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MHA: गृह मंत्रालय के बजट में 13% का इजाफा, चार मुल्कों से लगते बॉर्डर पर ड्रोन-कैमरों से होगी स्मार्ट निगरानी

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sun, 01 Feb 2026 04:05 PM IST
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MHA budget sees a 13 percent increase drones and cameras will be implemented along borders
हर चुनौती का जवाब देने को तैयार बीएसएफ की महिला जवान - फोटो : ANI
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देश की आतंरिक सुरक्षा और बॉर्डर की अचूक पहरेदारी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के बजट में बड़ा इजाफा किया गया है। 2026-27 के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को 2,55,234 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह 2025-26 के संशोधित अनुमान 2,41,485 करोड़ रुपये से 13 प्रतिशत ज्यादा है।

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इस बजट का एक हिस्सा, चार मुल्कों से लगते बॉर्डर पर ड्रोन/कैमरों से  स्मार्ट निगरानी पर खर्च होगा। आतंकी सूचनाओं का समय रहते पता चल जाए और उन्हें दूसरी एजेंसियों के साथ रियल टाइम पर साझा करना, इसके लिए खुफिया एजेंसी 'आईबी' के मल्टी एजेंसी सेंटर 'मैक' में 'टाइम लाइन एनालिसिस' को लेकर कई तरह के बदलाव संभावित हैं। 
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आंतरिक सुरक्षा के जानकारों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि दूसरे मुल्कों से लगती सीमा पर भी विशेष चौकसी की प्लानिंग हो रही है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश और म्यांमार से लगते बॉर्डर पर स्मार्ट फेंसिंग/ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी। 

विशेषकर चीन से लगते बॉर्डर पर 'माइक्रो ड्रोन' जैसे उपकरणों की मदद से सर्विलांस होगा। बांग्लादेश और म्यांमार से लगते अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर फेंसिंग का काम तेजी से शुरु किया गया है। पाकिस्तान से लगते बॉर्डर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम, लगाया जाएगा। बांग्लादेश बॉर्डर का एक बड़ा हिस्सा, अभी तक बिना फेंसिंग के है। मणिपुर से लगते म्यांमार बॉर्डर पर भी कंटीली तार लगाने का काम शुरु हुआ है। इन जगहों पर सर्विलांस के लिए हाईटेक तकनीक लाने की बात हो रही है। 

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा:

  • कुल लंबाई 2289.66 किमी
  • 2135.136 किमी एरिया में फेंसिंग
  • 154.524 किमी एरिया में नहीं है फेंसिंग


भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा:

  • कुल लंबाई 4096.70 किमी
  • 3239.92 किमी क्षेत्र में है फेंसिंग
  • 856.778 किमी क्षेत्र में नहीं है फेंसिंग


भारत-म्यांमार अंतरराष्ट्रीय सीमा:  

  • कुल लंबाई 1643 किमी
  • 9.214 किमी क्षेत्र में लगी है फेंसिंग
  • बॉर्डर के बाकी हिस्से पर नहीं है फेंसिंग

-लगभग 30000 करोड़ रुपये की लागत से फेंसिंग लगाने का काम प्रारंभ किया गया है। 10 वर्ष में फेंसिंग का काम पूरा होगा। हाइब्रिड निगरानी प्रणाली (एचएसएस) के माध्यम से बाड़ लगाने की दो पायलट परियोजनाएं चल रही हैं। इनके तहत अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में 1-1 किलोमीटर के हिस्से पर बाड़ लगाई जा रही है। मणिपुर में लगभग 20 किलोमीटर के क्षेत्र में बाड़ लगाने के कार्यों को भी मंजूरी मिल चुकी है। 

-पश्चिम बंगाल से लगता 450 किमी बॉर्डर पूरी तरह से खुला पड़ा है। पिछले 11 वर्ष में बांग्लादेश से लगती सीमा पर 21000 बांग्लादेशी घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए हैं। इस बार राज्य सरकार जमीन दे देती है तो फेंसिंग लगाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकती है। पाकिस्तान से लगते बॉर्डर पर एंटी-ड्रोन गश्ती वाहन, 'लांग रेंज रीकानिसन्स एंड ऑब्जरवेशन सिस्टम', सीआईबीएमएस और एचएचटीआई खरीदने की तैयारी है। 

-समुद्री पोर्ट और हवाई अड्डों की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के संख्या बल को बढ़ाया जाएगा। अगले साल तक करीब 15000 जवानों को भर्ती करने की योजना है। 

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