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ओडिशा में दर्दनाक हादसा: बंद कमरे में जनरेटर के धुएं से दो की मौत, तीन की हालत गंभीर; मामले की जांच जारी
Wed, 28 Oct 2026 06:30 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, क्योंझर, ओडिशा
पीटीआई, क्योंझर, ओडिशा
Published by: अमन मौर्या
Updated Wed, 28 Oct 2026 06:30 PM IST
सार
ओडिशा के क्योंझर जिले में लक्ष्मी पूजा के दौरान बंद कमरे में जनरेटर चालू रहने से धुएं से दम घुटने पर दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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ओडिशा पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
ओडिशा के क्योंझर जिले में लक्ष्मी पूजा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां बंद कमरे में जनरेटर चालू छोड़ने के कारण दो युवकों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। घटना मंगलवार रात बांसपाल ब्लॉक के नायाकोट थाना क्षेत्र के सुडुंगा गांव की है। पुलिस के मुताबिक, एक बंद कमरे में पांच युवक सो रहे थे। इसी दौरान कमरे में जनरेटर चालू छोड़ दिया गया था। जनरेटर से निकलने वाला धुआं पूरे कमरे में भर गया। इससे पांचों युवक उसकी चपेट में आ गए। धुएं में मौजूद जहरीली गैस के कारण युवकों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।
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बुधवार सुबह जब घर बंद रहा और दरवाजे नहीं खुले, तो ग्रामीणों को शक हुआ और वे घर के अंदर गए, जहां पांचों युवक बेहोशी की हालत में पड़े मिले। ग्रामीणों ने बिना देर किए सभी को बांसपाल के एक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दो युवकों की मौत हो गई। वहीं, बाकी तीन युवकों की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों की पहचान सुडुंगा गांव के निवासी राजेंद्र सांता और नीतू सांता के रूप में हुई है। हादसे में घायल जगन्नाथ गिरी, प्रशांत देहुरी और निर्दास देहुरी का इलाज क्योंझर स्थित धरणीधर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है।
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घटना की सूचना मिलते ही नायाकोट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। बंद कमरे में जनरेटर चलने से निकली गैस का जमा होना जानलेवा साबित हो सकता है। बता दें कि जनरेटर का इस्तेमाल हमेशा खुले और हवादार स्थान पर करना चाहिए, क्योंकि इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस रंगहीन और गंधहीन होती है तथा सांस के जरिए शरीर में पहुंचने पर जान का खतरा पैदा कर सकती है।
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बुधवार सुबह जब घर बंद रहा और दरवाजे नहीं खुले, तो ग्रामीणों को शक हुआ और वे घर के अंदर गए, जहां पांचों युवक बेहोशी की हालत में पड़े मिले। ग्रामीणों ने बिना देर किए सभी को बांसपाल के एक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दो युवकों की मौत हो गई। वहीं, बाकी तीन युवकों की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों की पहचान सुडुंगा गांव के निवासी राजेंद्र सांता और नीतू सांता के रूप में हुई है। हादसे में घायल जगन्नाथ गिरी, प्रशांत देहुरी और निर्दास देहुरी का इलाज क्योंझर स्थित धरणीधर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है।
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