सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CM Devendra Fadnavis deny ajit pawar ncp merger with sharad pawar group in Maharashtra Politics

Maharashtra Politics: NCP के विलय को CM देवेंद्र फडणवीस ने बताया अफवाह, बोले- ऐसा होता तो मुझे पता होता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 01 Feb 2026 06:48 PM IST
विज्ञापन
सार

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की पार्टी और शरद पवार की एनसीपी के मर्जर की बातों को सीएम देवेंद्र फडणनवीस ने रविवार को अफवाह बताया है। इसके साथ ही मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सुनेत्रा परिवार को वित्त विभाग ना देने पर भी अपनी बात रखी है। 
 

CM Devendra Fadnavis deny ajit pawar ncp merger with sharad pawar group in Maharashtra Politics
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के उस दावे पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि अजित पवार दोनों गुटों को एक करने के इच्छुक थे और 12 फरवरी को इसकी घोषणा होने वाली थी। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि ऐसा कोई प्रयास होता, तो दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार उन्हें इसकी जानकारी अवश्य देते। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं।
Trending Videos


'भाजपा की जानकारी के बिना विलय संभव नहीं’
फडणवीस ने कहा कि अजित पवार हर महत्वपूर्ण बात मुझे बताया करते थे। क्या एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बातचीत भाजपा की जानकारी के बिना पूरी हो सकती है? हमें 12 फरवरी की किसी तारीख की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि एनसीपी एक स्वतंत्र पार्टी है और अपने फैसले खुद लेती है, लेकिन भाजपा की सहयोगी पार्टी होने के नाते उससे यह अपेक्षा की जाती है कि वह कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले भाजपा से परामर्श करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


'बजट के कारण वित्त विभाग अपने पास रखा'
सुनेत्रा पवार को वित्त विभाग ना देने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि एनसीपी नेताओं से चर्चा के बाद उन्होंने दिवंगत अजित पवार के पास रहे वित्त विभाग का प्रभार फिलहाल अपने पास ही रखा है, क्योंकि राज्य का बजट प्रस्तुत किया जाना है। बजट केवल भाषण देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके लिए कई विभागीय बैठकों की आवश्यकता होती है। सुनेत्रा पवार के लिए इतनी बड़ी जिम्मेदारी तुरंत संभालना संभव नहीं था। बजट सत्र के बाद वित्त विभाग के प्रभार पर निर्णय लिया जाएगा। वही, सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण में जल्दबाजी को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका जवाब एनसीपी को ही देना चाहिए। फैसले परिस्थितियों के अनुसार लिए जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के निधन के बाद राजीव गांधी ने अंतिम संस्कार से पहले ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली थी।
 

प्रफुल्ल पटेल ने किया खंडन
इस बीच, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा, 'मेरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति को लेकर मीडिया में चल रही खबरें पूरी तरह निराधार और असत्य हैं।' पार्टी में किसी भी प्रकार का निर्णय सभी नेताओं से चर्चा के बाद और उचित समय पर ही लिया जाएगा।
 

पीयूष गोयल ने स्वीकार की गलती
प्रफुल्ल पटेल का यह बयान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के उस स्पष्टीकरण के बाद आया, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। गोयल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि एक वरिष्ठ पत्रकार ने उन्हें यह सूचना दी थी कि प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का अध्यक्ष चुना गया है। उन्होंने बिना पुष्टि किए यह बयान दे दिया, लेकिन बाद में पता चला कि यह जानकारी गलत थी। गोयल ने स्पष्ट किया कि एनसीपी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजितदादा पवार के नेतृत्व में काम कर रही है और गलत सूचना देने के लिए उन्होंने खेद व्यक्त किया।

ये भी पढ़ें: राहुल गांधी को निर्मला सीतारमण की चुनौती, बोलीं- मैं उनके साथ डिबेट के लिए तैयार


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed