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संसद परिसर में साधु के भेष में प्रदर्शन पर नया विवाद: संत समाज ने क्यों जताई नाराजगी, स्पीकर से क्या मांग की?

Fri, 31 Jul 2026 02:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 31 Jul 2026 02:07 PM IST
सार

राम मंदिर चढ़ावे के कथित गड़बड़ी मामले पर संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से नया विवाद खड़ा हो गया। संत समाज और भाजपा ने इसे साधु-संतों, भगवा और सनातन का अपमान बताया और लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की। जानिए प्रदर्शन में क्या हुआ और दोनों पक्षों ने क्या-क्या कहा।

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parliament opposition protest row Saints and Sages demands action from lok sabha speaker
पप्पू यादव - फोटो : एएनआई

विस्तार

संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्ष के प्रदर्शन पर संत समाज ने नाराजगी जताई है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने इसे साधु-संतों और भगवा वस्त्र का अपमान बताया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के कार्रवाई की मांग की। 
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दरअसल, विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर आज संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। इसमें भगवा वस्त्र पहने सांसद पप्पू यादव प्रतीकात्मक रूप से चढ़ावा बटोरते नजर आए। जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई सांसद चढ़ावा चढ़ाते नजर आए। इस दौरान कई अन्य विपक्षी सांसद भी मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय संत समिति ने क्या कहा?
  • साधुओं के भेष में विपक्ष के प्रदर्शन पर अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने आपत्ति जताई।
  • उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को सरकार या भाजपा का अधिकार है। लेकिन साधु-संतों क वेशभूषा का उपयोग कर पूरे संत समाज पर चोरी का आरोप लगाने जैसा संदेश अनुचित है। 
  • जितेंद्रानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि इस तरह का प्रदर्शन संत परंपरा और भगवा वस्त्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।
  • उन्होंने कहा, अगर इस मामले में बिना शर्त सार्वजनिक माफी नहीं मांगी जाती है तो लोकसभा अध्यक्ष को इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। 
  • उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही है। जो भी कानूनी फैसला होगा, संत समाज उसे स्वीकार करेगा।
  • सरस्वती ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी दोहराई। 

साक्षी महाराज ने क्या कहा?
इस प्रदर्शन को लेकर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, देश की आजादी से लेकर विभाजन तक और विभाजन से आज तक कांग्रेस और अब प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और पूरा विपक्ष लगातार संतों, भगवा और सनातन का अपमान करता आया है। 

साक्षी महाराज ने कहा, जिस तरह इन्होंने अपने प्रदर्शन में भगवान राम और चढ़ावे के मुद्दे को शामिल करके सनातन का अपमान करने की कोशिश की और कालनेमि जैसा अभिनय किया, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा, विपक्ष ने सनातन का अपमान किया है। लोकसभा अध्यक्ष को इस तरह की हरकतों पर जरूर कार्रवाई करनी चाहिए। 

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विपक्ष सांसदों ने विरोध प्रदर्शन में क्या किया?
विपक्षी दलों द्वारा राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे को उठाने के लिए संसद परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पप्पू यादव ने माथे पर चंदन लगाया, भगवा वस्त्र धारण किए और हाथ में दानपेटी लेकर संसद के मकर द्वार के पास जमीन पर बैठ गए।

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और अवधेश प्रसाद दानपेटी में सांकेतिक रूप से चढ़ावा डालते नजर आए। प्रदर्शन के हिस्से के रूप में पप्पू यादव उन पैसों को अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी दानपेटी में प्रतीकात्मक रूप से रुपए डाले।

इसके बाद पप्पू यादव दानपेटी लेकर भागने का अभिनय करने लगे, जबकि अन्य सांसदों ने उन्हें रोकने और पकड़ने की सांकेतिक कार्रवाई की। इस दौरान सांसदों ने मजाकिया अंदाज में उनकी 'पिटाई' करने का भी अभिनय किया। प्रदर्शन के बाद पप्पू यादव ने कहा, हमें लगा कि पैसे लेकर भाग जाएंगे, लेकिन सपा सांसदों ने पकड़ लिया। अब कह रहे हैं कि फांसी चढ़ा देंगे। 

मानसून सत्र के 10वें दिन क्या हुआ?
संसद के मानसून सत्र का 10वां दिन भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ा। विपक्षी सांसद राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा की मांग पर अड़े रहे। इन सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा से जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026 पारित हुआ। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही 3 अगस्त की सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। 
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