AI इम्पैक्ट समिट: पीएम मोदी बोले- नई तकनीक पर युवा पीढ़ी का भरोसा अभूतपूर्व है
पीएम मोदी ने एआई के लिए मानव (MANAV) विजन पेश किया। उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी को एआई शिखर सम्मेलन में उपस्थिति को नया आत्मविश्वास पैदा करने वाला बताया। उन्होंने युवा पीढ़ी के एआई को अपनाने को अभूतपूर्व करार दिया।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश है। भारत नई टेक्नोलॉजी भी बनाता है। और इसे बहुत तेजी से अपनाता भी है। भारत में इस समिट का होना भारत के साथ-साथ पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व की बात है। दुनिया के 100 से अधिक देशों का रिप्रेजेंटेशन और दुनिया के कोने-कोने से यहां आने वाले बड़े लोग इसकी सफलता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा, 'नई तकनीकों के प्रति उत्साही चार अरब भारतीयों, आप सभी राष्ट्राध्यक्षों, वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के नेताओं और इनोवेटर्स का मैं इस शिखर सम्मेलन में स्वागत करता हूं। मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं। भारत में इस शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत के साथ-साथ पूरे वैश्विक दक्षिण के लिए गर्व का विषय है। एआई जगत के दिग्गज इस समिति में उपस्थित हैं। विश्व के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और दुनिया के कोने-कोने से आए गणमान्य व्यक्ति इसकी सफलता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।'
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युवा पीढ़ी की उपस्थिति से पैदा हुआ नया आत्मविश्वास : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'इस आयोजन में हमने युवा पीढ़ी की जो उपस्थिति देखी है, उससे एक नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है। आमतौर पर कुछ लोग नई तकनीक को लेकर शुरू में संशय में रहते हैं। लेकिन जिस गति और आत्मविश्वास के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को अपना रही है, उसे अपना रही है, उसका उपयोग कर रही है, वह अभूतपूर्व है।'
उन्होंने कहा, 'यहां एआई शिखर सम्मेलन की प्रदर्शनी को लेकर भी काफी उत्साह देखने को मिला है। विशेष रूप से युवा प्रतिभाएं बड़ी संख्या में आई हैं। कृषि सुरक्षा, दिव्यांगजनों की सहायता और बहुभाषी आबादी की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने वाले यहां प्रस्तुत समाधान, 'मेड इन इंडिया' की शक्ति और इस क्षेत्र में भारत की नवोन्मेषी क्षमताओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं।'
पीएम मोदी ने पेश किया मानव विजन
इस दौरान प्रधानमंत्री ने एआई के लिए मानव (MANAV) विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि एआई के दौर में इंसान सिर्फ डेटा बनकर न रह जाए। उन्होंने कहा कि एआई अगर सही दिशा में चले तो समाधान देगा, लेकिन अगर गलत दिशा में गया तो बड़ी परेशानी भी खड़ी कर सकता है.
उन्होंने मानव का फुल फॉर्म बताते हुए कहा, 'इसमें M का अर्थ एआई नैतिक मूल्यों और एथिकल गाइडलाइन पर आधारित हो। इसका इस्तेमाल सही और जिम्मेदार तरीके से किया जाए।' उन्होंने कहा कि A का अर्थ एआई के लिए पारदर्शी और जिम्मेदार शासन व्यवस्था हो। इसके नियम साफ और जवाबदेही तय हो। उन्होंने N का अर्थ बताते हुए कहा कि जिस देश का डेटा है, उस पर उसी का अधिकार हो। डेटा सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता बेहद जरूरी है।
उन्होंने A का अर्थ बताते हुए कहा कि एआई पर किसी एक देश या कंपनी का एकाधिकार न हो। यह सबके लिए सुलभ और समावेशी हो, खासकर वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए। पीएम मोदी ने V का अर्थ बताते हुए कहा कि एआई का इस्तेमाल कानून के दायरे में हो। यह वैध और विश्वसनीय होना चाहिए।
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