{"_id":"6a85b38311c9a8cdfd0ed2ec","slug":"nta-exam-system-reforms-adhoc-system-end-permanent-recruitment-cyber-security-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"NTA में बड़ा सुधार अभियान: तीन महीने में खत्म होगी एडहॉक व्यवस्था, लिए गए और कौन से बड़े फैसले?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NTA में बड़ा सुधार अभियान: तीन महीने में खत्म होगी एडहॉक व्यवस्था, लिए गए और कौन से बड़े फैसले?
Wed, 19 Aug 2026 07:15 PM IST
Devesh Tripathi
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:15 PM IST
सार
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी अपनी कार्यप्रणाली और परीक्षा सुरक्षा को नए सिरे से व्यवस्थित करने की तैयारी में है। एजेंसी ने तीन महीने के भीतर अस्थायी व्यवस्था समाप्त करने का लक्ष्य रखा है और दो दर्जन से अधिक स्थायी पदों पर नियुक्तियां शुरू की हैं। तकनीकी, वित्तीय, साइबर सुरक्षा और परीक्षा विशेषज्ञता से जुड़े वरिष्ठ पदों पर पेशेवरों को लाने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी तीन महीने के भीतर तदर्थ व्यवस्था खत्म करने, डिजिटल और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने तथा निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल करने की दिशा में काम कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि एनटीए 20 से अधिक स्थायी पदों पर भर्ती कर रही है। इसके अलावा मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी और परीक्षा सुरक्षा, अनुसंधान एवं विकास तथा साइकोमेट्रिक्स के महाप्रबंधक सहित 10 पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और इन पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
NTA में तीन महीने में क्या-क्या बदलेगा?
एनटीए के अधिकारियों ने कहा, "एनटीए तीन महीने के भीतर तदर्थ व्यवस्था खत्म कर देगा। 20 से अधिक स्थायी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं।" एजेंसी साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र तैयार करने जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी शामिल कर रही है।
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा टीम से करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है और नई भर्ती औपचारिक प्रक्रिया के जरिये की जा रही है। उन्होंने कहा, "हम एक बहुत बड़ा प्रश्न बैंक तैयार करेंगे, ताकि बहुत अधिक जानकारी किसी एक व्यक्ति तक सीमित न रहे। करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है और उचित भर्ती प्रक्रिया के जरिये बेहतर विशेषज्ञों को नियुक्त किया जा रहा है।"
सीआईएसएफ क्यों करेगी सुरक्षा?
एनटीए के कार्यालयों को सरकारी परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा। साथ ही निजी सुरक्षा एजेंसियों की जगह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जरिये सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। ये बदलाव परीक्षा से जुड़ी बार-बार सामने आ रही खामियों और परीक्षाओं के रद्द होने को लेकर एनटीए की आलोचना के बीच किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने एजेंसी को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का विस्तृत ऑडिट करने और उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी देते हुए रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि नए बुनियादी ढांचे में बायोमेट्रिक प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर डिजिटल सिस्टम और मजबूत साइबर सुरक्षा शामिल होगी। साइबर विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय तेजी से ले रहा फैसले
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एनटीए अधिकारियों के साथ दो बैठकें की हैं। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है। इसके अलावा नई परीक्षा टीम तैयार की गई है, जिसमें करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि एनटीए 20 से अधिक स्थायी पदों पर भर्ती कर रही है। इसके अलावा मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी, मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी और परीक्षा सुरक्षा, अनुसंधान एवं विकास तथा साइकोमेट्रिक्स के महाप्रबंधक सहित 10 पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं और इन पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
NTA में तीन महीने में क्या-क्या बदलेगा?
एनटीए के अधिकारियों ने कहा, "एनटीए तीन महीने के भीतर तदर्थ व्यवस्था खत्म कर देगा। 20 से अधिक स्थायी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं।" एजेंसी साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र तैयार करने जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी शामिल कर रही है।
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा टीम से करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है और नई भर्ती औपचारिक प्रक्रिया के जरिये की जा रही है। उन्होंने कहा, "हम एक बहुत बड़ा प्रश्न बैंक तैयार करेंगे, ताकि बहुत अधिक जानकारी किसी एक व्यक्ति तक सीमित न रहे। करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है और उचित भर्ती प्रक्रिया के जरिये बेहतर विशेषज्ञों को नियुक्त किया जा रहा है।"
सीआईएसएफ क्यों करेगी सुरक्षा?
एनटीए के कार्यालयों को सरकारी परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा। साथ ही निजी सुरक्षा एजेंसियों की जगह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जरिये सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। ये बदलाव परीक्षा से जुड़ी बार-बार सामने आ रही खामियों और परीक्षाओं के रद्द होने को लेकर एनटीए की आलोचना के बीच किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने एजेंसी को सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का विस्तृत ऑडिट करने और उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी देते हुए रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि नए बुनियादी ढांचे में बायोमेट्रिक प्रवेश, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर डिजिटल सिस्टम और मजबूत साइबर सुरक्षा शामिल होगी। साइबर विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्रालय तेजी से ले रहा फैसले
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एनटीए अधिकारियों के साथ दो बैठकें की हैं। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, एनटीए से 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है। इसके अलावा नई परीक्षा टीम तैयार की गई है, जिसमें करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है।