Updates: तमिलनाडु में किसानों के लिए ₹134.83 करोड़ योजना का एलान; केरल में महिलाओं के लिए मुफ्त होगी बस यात्रा
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हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने गुरुवार को बताया कि अधिकारियों को मृतक बच्चियों के विसरा सुरक्षित रखने और विशेषज्ञों की राय लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस मामले की गहराई से जांच करेंगे और मौत के वास्तविक कारण का पता लगाएंगे।'
पुलिस ने बताया कि 5 जून को परिवार का एक रिश्तेदार कर्नाटक से आया था और अपने साथ दो किलोग्राम आम लेकर आया था। अधिकारी के मुताबिक, एक किलोग्राम आम संबंधित परिवार को दिए गए, जबकि बाकी एक किलोग्राम पड़ोस के एक अन्य परिवार को दिए गए थे। दोनों परिवारों ने आम खाए थे। उन्होंने कहा, '6 जून की शाम को संबंधित परिवार के चार सदस्य बीमार पड़ गए और उन्हें दस्त तथा उल्टी की शिकायत हुई। बाद में उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हालांकि, आम लाने वाले रिश्तेदार और पड़ोसी परिवार के सदस्यों को कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं हुई।'
मृतक बहनों के परिजनों की शिकायत के आधार पर नारायणगुड़ा पुलिस थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 (संदिग्ध मृत्यु) के तहत दो मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम भी कराया है। जांच अधिकारी ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बच्चियां आम खाने से बीमार हुई थीं या किसी अन्य खाद्य पदार्थ अथवा किसी अन्य कारण से उनकी तबीयत बिगड़ी थी।
रिटायर्ड जस्टिस गौतम पटेल और उनके परिवार को मिली धमकी, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस गौतम पटेल और उनके परिवार को मिल रही धमकियों और हिंसा की कड़ी निंदा की है। यह मामला उनके एक अदालती फैसले से जुड़ा है। 10 जून 2026 को जारी प्रस्ताव में SCBA ने कहा कि जस्टिस पटेल के परिवार के एक सदस्य के साथ मारपीट और उन्हें डराना-धमकाना बहुत चिंताजनक है। यह कानून के शासन के खिलाफ है। एसोसिएशन का कहना है कि किसी जज या उनके परिवार को डराना न्यायपालिका की आजादी और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
लोकतंत्र में किसी फैसले से असहमति होने पर कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए। हिंसा या धमकी का सहारा लेना अदालतों के सम्मान को कम करता है। डर का माहौल बनाने से न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा भी कम होता है। एसोसिएशन ने जस्टिस पटेल और उनके परिवार के साथ एकजुटता जताई है। SCBA ने भारत और विदेश के संबंधित अधिकारियों से इस मामले की तुरंत और निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उन्होंने जस्टिस पटेल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी सजा देने की भी अपील की है। यह प्रस्ताव एसोसिएशन की मानद सचिव प्रज्ञा बघेल ने जारी किया।
केरल सरकार ने महिलाओं के लिए बस सफर मुफ्त करने का बड़ा फैसला लिया है। यह सुविधा 15 जून से पूरे राज्य में केएसआरटीसी (KSRTC) की साधारण बसों में मिलेगी। परिवहन मंत्री सीपी जॉन ने बताया कि मुफ्त यात्रा के लिए महिलाओं को किसी विशेष कार्ड या सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन 15 जून को सुबह 8:30 बजे थंपानूर बस स्टेशन पर इस योजना का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के समय बस को चलाने और संभालने का पूरा काम महिला कर्मचारी ही करेंगी। वर्तमान में केएसआरटीसी के पास 3,125 साधारण बसें हैं।अकेले तिरुवनंतपुरम में ऐसी 687 बसें चल रही हैं। ग्रामीण इलाकों की 'ग्रामवंडी' सेवा में भी महिलाएं मुफ्त सफर कर सकेंगी। सरकार इन ग्रामीण बसों की संख्या 58 से बढ़ाकर 500 करने की तैयारी में है।
इस योजना पर रोजाना करीब दो करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने केएसआरटीसी को इस वित्तीय बोझ से निपटने के लिए विशेष सरकारी मदद का भरोसा दिया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से महिलाओं की बचत 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार ने 18 मई को सत्ता संभाली थी और यह कैबिनेट के शुरुआती बड़े फैसलों में से एक है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में धान की खेती को बढ़ावा देने के लिए 'कुरुवई विशेष पैकेज योजना 2026' की घोषणा की है। इस योजना पर 134.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका लाभ कावेरी डेल्टा और गैर-डेल्टा दोनों क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा। राज्य में खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका के लिए धान की खेती बहुत महत्वपूर्ण है। तमिलनाडु में हर साल लगभग 52.72 लाख एकड़ में धान उगाया जाता है। इसमें से तंजावुर, तिरुवारूर और नागपट्टिनम जैसे डेल्टा जिलों में 20.65 लाख एकड़ जमीन शामिल है, जबकि गैर-डेल्टा जिलों में 32.07 लाख एकड़ में खेती होती है।
कुरुवई सीजन में औसतन 5.14 लाख एकड़ में धान की बुवाई की जाती है। मुख्यमंत्री का लक्ष्य इस पैकेज से पैदावार और किसानों की आय बढ़ाना है। खेती के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगापेन स्पेशल फोर्स' की भी शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह कदम राज्य के हर परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने इसे केवल चुनावी वादा नहीं बल्कि अपनी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी बताया है।