Gujarat: पांच साल की बच्ची की मौत के बाद 137 रेस्टोरेंट बंद, क्या खाद्य सुरक्षा व्यवस्था फेल थी?
गुजरात में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से पांच साल की बच्ची की मौत के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्यभर में 187 रेस्टोरेंट की जांच में 137 में गंभीर गंदगी और स्वच्छता की कमी मिली, जिसके बाद उन्हें तुरंत बंद कर दिया गया। सूरत में भी 43 होटल और रेस्टोरेंट बंद हुए और 548 किलो खराब भोजन नष्ट किया गया। सवाल है कि आखिर खाने की सुरक्षा में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई?
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गुजरात में खाने की गुणवत्ता और रेस्टोरेंट की साफ-सफाई को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सूरत में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग के बाद पांच साल की बच्ची की मौत के मामले ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद पूरे राज्य में जांच अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने 187 रेस्टोरेंट की जांच की, जिनमें 137 जगह गंभीर गंदगी और स्वच्छता संबंधी कमियां मिलीं। इन सभी को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया।
क्या जांच में ज्यादातर रेस्टोरेंट में गंभीर खामियां मिलीं?
राज्य में चलाए गए अभियान के दौरान 187 रेस्टोरेंट की अचानक जांच की गई। इनमें 137 प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और स्वच्छता की गंभीर कमियां मिलीं। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इन्हें तुरंत बंद कर दिया गया। इसके अलावा छह अन्य रेस्टोरेंट को नियमों के उल्लंघन पर सील किया गया। इनमें दो राजकोट नगर निगम क्षेत्र, एक राजकोट जिले और तीन नडियाद जिले के रेस्टोरेंट शामिल हैं। 40 रेस्टोरेंट को कमियां दूर करने के लिए सुधार नोटिस दिया गया।
क्या सिर्फ रेस्टोरेंट बंद हुए या लाइसेंस भी रद्द किए गए?
कार्रवाई केवल प्रतिष्ठान बंद करने तक सीमित नहीं रही। चार रेस्टोरेंट के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए। सूरत में भी नगर निगम ने सभी क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और स्वच्छता कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाकर जांच की। टीमों ने 209 होटल और रेस्टोरेंट के साथ 34 ढाबों की जांच की। इस दौरान रसोई की सफाई, बासी भोजन, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और डेयरी उत्पादों से जुड़ी जानकारी की जांच की गई।
सूरत में कितनी बड़ी कार्रवाई हुई?
सूरत में जांच के दौरान खाने के लिए अनुपयुक्त पाया गया 548 किलो भोजन नष्ट कराया गया। इसके अलावा 128 होटल और रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किए गए। प्रशासन ने कुल 4,43,800 रुपये का जुर्माना भी वसूला। गंभीर साफ-सफाई और दूसरी कमियों वाले 43 होटल और रेस्टोरेंट को तत्काल बंद कर दिया गया। इस कार्रवाई का सीधा मकसद लोगों को असुरक्षित और खराब भोजन से बचाना बताया गया है।
बच्ची की मौत के बाद क्यों तेज हुई जांच?
यह अभियान सूरत के वराछा इलाके में पांच साल की बच्ची की मौत के बाद तेज किया गया। 15 अगस्त की शाम बच्ची के परिवार ने शीटल रेस्टोरेंट से खाना मंगाया था। अगले दिन परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत खराब हो गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। बच्ची की हालत बिगड़ने के बाद वह बेहोश हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पिता को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि मां और दो अन्य बच्चों का उपचार जारी रहा।
क्या अब पूरे गुजरात में खाद्य सुरक्षा पर होगी सख्ती?
बच्ची की मौत के बाद सूरत नगर निगम ने संबंधित रेस्टोरेंट को सील कर दिया और तैयार भोजन तथा कच्चे खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए। इसके बाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पनशेरिया ने राज्यभर में रेस्टोरेंट की गहन जांच के निर्देश दिए। खाद्य एवं औषधि नियामक प्रशासन ने कहा है कि लोगों के स्वास्थ्य से समझौता करने, खाद्य मिलावट करने या खाद्य सुरक्षा नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।