Railways: एक लाख वैगन खरीदने की तैयारी में रेलवे,40 हजार करोड़ के टेंडर से बाजार में हलचल, यह मिलेगा फायदा
रेलवे वैगन माल ढुलाई व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा माने जाते हैं। देश में तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और माल परिवहन की जरूरतों को देखते हुए रेलवे अपनी फ्रेट क्षमता बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहा है
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की ओर से एक अहम जानकारी सामने आई है। रेलवे आने वाले तीन से चार वर्षों में मालगाड़ियों के लिए करीब एक लाख नए वैगन खरीदने की तैयारी में है। इस बड़े फैसले से वैगन निर्माण से जुड़ी कंपनियों को लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का कारोबार मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि इससे माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के साथ रेलवे के माल परिवहन नेटवर्क को भी नई मजबूती मिलेगी।
रेलवे का यह नया टेंडर वर्ष 2022 में जारी हुए बड़े प्रोक्योरमेंट टेंडर से भी बड़ा माना जा रहा है। उस समय करीब एक लाख वैगन का ऑर्डर तीन साल की डिलीवरी टाइमलाइन के साथ दिया गया था। रेलवे के नए टेंडर में भी तीन से चार साल की डिलीवरी अवधि रखे जाने की संभावना है। साथ ही ऑर्डर दो या तीन चरणों में जारी किए जा सकते हैं। सूत्रों का कहना है, चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में पहला बड़ा ऑर्डर जारी हो सकता है।
दरअसल, रेलवे वैगन माल ढुलाई व्यवस्था का सबसे अहम हिस्सा माने जाते हैं। देश में तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और माल परिवहन की जरूरतों को देखते हुए रेलवे अपनी फ्रेट क्षमता बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहा है। ऐसे में करीब 40 हजार करोड़ रुपये का यह संभावित टेंडर वैगन निर्माण कंपनियों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
रेलवे की वैगन से जुड़ी इस खबर के सामने आने के बाद ज्यूपिटर वैगन्स, टीटागढ़ रेल सिस्टम और टैक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान इन कंपनियों के शेयर करीब 10 प्रतिशत तक चढ़ गए।