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सऊदी अरब से सुरक्षित लौटे कई यात्री: अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत, परिजनों ने सरकार का जताया आभार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 04 Mar 2026 10:12 AM IST
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सार
सऊदी अरब से लौटे यात्रियों का अहमदाबाद हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ। इजरायल-ईरान युद्ध के कारण उनकी उड़ानें रद्द हो गई थीं। यात्रियों के परिजनों ने सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया।
अहमदाबाद लौटे यात्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
सऊदी अरब के जेद्दा से अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल दो पर बुधवार को आने वाले यात्रियों का जोरदार स्वागत हुआ। हवाई अड्डे पर यात्रियों के परिवार और शुभचिंतक बड़ी संख्या में जमा हुए। उन्होंने हाल की यात्रा में आई बाधाओं के बावजूद अपनों की सुरक्षित वापसी पक्की करने के लिए सरकार का शुक्रिया अदा किया।
कई यात्री उमराह करने के लिए सऊदी अरब गए थे। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से 28 फरवरी को तय कई उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। इससे यात्रियों और उनके परिवारों को काफी चिंता और परेशानी का सामना करना पड़ा।
यात्री के परिवार के सदस्य ने समाचार एजेंसी को बताया, "मेरी बहन उमराह के लिए गई थी। 28 तारीख को उसकी वापसी की उड़ान रद्द हो गई थी, और वह बहुत चिंतित थी। हमने सरकार से मदद की गुहार लगाई और अधिकारियों ने उसे सुरक्षित वापस लाने में हमारी सहायता की। यह हमारे परिवार के लिए बेहद खुशी का क्षण है।"
ये भी पढ़ें: ट्रंप का ब्रिटेन पर तीखा हमला: 'यह विंस्टन चर्चिल नहीं हैं', ईरान मुद्दे पर ब्रिटिश पीएम कीएर स्टार्मर पर बरसे
एक अन्य रिश्तेदार ने कहा, "मेरा बेटा उमराह के लिए मक्का गया था। 28 फरवरी को उसकी उड़ान रद्द हो गई। मीडिया और सरकार ने हमारी बहुत मदद की। अधिकारियों का रवैया बहुत सहयोगी था।" परिवार के एक तीसरे सदस्य ने कहा, 'पिछले कुछ दिन मुश्किल भरे थे, लेकिन हम सरकार के आभारी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल ने ईरान के खिलाफ मिसाइल हमले किए थे। इसके बाद तेहरान में भीषण धमाके हुए और पूरे क्षेत्र में तनाव अचानक बहुत बढ़ गया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाता है, जबकि इजरायल और अमेरिका केवल आतंकवादियों पर ध्यान देते हैं। नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मजबूती की भी तारीफ की।
ईरान के खिलाफ सैन्य हमले का फैसला लेने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार यह संदेश दे चुके थे कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। व्हाइट हाउस ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप दशकों से इस बात पर बहुत स्पष्ट रहे हैं। वे ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे। व्हाइट हाउस ने नवंबर 2011 से शुरू होकर पिछले 15 वर्षों के उनके बयानों की एक सूची भी जारी की है। यह कदम दिखाता है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कितना गंभीर है।
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यात्री के परिवार के सदस्य ने समाचार एजेंसी को बताया, "मेरी बहन उमराह के लिए गई थी। 28 तारीख को उसकी वापसी की उड़ान रद्द हो गई थी, और वह बहुत चिंतित थी। हमने सरकार से मदद की गुहार लगाई और अधिकारियों ने उसे सुरक्षित वापस लाने में हमारी सहायता की। यह हमारे परिवार के लिए बेहद खुशी का क्षण है।"
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एक अन्य रिश्तेदार ने कहा, "मेरा बेटा उमराह के लिए मक्का गया था। 28 फरवरी को उसकी उड़ान रद्द हो गई। मीडिया और सरकार ने हमारी बहुत मदद की। अधिकारियों का रवैया बहुत सहयोगी था।" परिवार के एक तीसरे सदस्य ने कहा, 'पिछले कुछ दिन मुश्किल भरे थे, लेकिन हम सरकार के आभारी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को इजरायल ने ईरान के खिलाफ मिसाइल हमले किए थे। इसके बाद तेहरान में भीषण धमाके हुए और पूरे क्षेत्र में तनाव अचानक बहुत बढ़ गया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाता है, जबकि इजरायल और अमेरिका केवल आतंकवादियों पर ध्यान देते हैं। नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मजबूती की भी तारीफ की।
ईरान के खिलाफ सैन्य हमले का फैसला लेने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार यह संदेश दे चुके थे कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। व्हाइट हाउस ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप दशकों से इस बात पर बहुत स्पष्ट रहे हैं। वे ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे। व्हाइट हाउस ने नवंबर 2011 से शुरू होकर पिछले 15 वर्षों के उनके बयानों की एक सूची भी जारी की है। यह कदम दिखाता है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कितना गंभीर है।
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