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फोन टैपिंग मामला: SIT के सामने पेश हुए पूर्व सीएम केसीआर, BRS कार्यकर्ताओं ने राज्यभर में किए विरोध प्रदर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sun, 01 Feb 2026 03:39 PM IST
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सार

पूर्व तेलंगाना मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव फोन टैपिंग मामले में SIT के सामने पेश हुए। जांच एजेंसी ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। इससे पहले उनके बेटे केटी रामाराव और भतीजे टी हरीश राव से भी पूछताछ हो चुकी है। बीआरएस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए।

Phone tapping case Former CM KCR appeared before SIT BRS workers protests across state
केसीआर, पूर्व मुख्यमंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख के चंद्रशेखर राव फोन टैपिंग मामले में विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश हुए। इस पूछताछ को लेकर हैदराबाद में राजनीतिक हलचल तेज रही। उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए। मामला पूर्व सरकार के कार्यकाल में कथित अवैध निगरानी से जुड़ा है।

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फोन टैपिंग केस की जांच कर रही एसआईटी ने 30 जनवरी को केसीआर को नया नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। नोटिस के बाद वह अपने एर्रावली फार्महाउस से हैदराबाद स्थित आवास पहुंचे। तय समय के अनुसार दोपहर तीन बजे उनसे पूछताछ की गई। इससे पहले भी इस मामले में कई बड़े नेताओं से पूछताछ हो चुकी है।
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बेटे और भतीजे से भी पूछताछ
जांच एजेंसी इससे पहले केसीआर के बेटे केटी रामाराव और भतीजे टी हरीश राव से भी पूछताछ कर चुकी है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं।

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क्या हैं फोन टैपिंग के आरोप?

  • पूर्व डीसीपी पी राधाकृष्ण राव ने फोन टैपिंग के आरोप लगाए।
  • आरोप बीआरएस सरकार के कार्यकाल से जुड़े बताए गए।
  • कहा गया कि मीडिया जगत के लोगों के फोन की निगरानी की गई।
  • सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के फोन भी कथित रूप से टैप किए गए।
  • कुछ राजनेताओं के फोन पर भी नजर रखे जाने का आरोप है।
  • दावा किया गया कि निगरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर नजर रखने के लिए कराई गई।
  • इन्हीं आरोपों के आधार पर आधिकारिक जांच शुरू की गई।


नोटिस को बताया अवैध, फिर भी हुए पेश
केसीआर ने पुलिस अधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें दिया गया नोटिस कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है और इसे अवैध माना जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि नोटिस उनकी गरिमा और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इसके बावजूद उन्होंने खुद को जिम्मेदार नागरिक बताते हुए जांच में सहयोग के लिए तय समय पर उपस्थित होने की बात कही।

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बीआरएस का राज्यव्यापी विरोध
पूछताछ के विरोध में बीआरएस ने राज्यभर में प्रदर्शन का आह्वान किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने काले बैज पहनकर विरोध जताया और इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। कई जगह धरना और प्रदर्शन हुए। दूसरी ओर जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।



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