सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Republic Day Parade: Gujarat will present a 'Vande Mataram' tableau on Kartavya Path

गणतंत्र दिवस परेड: कर्तव्य पथ पर गुजरात प्रस्तुत करेगा 'वंदे मातरम' की झांकी, दिखेगा 150 साल का सफर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद। Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 22 Jan 2026 06:25 PM IST
विज्ञापन
सार

77वें गणतंत्र पर्व में इस साल ‘वंदे मातरम’ गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की निर्माण यात्रा, उसका बदलता स्वरूप और इतिहास की रोचक प्रस्तुति गुजरात की झांकी का मुख्य आकर्षण होगी।  

Republic Day Parade: Gujarat will present a 'Vande Mataram' tableau on Kartavya Path
गुजरात की झांकी (फाइल फोटो) - फोटो : एक्स
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड में गुजरात की झांकी ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ विषय पर आधारित होगी। यह झांकी ‘वंदे मातरम’ गीत की 150वीं वर्षगांठ के संदर्भ में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के निर्माण, उसके ऐतिहासिक विकास और स्वतंत्रता आंदोलन से उसके जुड़ाव को प्रस्तुत करेगी।

Trending Videos


झांकी की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के भाव से होती है, जो स्वदेशी, स्वावलंबन और स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक रहा है। इसमें नवसारी में जन्मी क्रांतिकारिणी मैडम भीकाजी कामा की भूमिका को प्रमुखता से दर्शाया गया है, जिन्होंने 1907 में पेरिस में ‘वंदे मातरम’ अंकित ध्वज फहराया था। यही ध्वज बाद में जर्मनी के स्टटगार्ट और बर्लिन में आयोजित ‘इंडियन सोशलिस्ट कॉन्फ्रेंस’ में भी प्रदर्शित किया गया था। झांकी में मैडम कामा की अर्ध-प्रतिमा के साथ संविधान में सूचीबद्ध भारतीय भाषाओं में ‘वंदे मातरम’ लिखा हुआ दिखाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


झांकी का मध्य भाग भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाता है। इसमें 1906 में कलकत्ता के पारसी बागान में फहराए गए ‘वंदे मातरम’ ध्वज से लेकर 1907 में पेरिस में ध्वज प्रदर्शन, 1917 के होमरूल आंदोलन के दौरान प्रयुक्त ध्वज, 1921 में पिंगली वेंकैया द्वारा प्रस्तावित ध्वज, 1931 में स्वीकृत तिरंगे और अंततः 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा अपनाए गए वर्तमान तिरंगे तक की क्रमबद्ध प्रस्तुति शामिल है। इस क्रम में स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख पड़ावों को भी दृश्य रूप में दिखाया गया है।

झांकी के अंतिम हिस्से में महात्मा गांधी को चरखे के साथ दर्शाया गया है, जो स्वदेशी और स्वावलंबन के विचार का प्रतीक रहा है। इसके साथ एक विशाल धर्म चक्र को भी शामिल किया गया है, जो वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज का केंद्रीय तत्व है।

झांकी को जीवंत बनाने के लिए कलाकार गुजराती साहित्यकार झवेरचंद मेघाणी द्वारा रचित गीत ‘कसुंबी नो रंग’ की लय पर प्रस्तुति देंगे। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की 13 झांकियां शामिल होंगी, जिनकी कुल संख्या 30 होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ के दो वरिष्ठ नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा शामिल होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed