बजट 2026 पर BJP-कांग्रेस आमने सामने: वैष्णव ने गिनाईं बड़ी घोषणाएं, पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने दिखाया आईना
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट की बड़ी घोषणाएं गिनाईं, जबकि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इसे आर्थिक रणनीति में विफल बताया।
विस्तार
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। बजट पेश होने के तुरंत बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। जहां एक ओर सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट को विकासोन्मुख और भविष्य की नींव रखने वाला बताया, वहीं कांग्रेस सांसद और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने बजट को आर्थिक रणनीति और नेतृत्व दोनों के स्तर पर विफल करार दिया।
आर्थिक रणनीति में फेल बजट- चिदंबरम का तीखा हमला
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बजट भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा हमारा निष्कर्ष साफ है यह बजट आर्थिक रणनीति और इकोनॉमिक स्टेट्समैनशिप की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने योजनाओं, कार्यक्रमों, मिशनों, फंड और समितियों की संख्या बढ़ाने पर ही जोर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा आप खुद कल्पना कर सकते हैं कि इनमें से कितनी योजनाएं अगले साल तक भुला दी जाएंगी।
आयकर बदलाव पर भी उठाए सवाल
चिदंबरम ने कहा कि आयकर अधिनियम 2026, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होना है, उसके पारित होने के कुछ महीनों बाद ही दरों में बदलाव कर दिए गए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की अधिकांश आबादी आयकर के दायरे में ही नहीं आती, इसलिए इन बदलावों का आम जनता पर सीमित असर होगा। अप्रत्यक्ष करों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी के लिए बजट भाषण के सिर्फ कुछ ही पैराग्राफ मायने रखते हैं और उनमें दी गई रियायतें भी बेहद मामूली हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण की अनदेखी का आरोप
पूर्व वित्त मंत्री ने सरकार पर आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा या तो सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण पढ़ा ही नहीं या फिर जानबूझकर उसे पूरी तरह दरकिनार कर दिया। चिदंबरम ने अमेरिका द्वारा लगाए गए दंडात्मक टैरिफ, चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे, FDI को लेकर अनिश्चितता और लगातार हो रहे FPI आउटफ्लो जैसे गंभीर मुद्दों का जिक्र किया और कहा कि बजट भाषण में इनका कोई ठोस समाधान नहीं दिखा। चिदंबरम ने यहां तक कहा कि बजट भाषण के दौरान तालियां भी औपचारिक थीं और कई लोग जल्दी ही रुचि खो बैठे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संसद टीवी का प्रसारण भी कुछ समय के लिए बंद हो गया।
एआई अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा परमाणु ऊर्जा- अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की बुनियादी ढांचा और ऊर्जा नीति को लेकर दो अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि सरकार एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की शुरुआत करने जा रही है, जो पश्चिम बंगाल को गुजरात से जोड़ेगा। मंत्री ने कहा कि पश्चिमी और पूर्वी फ्रेट कॉरिडोर में अब तक उल्लेखनीय प्रगति हो चुकी है और ये लगभग अपनी क्षमता सीमा तक पहुंच चुके हैं। इन दोनों कॉरिडोर पर फिलहाल प्रतिदिन करीब 400 मालगाड़ियां संचालित हो रही हैं। इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए नए फ्रेट कॉरिडोर की आवश्यकता महसूस की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी।
ऊर्जा और तकनीक के संबंध पर बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि परमाणु ऊर्जा भविष्य की एआई आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई संरचना की पांचवीं परत यानी ऊर्जा लेयर में परमाणु ऊर्जा की अहम भूमिका होगी। मंत्री के अनुसार, एआई आधारित सिस्टम को लंबे समय तक स्थिर और स्वच्छ ऊर्जा की जरूरत होती है, जिसे परमाणु ऊर्जा बेहतर तरीके से उपलब्ध करा सकती है। यह न केवल क्लीन एनर्जी प्रदान करती है, बल्कि एआई इकोनॉमी की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होगी।
सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर से बदलेगा देश का परिवहन परिदृश्य- अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि रेलवे में किए गए सुधारों का असर साफ दिखाई दे रहा है और दुर्घटनाओं में करीब 95 प्रतिशत तक कमी आई है। उन्होंने बताया कि अब सरकार सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रखरखाव पर विशेष जोर दे रही है। मंत्री के अनुसार, ट्रैक मेंटेनेंस, लोको, वैगन और कोच की नियमित देखभाल, सुरक्षा कवच प्रणाली (कवच) का तेजी से विस्तार, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) सिस्टम का उन्नयन और नए स्टेशनों का निर्माण इन सभी कदमों से रेलवे की सुरक्षा और बेहतर होगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन प्रयासों से न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ग्राहक सेवा और यात्री सुविधाओं में भी बड़ा सुधार होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आज के बजट में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड कॉरिडोर का काम जिस तेजी और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ रहा है, उस पर पूरी दुनिया की नजर है। रेल मंत्री का कहना है कि नए हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण से देश के परिवहन क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और भारत आधुनिक रेल नेटवर्क की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाएगा।
चेन्नई-बंगलूरू-हैदराबाद को जोड़ेगा: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि चेन्नई, बंगलूरू और हैदराबाद को जोड़कर एक साउथ हाई-स्पीड ट्राइएंगल या हाई-स्पीड डायमंड बनाया जाएगा। यह परियोजना कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और पुड्डुचेरी केंद्रशासित प्रदेश सहित दक्षिण भारत के सभी राज्यों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। मंत्री के अनुसार, इस हाई-स्पीड नेटवर्क से चेन्नई-बंगलूरू का यात्रा समय केवल 1 घंटा 13 मिनट, बंगलूरू-हैदराबाद सिर्फ 2 घंटे और चेन्नई-हैदराबाद 2 घंटे 55 मिनट में पूरा होगा।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि चेन्नई, बंगलूरू और हैदराबाद दक्षिण भारत के प्रमुख आर्थिक और आईटी केंद्र हैं। इस हाई-स्पीड डायमंड के निर्माण से दक्षिण भारतीय राज्यों में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह परियोजना न केवल दक्षिण भारत के लिए बल्कि पूरे देश के लिए विकास का एक बड़ा उत्प्रेरक होगी और सभी दक्षिण भारतीय निवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
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