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इस्तीफा देकर भी सेवा में लौट सकते हैं आईएएस: चर्चा में यूपी कैडर की दिव्या मित्तल का मामला; क्या है नियम?

Tue, 01 Sep 2026 06:57 AM IST
निर्मल कांत अजीत खरे, नई दिल्ली।
अजीत खरे, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 01 Sep 2026 06:57 AM IST
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resignation ias return service divya mittal up cadre rules
आईएएस दिव्या मित्तल - फोटो : @divyamittal_IAS 'X' handle
आईएएस की नौकरी छोड़ने वाले चाहे तो फिर सेवा में लौट सकते हैं। अगर समय रहते उनका मन बदल जाए तो आईएएस सेवा में लौटने का विकल्प खुला रहता है। किसी आईएएस का इस्तीफा स्वीकार होना भी कई बातों पर निर्भर करता है। ताजा मामला यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे का है।
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तमिलनाडु कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी अनीश शेखर ने 29 फरवरी 2024 को निजी कारणों से इस्तीफा दिया। उसी साल मई महीने वह दोबारा भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस में लौट आए। आईएएस टॉपर शाह फैसल इस्तीफा देकर राजनीति में सक्रिय हो गए और जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट पार्टी बनाई। इस पर राजनीतिक विवाद भी हुआ। लेकिन इस बीच उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ था। बाद में उन्होंने फिर से सेवा में वापस आने का आवेदन दिया। तीन साल बाद वह वापस आईएएस सेवा में लौट आए।
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क्या है नियम?
असल में अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968 के तहत सरकारी कर्मचारी व अधिकारी सक्रिय रूप से राजनीति में हिस्सा नहीं ले सकते और न ही राजनीतिक दलों से जुड़ सकते हैं। जो आईएएस अधिकारी चुनावी राजनीति में प्रवेश करना चाहते हैं, उसे आम तौर पर सरकारी सेवा से औपचारिक रूप से इस्तीफा देना होता है। यूपी के मुख्य सचिव रहे आलोक रंजन का कहना है कि इस्तीफा स्वीकार करने की लंबी प्रक्रिया होती है और इस बीच अगर अधिकारी चाहे तो दोबारा सेवा में आने का आवेदन दे सकता है। लेकिन इस्तीफा स्वीकार होने के बाद वह सेवा में वापस नहीं आ सकता।
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कन्नन गोपीनाथन ने सात साल पहले दिया इस्तीफा, अब तक स्वीकार नहीं
कन्नन गोपीनाथन ने 2019 में आईएएस से इस्तीफा दिया। उन्होंने यह निर्णय जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में लिया। पिछले साल 13 अक्तूबर को वह कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए। लेकिन उनका इस्तीफा केंद्र ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने हाल में सोशल मीडिया पर लिखा, शायद मैं सबसे विशेषाधिकार प्राप्त सरकारी कर्मचारी हूं। मैं जब चाहूं अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर सकता हूं, जब चाहूं विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा ले सकता हूं और सरकार ने मुझे पूरी आजादी दे रखी है। न वेतन, न निलंबन, कुछ भी नहीं। इस्तीफा दिए सात साल हो गए हैं।


शशिकांत सेंथिल आईएएस से इस्तीफा देकर बन गए सांसद
तमिलनाडु कैडर के आईएएएस शशिकांत सेंथिल ने भी 2019 में इस्तीफा दिया था। इसे स्वीकार किए जाने में लगभग तीन साल लगे। सेंथिल बाद में कांग्रेस में शामिल होकर तमिलनाडु के तिरुवल्लूर से पिछला लोकसभा चुनाव लड़े और जीतकर संसद पहुंच गए। महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा व औषधि विभाग में संयुक्त सचिव व 2008 बैच के आईएएस अफसर दौलत देसाई ने इस्तीफा दिया। लेकिन उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ।
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