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PM Modi: AI सेक्टर का नया हब बनेगा भारत, पीएम मोदी बोले- दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था भारत में आकार ले रही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 05 Jun 2026 02:11 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है। एयरट्रंक ने भारत में करीब 3 लाख करोड़ रुपये निवेश कर पांच गीगावॉट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। कंपनी के सीईओ रॉबिन खुदा ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे आकर्षक डिजिटल निवेश केंद्रों में शामिल हो चुका है।
एआई की दौड़ में भारत को मिली बड़ी ताकत
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया की बड़ी कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है और अब वैश्विक कंपनियां भारत को भविष्य के बड़े टेक्नोलॉजी केंद्र के रूप में देख रही हैं। इसी कड़ी में एयरट्रंक ने भारत में करीब 3 लाख करोड़ रुपये यानी 30 अरब डॉलर निवेश करने की योजना का ऐलान किया है। कंपनी देश में 5 गीगावॉट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करेगी। इसे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अब तक के सबसे बड़े प्रस्तावित निवेशों में माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने निवेश को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह निवेश भारत को क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के वैश्विक केंद्र के रूप में मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम केंद्र बनता जा रहा है। उनका कहना था कि भविष्य की डिजिटल दुनिया का आकार अब भारत में तय हो रहा है। मोदी ने इसे देश की डिजिटल ताकत और स्थिर नीतियों का बड़ा संकेत बताया।
ये भी पढ़ें- Assam Cabinet: सीएम हिमंत सरमा की नई कैबिनेट में फिर दिखा पुराने चेहरों का दबदबा, जानें कौन-कौन बनें मंत्री
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एयरट्रंक ने भारत को लेकर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया?
एयरट्रंक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉबिन खुदा ने कहा कि अब AI की दौड़ सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत ने खुद को दुनिया के सबसे आकर्षक डिजिटल निवेश केंद्रों में शामिल कर लिया है। रॉबिन खुदा ने कहा कि उनकी कंपनी के इतिहास में यह सबसे बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रमों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले जब कंपनी भारत आई थी, तब की तुलना में अब यहां अवसर और भी बड़े दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि कंपनी भारत में अपने निवेश का दायरा बढ़ा रही है।
डेटा सेंटर और एआई सेक्टर को इससे क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इतने बड़े निवेश से भारत में डेटा सेंटर उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण दुनिया भर में बड़े डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ रही है। भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है और सरकारी सेवाएं भी तेजी से डिजिटल हो रही हैं। ऐसे में बड़े डेटा सेंटर देश की डिजिटल जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे स्टार्टअप, टेक कंपनियों और डिजिटल कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए यह निवेश कितना अहम?
भारत पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल इंडिया, 5G, AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रहा है। सरकार लगातार विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। एयरट्रंक का यह बड़ा निवेश दिखाता है कि वैश्विक कंपनियां भारत को लंबे समय के लिए भरोसेमंद डिजिटल बाजार मान रही हैं। इससे भारत की वैश्विक टेक्नोलॉजी ताकत और मजबूत होगी। साथ ही आने वाले वर्षों में देश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI सेक्टर में दुनिया के बड़े केंद्रों में शामिल हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने निवेश को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह निवेश भारत को क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के वैश्विक केंद्र के रूप में मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम केंद्र बनता जा रहा है। उनका कहना था कि भविष्य की डिजिटल दुनिया का आकार अब भारत में तय हो रहा है। मोदी ने इसे देश की डिजिटल ताकत और स्थिर नीतियों का बड़ा संकेत बताया।
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एयरट्रंक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रॉबिन खुदा ने कहा कि अब AI की दौड़ सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत ने खुद को दुनिया के सबसे आकर्षक डिजिटल निवेश केंद्रों में शामिल कर लिया है। रॉबिन खुदा ने कहा कि उनकी कंपनी के इतिहास में यह सबसे बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रमों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले जब कंपनी भारत आई थी, तब की तुलना में अब यहां अवसर और भी बड़े दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि कंपनी भारत में अपने निवेश का दायरा बढ़ा रही है।
डेटा सेंटर और एआई सेक्टर को इससे क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इतने बड़े निवेश से भारत में डेटा सेंटर उद्योग को नई रफ्तार मिलेगी। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण दुनिया भर में बड़े डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ रही है। भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है और सरकारी सेवाएं भी तेजी से डिजिटल हो रही हैं। ऐसे में बड़े डेटा सेंटर देश की डिजिटल जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे स्टार्टअप, टेक कंपनियों और डिजिटल कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए यह निवेश कितना अहम?
भारत पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल इंडिया, 5G, AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रहा है। सरकार लगातार विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। एयरट्रंक का यह बड़ा निवेश दिखाता है कि वैश्विक कंपनियां भारत को लंबे समय के लिए भरोसेमंद डिजिटल बाजार मान रही हैं। इससे भारत की वैश्विक टेक्नोलॉजी ताकत और मजबूत होगी। साथ ही आने वाले वर्षों में देश डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI सेक्टर में दुनिया के बड़े केंद्रों में शामिल हो सकता है।