल वितरण किया जा रहा है, जिससे काले बाजारी में कमी आई है।
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टीएमसी विधायक ईडी के सामने पेश
कोलकाता में टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार सोमवार को जमीन घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वे दक्षिण कोलकाता की राशबेहारी सीट से चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कुमार का किसी कारोबारी अमित गांगोपाध्याय के साथ कोई वित्तीय लेन-देन था। हाल ही में गांगोपाध्याय के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज मिले थे, जिसके बाद कुमार से पूछताछ जरूरी समझी गई। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। भाजपा ने यहां से स्वपन दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में चुनावी माहौल के बीच ईडी की कार्रवाई ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बता रहा है, जबकि एजेंसियां इसे नियमित जांच बता रही हैं।
ओडिशा में वन्यजीवों का कहर: तीन साल में 523 लोगों की मौत, 1,391 घायल
ओडिशा में पिछले तीन वर्षों में वन्यजीवों के हमले गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरे हैं। राज्य विधानसभा में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंगखुंटिया ने जानकारी दी कि इस दौरान 523 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,391 लोग घायल हुए हैं।
मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 175 लोगों की जान गई और 408 लोग घायल हुए। वहीं 2023-24 में मृतकों की संख्या बढ़कर 186 और घायलों की संख्या 445 हो गई। इसके अलावा 2024-25 में 164 लोगों की मौत और 538 लोग घायल हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, ढेंकनाल वन प्रभाग में सबसे अधिक 92 लोगों की मौत हुई, जबकि अंगुल में 54 लोगों की जान गई। इसके अलावा केओंझर (52), बारिपदा (36), संबलपुर (34) और बोनाई (33) जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में मौतें दर्ज की गईं।
घायलों की संख्या में केओंझर सबसे आगे रहा, जहां 155 लोग घायल हुए। इसके बाद ढेंकनाल (113), खोरधा (87), रेंढाखोल (77), खारियार (66) और देवगढ़ (65) का स्थान रहा। मंत्री ने यह भी बताया कि इस अवधि में 264 वन्यजीवों की मौत हुई, जिनमें से 132 की मौत अस्वाभाविक कारणों से हुई। इस दौरान 4 रॉयल बंगाल टाइगर, 25 तेंदुए और 1,426 अन्य जानवर मारे गए, जिनमें से 447 शिकारियों के कारण मारे गए।
कोलकाता में टीएमसी विधायक देबाशीष कुमार सोमवार को जमीन घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब वे दक्षिण कोलकाता की राशबेहारी सीट से चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कुमार का किसी कारोबारी अमित गांगोपाध्याय के साथ कोई वित्तीय लेन-देन था। हाल ही में गांगोपाध्याय के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज मिले थे, जिसके बाद कुमार से पूछताछ जरूरी समझी गई। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। भाजपा ने यहां से स्वपन दासगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में चुनावी माहौल के बीच ईडी की कार्रवाई ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बता रहा है, जबकि एजेंसियां इसे नियमित जांच बता रही हैं।
ओडिशा में वन्यजीवों का कहर: तीन साल में 523 लोगों की मौत, 1,391 घायल
ओडिशा में पिछले तीन वर्षों में वन्यजीवों के हमले गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरे हैं। राज्य विधानसभा में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंगखुंटिया ने जानकारी दी कि इस दौरान 523 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,391 लोग घायल हुए हैं।
मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 175 लोगों की जान गई और 408 लोग घायल हुए। वहीं 2023-24 में मृतकों की संख्या बढ़कर 186 और घायलों की संख्या 445 हो गई। इसके अलावा 2024-25 में 164 लोगों की मौत और 538 लोग घायल हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार, ढेंकनाल वन प्रभाग में सबसे अधिक 92 लोगों की मौत हुई, जबकि अंगुल में 54 लोगों की जान गई। इसके अलावा केओंझर (52), बारिपदा (36), संबलपुर (34) और बोनाई (33) जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में मौतें दर्ज की गईं।
घायलों की संख्या में केओंझर सबसे आगे रहा, जहां 155 लोग घायल हुए। इसके बाद ढेंकनाल (113), खोरधा (87), रेंढाखोल (77), खारियार (66) और देवगढ़ (65) का स्थान रहा। मंत्री ने यह भी बताया कि इस अवधि में 264 वन्यजीवों की मौत हुई, जिनमें से 132 की मौत अस्वाभाविक कारणों से हुई। इस दौरान 4 रॉयल बंगाल टाइगर, 25 तेंदुए और 1,426 अन्य जानवर मारे गए, जिनमें से 447 शिकारियों के कारण मारे गए।
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नाबालिग से दुष्कर्म में आरोपी को 20 साल की सजा
भुवनेश्वर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सख्त सजा सुनाई है। यह घटना अगस्त 2020 की है, जब आरोपी अजय परिडा ने बच्ची के घर में घुसकर अपराध किया था। उस समय बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं थे। आरोपी ने घटना के बाद बच्ची को जान से मारने की धमकी भी दी थी। बाद में जब परिवार को जानकारी मिली, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने सुनवाई के दौरान 12 गवाहों और 10 दस्तावेजों के आधार पर फैसला सुनाया। आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही, पीड़िता को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। इस फैसले को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
भुवनेश्वर की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सख्त सजा सुनाई है। यह घटना अगस्त 2020 की है, जब आरोपी अजय परिडा ने बच्ची के घर में घुसकर अपराध किया था। उस समय बच्ची के माता-पिता घर पर नहीं थे। आरोपी ने घटना के बाद बच्ची को जान से मारने की धमकी भी दी थी। बाद में जब परिवार को जानकारी मिली, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने सुनवाई के दौरान 12 गवाहों और 10 दस्तावेजों के आधार पर फैसला सुनाया। आरोपी पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साथ ही, पीड़िता को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। इस फैसले को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
ओडिशा में जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला अधिकारियों से कहा है कि जरूरी सामानों की सप्लाई बनी रहे और किसी भी तरह की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। सरकार ने 24 घंटे निगरानी रखने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। मुख्यमंत्री ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरतने को कहा है। अधिकारियों को पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला अधिकारियों से कहा है कि जरूरी सामानों की सप्लाई बनी रहे और किसी भी तरह की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। सरकार ने 24 घंटे निगरानी रखने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। मुख्यमंत्री ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरतने को कहा है। अधिकारियों को पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराकर ज्यादा खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बीजू पटनायक पर टिप्पणी को लेकर विवाद
ओडिशा में पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है। निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि पटनायक का संबंध 1960 के दशक में सीआईए से था, जिसे लेकर कई नेताओं ने नाराजगी जताई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य चंद्र कुमार बोस और भाजपा के कई नेताओं ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बीजू पटनायक एक महान देशभक्त थे और उनकी छवि पर सवाल उठाना गलत है। बीजेडी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और माफी की मांग की। विवाद बढ़ने पर दुबे ने सफाई दी कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। फिर भी यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है।
ओडिशा में पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है। निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि पटनायक का संबंध 1960 के दशक में सीआईए से था, जिसे लेकर कई नेताओं ने नाराजगी जताई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य चंद्र कुमार बोस और भाजपा के कई नेताओं ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बीजू पटनायक एक महान देशभक्त थे और उनकी छवि पर सवाल उठाना गलत है। बीजेडी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और माफी की मांग की। विवाद बढ़ने पर दुबे ने सफाई दी कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। फिर भी यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन गया है।
वाम दल ने अमित शाह के बयान पर उठाए सवाल
सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान सरकार ने वामपंथी विचारधारा को निशाना बनाया। पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘अर्बन नक्सल’ और ‘एंटी-नेशनल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर असहमति रखने वालों को बदनाम किया जा रहा है। वहीं अमित शाह ने अपने बयान में कहा था कि नक्सलवाद वामपंथी सोच का परिणाम है और इससे गरीबी बढ़ती है। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान सरकार ने वामपंथी विचारधारा को निशाना बनाया। पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सरकार विरोधी आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘अर्बन नक्सल’ और ‘एंटी-नेशनल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर असहमति रखने वालों को बदनाम किया जा रहा है। वहीं अमित शाह ने अपने बयान में कहा था कि नक्सलवाद वामपंथी सोच का परिणाम है और इससे गरीबी बढ़ती है। इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
विधायक की हत्या में शामिल नारायण राव समेत 9 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
आंध्र प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 9 नक्सलियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें शीर्ष नक्सली नेता चेल्लुरी नारायण राव भी शामिल है, जिस पर एक विधायक और कई पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। डीजीपी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यू) लगभग खत्म हो चुका है। डीजीपी के अनुसार, नारायण राव आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (एओबी) का सचिव था और 36 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में शामिल था। वह 2018 में विधायक किदारी सर्वेश्वर राव की हत्या, 2001 में सर्किल इंस्पेक्टर गांधी और 1997 में हेड कांस्टेबल नरेंद्र दास की हत्या जैसे मामलों में शामिल रहा।
आंध्र प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 9 नक्सलियों ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें शीर्ष नक्सली नेता चेल्लुरी नारायण राव भी शामिल है, जिस पर एक विधायक और कई पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। डीजीपी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यू) लगभग खत्म हो चुका है। डीजीपी के अनुसार, नारायण राव आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (एओबी) का सचिव था और 36 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में शामिल था। वह 2018 में विधायक किदारी सर्वेश्वर राव की हत्या, 2001 में सर्किल इंस्पेक्टर गांधी और 1997 में हेड कांस्टेबल नरेंद्र दास की हत्या जैसे मामलों में शामिल रहा।
ओडिशा: रेल पटरी ब्लास्ट में शामिल रही 19 वर्षीय माओवादी का भी सरेंडर
देश को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प के बीच ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 19 वर्षीय महिला माओवादी मोंगदी होनहागा ने राउरकेला में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मूल रूप से झारखंड की रहने वाली मोंगदी प्रतिबंधित संगठन में बी श्रेणी की कैडर थी। यह बैंकू स्टोन खदान लूट और रेल पटरी ब्लास्ट जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल रही है।
देश को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प के बीच ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को 19 वर्षीय महिला माओवादी मोंगदी होनहागा ने राउरकेला में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मूल रूप से झारखंड की रहने वाली मोंगदी प्रतिबंधित संगठन में बी श्रेणी की कैडर थी। यह बैंकू स्टोन खदान लूट और रेल पटरी ब्लास्ट जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल रही है।
भारत-रूस ने मजबूत रिश्तों पर की चर्चा
भारत और रूस के बीच सोमवार को नई दिल्ली में अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस बैठक को “फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन” कहा जाता है और इसमें भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री और रूस की ओर से उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको शामिल हुए। बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने विशेष और रणनीतिक साझेदारी के तहत सभी मुद्दों की समीक्षा की। इसमें व्यापार, सुरक्षा, क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद रुडेंको ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक रही और इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। रूस ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत के साथ उसका सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत और रूस लंबे समय से अच्छे दोस्त रहे हैं और दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत और रूस के बीच सोमवार को नई दिल्ली में अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस बैठक को “फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन” कहा जाता है और इसमें भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री और रूस की ओर से उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको शामिल हुए। बैठक के दौरान दोनों देशों ने अपने विशेष और रणनीतिक साझेदारी के तहत सभी मुद्दों की समीक्षा की। इसमें व्यापार, सुरक्षा, क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद रुडेंको ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक रही और इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। रूस ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत के साथ उसका सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत और रूस लंबे समय से अच्छे दोस्त रहे हैं और दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। इस बैठक को दोनों देशों के रिश्तों को और आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।