{"_id":"6a43c3725ed2266bee00c6f1","slug":"no-relief-from-heat-in-july-either-below-normal-rainfall-likely-across-country-imd-issues-monthly-forecast-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुलाई में भी गर्मी से राहत नहीं: देशभर में सामान्य से कम बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया मासिक पूर्वानुमान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
जुलाई में भी गर्मी से राहत नहीं: देशभर में सामान्य से कम बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया मासिक पूर्वानुमान
Tue, 30 Jun 2026 06:54 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 30 Jun 2026 06:54 PM IST
सार
जुलाई में देशभर में वर्षा का स्तर औसत से थोड़ा कम रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूरे देश में दीर्घकालिक औसत की तुलना में लगभग 94 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है। हालांकि सभी क्षेत्रों की स्थिति समान नहीं रहेगी। उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर, पूर्व-मध्य और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या उससे अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है।
विज्ञापन
जुलाई में कम बारिश का अनुमान
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि जुलाई के दौरान देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई में देशभर में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) का लगभग 94 प्रतिशत वर्षा होने का अनुमान है। भारत में जुलाई महीने के लिए दीर्घकालिक औसत वर्षा 280.4 मिमी है।
एलपीए का मतलब किसी क्षेत्र में एक निश्चित अवधि, जैसे एक महीने या पूरे मौसम के दौरान, 30 से 50 वर्षों के लंबे समय के औसत के आधार पर दर्ज की गई वर्षा से है। वर्तमान पूर्वानुमान के लिए 1971 से 2020 की अवधि को आधार बनाया गया है।
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन
किन इलाकों में सामान्य से ज्यादा होगी बारिश?
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, "जुलाई के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों, पूर्व-मध्य भारत तथा पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में सामान्य से सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है।"
यह पूर्वानुमान मानसून के मौसम में देश के जल संसाधनों और कृषि गतिविधियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। किसानों और जल प्रबंधन एजेंसियों को विभाग द्वारा जारी किए गए इन पूर्वानुमानों के आधार पर अपनी योजनाओं को समायोजित करने की सलाह दी जाती है।
कई राज्यों के लिए आईएमडी का ऑरेंज अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को अगले कुछ घंटों के लिए कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। प्रभावित जिलों के लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि कुछ जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे की दर से मध्यम बारिश होने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
किन राज्यों के लिए अलर्ट हुआ जारी?
केरल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदलने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें।
विज्ञापन
एलपीए का मतलब किसी क्षेत्र में एक निश्चित अवधि, जैसे एक महीने या पूरे मौसम के दौरान, 30 से 50 वर्षों के लंबे समय के औसत के आधार पर दर्ज की गई वर्षा से है। वर्तमान पूर्वानुमान के लिए 1971 से 2020 की अवधि को आधार बनाया गया है।
विज्ञापन
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन
किन इलाकों में सामान्य से ज्यादा होगी बारिश?
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, "जुलाई के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों, पूर्व-मध्य भारत तथा पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में सामान्य से सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है।"
यह पूर्वानुमान मानसून के मौसम में देश के जल संसाधनों और कृषि गतिविधियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। किसानों और जल प्रबंधन एजेंसियों को विभाग द्वारा जारी किए गए इन पूर्वानुमानों के आधार पर अपनी योजनाओं को समायोजित करने की सलाह दी जाती है।
कई राज्यों के लिए आईएमडी का ऑरेंज अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को अगले कुछ घंटों के लिए कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में तेज हवाओं, मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। प्रभावित जिलों के लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि कुछ जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे की दर से मध्यम बारिश होने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
किन राज्यों के लिए अलर्ट हुआ जारी?
केरल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदलने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें।