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Parliament: संसद परिसर में वाहनों की रफ्तार पर लगेगी लगाम, सांसदों के लिए एडवाइजरी जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Fri, 06 Mar 2026 10:36 PM IST
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सार
Parliament: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले सांसदों और उनके वाहन चालकों के लिए सख्त सुरक्षा निर्देश जारी किए गए हैं। प्रवेश द्वारों पर वाहनों की गति 10 किमी/घंटा से ज्यादा होने पर टायर किलर और रोड ब्लॉकर अपने आप सक्रिय हो सकते हैं। पढ़ें रिपोर्ट-
भारतीय संसद
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले संसद सुरक्षा सेवा ने सांसदों और उनके ड्राइवरों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किया है। नए निर्देशों के अनुसार संसद परिसर के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की गति सीमा 10 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। बता दें, सोमवार से संसद का सत्र शुरू होने वाला है।
सुरक्षा सेवा ने आगाह किया है कि वाहन की गति इस सीमा से अधिक होती है तो प्रवेश द्वारों पर लगे अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण, जैसे- टायर किलर और रोड ब्लॉकर स्वचालित रूप से सक्रिय हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में वाहन को अचानक रोकना मुश्किल होगा, जिससे न केवल गाड़ी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि उसमें सवार व्यक्तियों को भी चोट लग सकती है।
ये भी पढ़ें: विदेश के बाद अब भारत में भी सख्ती; राज्यों में कड़े फैसले, कंपनियों की नीति क्या? जानिए सबकुछ
एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि बूम बैरियर पार करते समय दो वाहनों के बीच कम-से-कम पांच फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य है, क्योंकि यह सिस्टम एक बार में केवल एक वाहन को अनुमति देता है। 13 दिसंबर 2001 के आतंकी हमले के बाद से संसद की सुरक्षा प्रणाली को समय-समय पर अपग्रेड किया जाता रहा है।
सांसदों से अनुरोध किया गया है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या तकनीकी सक्रियता से बचा जा सके।
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सुरक्षा सेवा ने आगाह किया है कि वाहन की गति इस सीमा से अधिक होती है तो प्रवेश द्वारों पर लगे अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण, जैसे- टायर किलर और रोड ब्लॉकर स्वचालित रूप से सक्रिय हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में वाहन को अचानक रोकना मुश्किल होगा, जिससे न केवल गाड़ी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि उसमें सवार व्यक्तियों को भी चोट लग सकती है।
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एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि बूम बैरियर पार करते समय दो वाहनों के बीच कम-से-कम पांच फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य है, क्योंकि यह सिस्टम एक बार में केवल एक वाहन को अनुमति देता है। 13 दिसंबर 2001 के आतंकी हमले के बाद से संसद की सुरक्षा प्रणाली को समय-समय पर अपग्रेड किया जाता रहा है।
सांसदों से अनुरोध किया गया है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या तकनीकी सक्रियता से बचा जा सके।
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