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इंडिया ब्लॉक की रैली टालने की मांग: राहुल गांधी बोले- सीईसी को हटाएं पीएम मोदी, 30 सेकंड में रुक जाएगा आंदोलन
Mon, 26 Oct 2026 01:38 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:38 PM IST
सार
दिल्ली में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में राजधानी के व्यापारियों के प्रति समर्थन जताते हुए मेट्रो सेवाओं और सड़कों पर लगी पाबंदियों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी उठाई।
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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया।
राहुल गांधी ने कहा कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य। उन्होंने आगे लिखा कि मोदी जी से कहिए - आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
व्यापारियों ने कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली दिवाली बाद करने की मांग दोहराई
दिल्ली के व्यापारियों ने रामलीला मैदान में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को स्थगित करने की मांग दोहराई है। उन्होंने निर्णय पर विचार करने के संबंध में दिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान का स्वागत किया। साथ ही, व्यापारियों ने कहा कि हमारा निवेदन है कि व्यापार के हित में रैली को दिवाली के बाद आयोजित किया जाए।
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व्यापारियों को दिवाली के त्योहार से पहले कांग्रेस की रैली के कारण भारी नुकसान की आशंका है। मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर बयान दिया कि वे कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा करके ही कोई अंतिम निर्णय लेंगे। हालांकि, राहुल गांधी के हालिया बयान से संकेत मिल रहा है कि विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की रैली रद्द नहीं होगी।
व्यापारियों में खरगे के बयान से जगी थी उम्मीद
इस संबंध में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कहा, "मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान से दिल्ली के व्यापारियों में आशा की किरण जगी है। हम उनके इस संवेदनशील रवैये का दिल से स्वागत करते हैं।"
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा, "व्यापारी संगठन ने मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि आपकी अगली मीटिंग में आप दिवाली के पीक सीजन को देखते हुए दिल्ली के लाखों व्यापारियों की रोजी-रोटी का ख्याल रखते हुए रैली को दिवाली के बाद करने का अंतिम निर्णय लेंगे।"
व्यापारियों का कहना है कि इस साल धनतेरस 6 नवंबर (शुक्रवार) को है। धनतेरस को लेकर ही दिल्ली में सभी सेक्टरों में लगभग 25 हजार करोड़ का कारोबार होता है। इसके बाद 8 नवंबर को दीपावली और 10-11 नवंबर को भैया दूज तक ये पीक सीजन रहता है।
दिल्ली के किन बाजारों में पड़ेगा असर?
उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे में दिल्ली के 20 बड़े-बड़े होलसेल और रिटेल बाजार हैं, जिनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, दरियागंज, कमला मार्केट, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, नया बाजार, आजाद मार्केट, दरीबा ज्वैलरी मार्केट, किनारी बाजार, नबी करीम, करोल बाग, झंडेवालान और जामा मस्जिद शामिल हैं। बाजारों में लगभग 3 लाख व्यापारी व्यापार करते हैं। अगर उनके परिवार के सदस्यों और दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों को जोड़ दिया जाए तो लगभग 15 लाख लोगों की रोजी-रोटी इन 20 बाजारों से जुड़ी हुई है।
सीटीआई ने अपनी मांग करते हुए कहा कि जब 10 लाख लोगों की महारैली होगी तो उसका असर सिर्फ रामलीला मैदान पर नहीं, बल्कि दिल्ली के अन्य बाजारों पर भी पड़ेगा। इससे पूरे दिल्ली के बाजारों में पैनिक पैदा हो सकता है जैसा कि 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुआ था।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन का क्यों आया जिक्र?
संगठन ने कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर हुए धरने-प्रदर्शन में जिस तरह से पूरे दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए थे। पहले ही अक्टूबर में 3 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है। हम नहीं चाहते कि दिवाली पीक सीजन में फिर वही हालात बनें। साथ ही, सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने मल्लिकार्जुन खड़गे से निवेदन किया कि व्यापारियों के हित में रैली को दिवाली के बाद आयोजित किया जाए।
(इनपुट आईएएनएस से भी)
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राहुल गांधी ने कहा कि जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य। उन्होंने आगे लिखा कि मोदी जी से कहिए - आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
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व्यापारियों ने कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली दिवाली बाद करने की मांग दोहराई
दिल्ली के व्यापारियों ने रामलीला मैदान में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को स्थगित करने की मांग दोहराई है। उन्होंने निर्णय पर विचार करने के संबंध में दिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान का स्वागत किया। साथ ही, व्यापारियों ने कहा कि हमारा निवेदन है कि व्यापार के हित में रैली को दिवाली के बाद आयोजित किया जाए।
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To every trader in Delhi: We love you and hear you. The Govt shut the metro, sealed our roads and locked down our capital. With a stolen vote nothing is safe - your shop, your savings, your children’s future. Tell Modi to sack accused no. 4, Gyanesh Kumar and the protests will stop in 30 seconds. दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य। मोदी जी से कहिए - आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 26, 2026
व्यापारियों को दिवाली के त्योहार से पहले कांग्रेस की रैली के कारण भारी नुकसान की आशंका है। मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर बयान दिया कि वे कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी गठबंधन के सहयोगियों के साथ चर्चा करके ही कोई अंतिम निर्णय लेंगे। हालांकि, राहुल गांधी के हालिया बयान से संकेत मिल रहा है कि विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की रैली रद्द नहीं होगी।
व्यापारियों में खरगे के बयान से जगी थी उम्मीद
इस संबंध में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कहा, "मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान से दिल्ली के व्यापारियों में आशा की किरण जगी है। हम उनके इस संवेदनशील रवैये का दिल से स्वागत करते हैं।"
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा, "व्यापारी संगठन ने मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि आपकी अगली मीटिंग में आप दिवाली के पीक सीजन को देखते हुए दिल्ली के लाखों व्यापारियों की रोजी-रोटी का ख्याल रखते हुए रैली को दिवाली के बाद करने का अंतिम निर्णय लेंगे।"
व्यापारियों का कहना है कि इस साल धनतेरस 6 नवंबर (शुक्रवार) को है। धनतेरस को लेकर ही दिल्ली में सभी सेक्टरों में लगभग 25 हजार करोड़ का कारोबार होता है। इसके बाद 8 नवंबर को दीपावली और 10-11 नवंबर को भैया दूज तक ये पीक सीजन रहता है।
दिल्ली के किन बाजारों में पड़ेगा असर?
उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे में दिल्ली के 20 बड़े-बड़े होलसेल और रिटेल बाजार हैं, जिनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, दरियागंज, कमला मार्केट, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, नया बाजार, आजाद मार्केट, दरीबा ज्वैलरी मार्केट, किनारी बाजार, नबी करीम, करोल बाग, झंडेवालान और जामा मस्जिद शामिल हैं। बाजारों में लगभग 3 लाख व्यापारी व्यापार करते हैं। अगर उनके परिवार के सदस्यों और दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों को जोड़ दिया जाए तो लगभग 15 लाख लोगों की रोजी-रोटी इन 20 बाजारों से जुड़ी हुई है।
सीटीआई ने अपनी मांग करते हुए कहा कि जब 10 लाख लोगों की महारैली होगी तो उसका असर सिर्फ रामलीला मैदान पर नहीं, बल्कि दिल्ली के अन्य बाजारों पर भी पड़ेगा। इससे पूरे दिल्ली के बाजारों में पैनिक पैदा हो सकता है जैसा कि 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुआ था।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन का क्यों आया जिक्र?
संगठन ने कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर हुए धरने-प्रदर्शन में जिस तरह से पूरे दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए थे। पहले ही अक्टूबर में 3 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है। हम नहीं चाहते कि दिवाली पीक सीजन में फिर वही हालात बनें। साथ ही, सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने मल्लिकार्जुन खड़गे से निवेदन किया कि व्यापारियों के हित में रैली को दिवाली के बाद आयोजित किया जाए।
(इनपुट आईएएनएस से भी)