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निशिकांत दुबे का हमला: 370 का विरोध करने पर गिरफ्तार हुए थे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, नेहरू ने दिया था आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 11 May 2026 12:18 PM IST
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सार

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जवाहरलाल नेहरू पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की गिरफ्तारी और उनकी रहस्यमयी मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू ने अनुच्छेद 370 के विरोध को कुचलने के लिए दमनकारी कदम उठाए और सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन में भी बाधा डाली थी।

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निशिकांत दुबे। - फोटो : एएनआई
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विस्तार

भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नेहरू ने ही भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। डॉ मुखर्जी उस समय जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 और वहां प्रवेश के लिए जरूरी परमिट सिस्टम का विरोध कर रहे थे।
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क्या बोले भाजपा नेता?
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि 11 मई 1953 का दिन कांग्रेस के इतिहास का एक काला अध्याय है। उनके अनुसार, डॉ. मुखर्जी ने नेहरू को अपने आंदोलन के बारे में पहले ही जानकारी दे दी थी। इस जानकारी के आधार पर नेहरू ने शेख अब्दुल्ला और कैलाश नाथ काटजू को निर्देश दिया कि वे 11 मई को डॉ. मुखर्जी को गिरफ्तार कर लें। बता दें कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अनुच्छेद 370 के विरोध में आज ही के दिन (11 मई 1953) को जम्मू और कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था।
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सांसद ने आगे दावा किया कि कश्मीर की जेल में बंद रहने के दौरान डॉ. मुखर्जी की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू ने बाद में इस पूरे मामले को दबा दिया था। दुबे के मुताबिक, नेहरू ने 12 दिनों के विदेश दौरे पर जाने से पहले कैलाश नाथ काटजू को लिखित निर्देश दिए थे। इन निर्देशों में कहा गया था कि देशव्यापी आंदोलन को बेरहमी से कुचल दिया जाए और इसमें शामिल संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया जाए।

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लगाए गंभीर आरोप
निशिकांत दुबे ने यह भी कहा कि नेहरू ने उस दौर के दो प्रमुख अखबारों 'प्रताप' और 'मिलाप' के प्रकाशन को पूरी तरह रोकने का आदेश दिया था। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि नेहरू परिवार के हाथ खून और धोखे से रंगे हुए हैं। इससे पहले 22 अप्रैल को भी दुबे ने नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना साधा था। तब उन्होंने आरोप लगाया था कि यह परिवार भारत को एक मुस्लिम राष्ट्र बनाने की साजिश रच रहा था।

सोमनाथ मंदिर का भी किया जिक्र
भाजपा नेता ने नेहरू पर सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन में बाधा डालने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि नेहरू ने तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को इस संबंध में धमकी भरे पत्र लिखे थे। दुबे ने 22 अप्रैल 1951 के एक सरकारी नोट का हवाला देते हुए कहा कि नेहरू ने मंदिर के उद्घाटन को रोकने की पूरी कोशिश की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेहरू ने सोमनाथ मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान से माफी मांगी थी और संसद में भी ऐसा ही बयान दिया था।

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