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Rajya Sabha: 'कुछ डेड है तो वह है लोगों का भारत पर भरोसा', राहुल के डेड इकॉनमी वाले बयान पर बरसे देवड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 10 Feb 2026 06:07 PM IST
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सार
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने राज्यसभा में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि कुछ लोगों का देश पर भरोसा खत्म हो गया है। उन्होंने जीएसटी, यूपीआई और व्यापार समझौतों का पर बोलते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया। वहीं, विपक्षी नेताओं ने बजट को गरीब विरोधी और आम जनता की उम्मीदों के खिलाफ बताया।
मिलिंद मुरली देवड़ा
- फोटो : ANI
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विस्तार
शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा ने मंगलवार को संसद में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा की टिप्पणियों से मिलती-जुलती राहुल गांधी की भारत की डेड अर्थव्यवस्था वाली टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए कहा, भारत की अर्थव्यवस्था डेड नहीं है। अगर कुछ डेड हुआ है, तो वह भारत और उसकी अर्थव्यवस्था पर कुछ लोगों का भरोसा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रति सिर्फ उनकी नफरत ही जिंदा है।
सांसद मिलिंद देवड़ा ने क्या कहा?
केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान देवरा ने सवाल उठाया कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था ठप है, तो यूरोपीय संघ ने चीन या अमेरिका के बजाय भारत के साथ सबसे बड़ा व्यापार समझौता क्यों किया? उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दुनिया के सभी देश भारत के साथ अपनी शर्तों पर नहीं, बल्कि हमारी शर्तों पर व्यापार करना चाहते हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, कुछ लोगों ने जानबूझकर हमारी इकॉनमी को डेड कहा है। अगर भारत की इकॉनमी डेड है, तो उन्होंने पूछा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी कैसे है।
देवरा ने अर्थव्यवस्था की मजबूती दिखाने के लिए कई आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा-
विपक्ष को जवाब
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के निजी निवेश में कमी वाले बयान पर देवरा ने कहा कि 2024 में निजी निवेश 6.5 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो 2021 के आंकड़े से 66 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने कड़े कानून बनाकर कारोबार करना मुश्किल कर दिया था और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र की अनदेखी की थी। इस सरकार ने पीएलआई (मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए) का इस्तेमाल किया, जिससे पिछले दस वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग के बारे में सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने आगे कहा कि पीएलआई पर 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे पीएलआई योजना से देश में 12.5 लाख नई नौकरियां पैदा हुई हैं।
अन्य नेताओं ने क्या कहा?
चर्चा में भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने बजट की तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत की ओर एक बड़ा कदम बताया। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने सरकार को घेरा। डीएमके की कनिमोझी ने इसे विफल बजट और गरीब विरोधी करार दिया। कांग्रेस के नीरज डांगी ने कहा कि बजट के दिन शेयर बाजार का गिरना यह दिखाता है कि निवेशक निराश हैं। वहीं, टीएमसी के सुखेंदु शेखर राय ने बेरोजगारी और जूट उद्योगों की समस्याओं पर सरकार की आलोचना की।
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सांसद मिलिंद देवड़ा ने क्या कहा?
केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान देवरा ने सवाल उठाया कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था ठप है, तो यूरोपीय संघ ने चीन या अमेरिका के बजाय भारत के साथ सबसे बड़ा व्यापार समझौता क्यों किया? उन्होंने जोर देकर कहा कि आज दुनिया के सभी देश भारत के साथ अपनी शर्तों पर नहीं, बल्कि हमारी शर्तों पर व्यापार करना चाहते हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, कुछ लोगों ने जानबूझकर हमारी इकॉनमी को डेड कहा है। अगर भारत की इकॉनमी डेड है, तो उन्होंने पूछा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी कैसे है।
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देवरा ने अर्थव्यवस्था की मजबूती दिखाने के लिए कई आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा-
- यूपीआई के माध्यम से भारत में हर दिन 70 करोड़ से ज्यादा डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।
- जन धन योजना के जरिए 50 करोड़ लोग बैंकिंग सिस्टम से जुड़े। सरकार ने सीधे नागरिकों के खातों में 41 लाख करोड़ रुपये भेजे, जिससे लीकेज रुकने से 3.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई।
- साल 2020 में जीएसटी राजस्व 11 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025 में दोगुना होकर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
विपक्ष को जवाब
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के निजी निवेश में कमी वाले बयान पर देवरा ने कहा कि 2024 में निजी निवेश 6.5 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो 2021 के आंकड़े से 66 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने कड़े कानून बनाकर कारोबार करना मुश्किल कर दिया था और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र की अनदेखी की थी। इस सरकार ने पीएलआई (मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए) का इस्तेमाल किया, जिससे पिछले दस वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग के बारे में सोच में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने आगे कहा कि पीएलआई पर 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे पीएलआई योजना से देश में 12.5 लाख नई नौकरियां पैदा हुई हैं।
अन्य नेताओं ने क्या कहा?
चर्चा में भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने बजट की तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत की ओर एक बड़ा कदम बताया। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने सरकार को घेरा। डीएमके की कनिमोझी ने इसे विफल बजट और गरीब विरोधी करार दिया। कांग्रेस के नीरज डांगी ने कहा कि बजट के दिन शेयर बाजार का गिरना यह दिखाता है कि निवेशक निराश हैं। वहीं, टीएमसी के सुखेंदु शेखर राय ने बेरोजगारी और जूट उद्योगों की समस्याओं पर सरकार की आलोचना की।